यूपीएससी टॉपर्स के पास कितनी प्रॉपर्टी, जानिए टीना डाबी, कनिष्क कटारिया और गौरव अग्रवाल का पूरा विवरण
Jaipur: राजस्थान कैडर के आईएएस अधिकारियों के सार्वजनिक हुए संपत्ति विवरण ने प्रशासनिक गलियारों में एक नई चर्चा छेड़ दी है। इस विवरण से यह दिलचस्प तथ्य सामने आया है कि देश की सबसे प्रतिष्ठित सिविल सेवा परीक्षा में टॉप करने वाले अधिकारी संपत्ति बनाने के मामले में एक-दूसरे से काफी अलग हैं। यहां जिक्र कर रहे हैं अपने समय के यूपीएससी रहे टॉपर टीना डाबी, कनिष्क कटारिया और गौरव अग्रवाल के संपत्ति विवरण की।
टॉपर अनुज अग्निहोत्री का इंतजार
राजस्थान के खाते में हाल ही में एक और बड़ी उपलब्धि आई है। रावतभाटा के अनुज अग्निहोत्री ने यूपीएससी 2025 में ऑल इंडिया पहली रैंक हासिल कर प्रदेश का मान बढ़ाया है। हालांकि, राजस्थान को उनका साथ नहीं मिलेगा, क्योंकि उन्होंने हरियाणा कैडर को अपनी प्राथमिकता दी है। फिलहाल उनकी नियुक्ति प्रक्रिया पाइपलाइन में है।
तीन टॉपर्स, तीन अलग कहानियां
राजस्थान में 12 साल के दौरान यूपीएससी टॉपर रहे तीन आईएएस अधिकारी वर्तमान में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दिलचस्प बात यह है कि सोशल मीडिया की सुर्खियों में रहने वाली टीना डाबी और कनिष्क कटारिया के पास शून्य संपत्ति है, वहीं, गौरव अग्रवाल ने अपने कार्यकाल में निवेश पर ध्यान दिया है
कटारिया के पास संपत्ति नहीं
आईएएस कनिष्क कटारिया (टॉपर 2018): भरतपुर विकास प्राधिकरण (बीडीए) में कमिश्नर के रूप में कार्यरत कनिष्क कटारिया ने भी अपने विवरण में खुद के नाम पर कोई संपत्ति नहीं दर्शाई है।
टीना डाबी ने लिखा-'निल'
IAS टीना डाबी (टॉपर 2016): इस समय बाड़मेर जिला कलेक्टर के पद पर कार्यरत टीना डाबी ने अपने संपत्ति विवरण में 'निल' लिखा है। यानी उनके नाम पर वर्तमान में कोई भी अचल संपत्ति (मकान या जमीन) दर्ज नहीं है।
गौरव अग्रवाल ने जयपुर में किया निवेश
आईएएस गौरव अग्रवाल (टॉपर 2014): जोधपुर कलेक्टर गौरव अग्रवाल अन्य टॉपर्स से कुछ अलग दिखते हैं। उन्होंने जयपुर के प्राइम लोकेशन पर निवेश किया है।
संपत्ति विवरण के अनुसार गौरव अग्रवाल ने जयपुर के सांगानेर इलाके में महत्वपूर्ण निवेश किया है। उन्होंने जयपुर के सांगानेर में रिंग रोड के पास अपनी संपत्तियों की कुल कीमत 51.32 लाख रुपए दिखाई है।
आईएएस गौरव के पास सांगानेर के खेतापुरा गांव में चार आवासीय भूखंड हैं। इनका कुल साइज 1675 वर्ग मीटर है। इन भूखंड़ों की बाजार कीमत लगभग 32.42 लाख रुपए है।
इसी तरह सूरजपुरा गांव में उनके पास 300 वर्गमीटर का एक भूखंड है। इसकी कीमत 21 लाख रुपए दर्शाई गई है।
इधर, मोटी संपत्ति वाले अधिकारी भी
प्रदेश के 281 आईएएस अधिकारियों के संपत्ति ब्योरे की पड़ताल में सामने आया कि सीनियर आईएएस अफसरों में सबसे रईस अतिरिक्त मुख्य सचिव आईएएस अम्बरीश कुमार और आईएएस शिखर अग्रवाल हैं, वहीं मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास संपत्ति के मामले में सबसे निचले पायदान पर हैं। 1993 बैच के आईएएस अधिकारी अम्बरीश कुमार की 20.60 करोड़ रुपये की संपत्ति आंकी गई है। उनके पास पंजाब में गोदाम, 9 बीघा जमीन, 822 गज का प्लॉट और जयपुर में जमीन व फार्म हाउस शामिल हैं। दिलचस्प बात यह है कि इस संपत्ति से उन्हें सालाना 4.90 लाख रुपये की आय भी हो रही है।
अम्बरीश के ठीक बाद 1993 बैच के ही आईएएस अधिकारी शिखर अग्रवाल का नाम है। उनकी संपत्ति का कुल मूल्य 11.56 करोड़ रुपये है। उनके पास उदयपुर, जयपुर और अलवर जैसे शहरों में प्लॉट, फार्म हाउस और होटल हैं। इतना ही नहीं, संपत्तियों से होने वाली उनकी सालाना आय भी रिकॉर्ड 88 लाख रुपये है, जो राज्य के अन्य अधिकारियों की तुलना में काफी अधिक है।
मुख्य सचिव के पास 10 लाख रुपए की संपत्ति
राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास (1989 बैच) की संपत्ति का आंकड़ा काफी दिलचस्प है। संपत्ति विवरण के अनुसार उनके पास मात्र 10.30 लाख रुपये की अचल संपत्ति है, जो उन्होंने 1991-92 में खरीदी थी। केंद्रीय डेपुटेशन पर चल रहे IAS सुधांश पंत की संपत्ति में नैनीताल का पैतृक मकान और जयपुर के फ्लैट और प्लॉट शामिल हैं, जिससे उन्हें सालाना 31.60 लाख रुपये का किराया मिलता है।
संपत्ति से हो रही है मोटी कमाई
आंकड़ों का विश्लेषण करें तो पता चलता है कि राजस्थान के अधिकांश आईएएस अधिकारी न केवल संपत्ति के मालिक हैं, बल्कि उन संपत्तियों से अच्छी खासी सालाना कमाई भी कर रहे हैं। भास्कर ए. सावंत की संपत्ति 2.15 करोड़ रुपये है, जिससे उन्हें सालाना 20.55 लाख रुपये की आय हो रही है। वहीं तन्मय कुमार की संपत्ति का खरीद मूल्य 1.35 करोड़ रुपये है और उनकी सालाना आय 7.50 लाख रुपये है।
रियल एस्टेट में अफसरों का बड़ा निवेश
पड़ताल में यह भी सामने आया कि 20 साल से अधिक की सेवा करने वाले अधिकारियों ने रियल एस्टेट में भारी निवेश किया है। जयपुर, उदयपुर और दिल्ली एनसीआर जैसे क्षेत्र इन अधिकारियों की पहली पसंद बना हुआ है।
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