राजस्थान में भारत-पाक सीमा पर रात 7 बजे से सुबह 6 बजे तक आवाजाही बंद, 12 गांवों में दो महीने बढ़ीं पाबंदियां
खाजूवाला और बज्जू के सीमावर्ती इलाकों में पाबंदी
प्रशासन की ओर से जारी आदेश बीकानेर की खाजूवाला और बज्जू तहसीलों के सीमावर्ती क्षेत्रों में लागू किए गए हैं। इन इलाकों में सुरक्षा एजेंसियां घुसपैठ, तस्करी, जासूसी और संदिग्ध गतिविधियों को रोकने के लिए निगरानी रखेंगी।
रात के प्रतिबंधित समय में बिना अनुमति घूमने या आवागमन करने वाले लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। जरूरी काम से बाहर निकलने वाले ग्रामीणों को पहले संबंधित सुरक्षा चौकी या पुलिस से अनुमति लेनी होगी।
भारत-पाक सीमा के 12 गांवों में लागू रहेंगे प्रतिबंध
प्रशासन ने खाजूवाला और बज्जू तहसीलों के अंतर्गत आने वाले 12 सीमावर्ती गांवों को प्रतिबंधित क्षेत्र में शामिल किया है।
इन गांवों के नाम हैं:
- बल्लर
- गुलामअलीवाला
- सियासर चौगान
- बेरियांवाली
- करमवाला
- गज्जेवाला
- रणजीतपुरा
- सांचू
- अन्नेवाला
- कबरेवाला
- भूरासर
- मगनवाला
इन गांवों में रात के समय बिना वैध अनुमति आवाजाही करने पर कार्रवाई हो सकती है। जरूरी काम के लिए नजदीकी बीएसएफ या बॉर्डर आउट पोस्ट (बीओपी) से अनुमति लेना अनिवार्य होगा।
पाकिस्तानी सिम के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक
सीमावर्ती इलाकों में पाकिस्तानी मोबाइल नेटवर्क की पहुंच को देखते हुए पाकिस्तानी लोकल सिम के इस्तेमाल पर प्रतिबंध जारी रहेगा। प्रशासन के मुताबिक पाकिस्तान के मोबाइल टावरों का नेटवर्क भारतीय सीमा में 3 से 4 किलोमीटर तक पहुंच सकता है। ऐसे में पाकिस्तानी सिम के जरिए संपर्क स्थापित करने पर रोक लगाई गई है।
इसके अलावा बज्जू, पूगल, रणजीतपुरा, खाजूवाला और छतरगढ़ क्षेत्रों में पाकिस्तान के टेलीफोन कंट्री कोड 0092 से आने और जाने वाली अंतरराष्ट्रीय कॉल का रिकॉर्ड BSNL की ओर से रखा जाएगा। जरूरत पड़ने पर संबंधित अधिकारियों को यह जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।
नया सिम लेने से पहले होगा पहचान पत्रों का सत्यापन
सीमावर्ती इलाकों में मोबाइल सिम जारी करने के नियम भी सख्त किए गए हैं। मोबाइल कंपनियों और अधिकृत दुकानदारों को नया सिम देने से पहले ग्राहक के पहचान संबंधी दस्तावेजों का मूल प्रतियों से मिलान करना होगा। इसके तहत आवेदन पत्र, फोटो, आधार कार्ड, राशन कार्ड, मतदाता पहचान पत्र और बिजली-पानी के बिल जैसे दस्तावेजों की जांच की जाएगी।
सत्यापन पूरा होने के बाद ही नया सिम एक्टिवेट किया जा सकेगा। किसी संदिग्ध आवेदक या फर्जी दस्तावेज मिलने पर संबंधित पुलिस थाने को सूचना देना अनिवार्य होगा।
बाहरी राज्यों के मजदूरों का भी होगा पुलिस वेरिफिकेशन
सीमावर्ती क्षेत्रों में कृषि कार्य, जिप्सम खनन और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों में लगे बाहरी राज्यों के श्रमिकों के लिए भी निर्देश जारी किए गए हैं।
- श्रमिकों का पुलिस चरित्र सत्यापन करवाना होगा।
- मूल निवास और पहचान पत्र की प्रतियां जमा करानी होंगी।
- दस्तावेज नजदीकी बीएसएफ चौकी और पुलिस थाने में देने होंगे।
- काम के दौरान श्रमिकों को अपना पहचान पत्र साथ रखना होगा।
इन निर्देशों का उद्देश्य सीमावर्ती इलाकों में काम करने वाले लोगों की पहचान सुनिश्चित करना है।
व्हाट्सऐप ग्रुप एडमिन को भी दिए गए निर्देश
प्रशासन ने सोशल मीडिया के इस्तेमाल को लेकर भी सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं। व्हाट्सऐप ग्रुप एडमिन को किसी अनजान व्यक्ति को बिना जानकारी के ग्रुप में शामिल नहीं करने की हिदायत दी गई है।
सामरिक और रणनीतिक महत्व की सूचनाओं के आदान-प्रदान पर भी नजर रखी जाएगी। ऐसी सूचनाएं लीक होने की स्थिति में ग्रुप एडमिन की जिम्मेदारी तय की जा सकती है।
यह खबर क्यों जरूरी है?
भारत-पाकिस्तान सीमा से सटे इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों और वहां काम करने वाले श्रमिकों के लिए ये आदेश सीधे तौर पर महत्वपूर्ण हैं। रात के समय आवाजाही, मोबाइल सिम, कॉल रिकॉर्ड और बाहरी श्रमिकों के सत्यापन को लेकर प्रशासन ने कई नियम लागू रखे हैं। स्थानीय लोगों को जरूरी काम के लिए पहले अनुमति लेने और अपने पहचान दस्तावेज साथ रखने पर ध्यान देना होगा।
आगे क्या?
अब सीमावर्ती क्षेत्रों में प्रशासन, पुलिस और बीएसएफ की निगरानी जारी रहेगी। ग्रामीणों, मोबाइल विक्रेताओं और बाहरी श्रमिकों को नए निर्देशों का पालन करना होगा। आदेशों का उल्लंघन करने पर संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।