गढ़ गणेश मंदिर पर रोप-वे का रास्ता हुआ साफ, जानें पूरी खबर

Mukesh Sharma | Mar 11, 2026, 23:24 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान हाईकोर्ट ने जयपुर के ब्रह्मपुरी स्थित गढ़ गणेश मंदिर पर रोप-वे के निर्माण के रास्ते को साफ कर दिया है। कोर्ट ने उस याचिका को निस्तारित कर दिया, जिसके कारण रोप-वे के निर्माण पर रोक लगी हुई थी।

News In Short

  • सिर्फ तीन मिनट में पहुंचेगी मंदिर
  • डेढ़ साल बाद हाई कोर्ट की रोक हटी
  • महेश जोशी को उद्घाटन करने से रोक दिया था
  • रोप-वे के निर्माण से श्रद्धालुओं को 365 सीढ़ियों की चढ़ाई से छुटकारा मिलेगा।
  • रोप-वे से श्रद्धालु अब केवल 3 मिनट में मंदिर पहुंच सकेंगे, ट्रॉली में 6 लोग बैठ सकेंगे।

News In Detail

जयपुर के ब्रह्मपुरी स्थित गढ़ गणेश मंदिर पर रोप-वे बनाने का रास्ता साफ हो गया हैं। हाईकोर्ट ने इस मामले में लगी याचिका को निस्तारित करते हुए करीब डेढ़ साल पहले रोप-वे निर्माण पर लगाई गई रोक (यथास्थिति) को हटा लिया हैं।



जस्टिस गणेश राम मीणा की अदालत ने दामोदर रोपवेज की याचिका को मेंटिनेबल (चलने योग्य) नहीं मानते हुए उसे निस्तारित कर दिया। वहीं याचिकाकर्ता को 15 दिन में राज्य सरकार के समक्ष अपील दायर करने की छूट भी दी हैं। इस याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने 1 अगस्त 2024 को रोप-वे के निर्माण पर यथास्थिति के आदेश दिए थे।



जिससे रोप-वे के निर्माण का काम रूका हुआ था। लेकिन अब याचिका खारिज होने के बाद एक बार फिर रोप-वे का काम शुरू हो सकेगा।



अक्टूबर-2023 में रोप-वे का शिलान्यास और भूमि पूजन कार्यक्रम भी काफी चर्चा में रहा था। पूर्व जलदाय मंत्री डॉ. महेश जोशी जब इस रोप-वे का शिलान्यास करने पहुंचे, तो राज्य में चुनाव आचार संहिता लागू होने के कारण अधिकारियों ने उन्हें शिलान्यास से रोक दिया था।



जिसे लाइसेंस दिया, उसके पास अनुभव नहीं

मंदिर श्री गढ़ गणेश जी ट्रस्ट की ओर से पैरवी करते हुए अधिवक्ता अभि गोयल और एएजी जीएस गिल ने कहा कि रोपवे अधिनियम की धारा 22 के तहत कलक्टर के आदेश के खिलाफ राज्य सरकार के समक्ष अपील की जाएगी। ऐसे में वैकल्पिक उपाय उपलब्ध होने के कारण याचिका को खारिज किया जाए।



वहीं याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि सरकार ने मंदिर ट्रस्ट को रोप-वे निर्माण की अनुमति दी थी, लेकिन ट्रस्ट ने इसका काम मैसर्स शिवम प्राइम इन्फ्रा को सौंप दिया। जबकि इस कंपनी ने रोपवे निर्माण के लिए कभी आवेदन ही नहीं किया था।



जिस कंपनी को रोप-वे का काम सौंपा गया था, उसके पास रोप-वे निर्माण का कोई अनुभव भी नहीं हैं। इस पूरी प्रक्रिया में आरटीपीपी एक्ट की पालना भी नहीं की गई हैं। दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद कोर्ट ने याचिका को निस्तारित कर दिया।



श्रृद्धालुओं को 365 सीढ़ियां नहीं चढ़नी पड़ेगी

जयपुर में सामोद और खोले के हनुमान जी मंदिर के बाद अब गढ़गणेश मंदिर पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए रोप-वे बनाया जा रहा हैं। इसके बनने के बाद जयपुर में बिना सूंड वाले बालरूप भगवान श्रीगणेश के दर्शनों के लिए श्रृद्धालुओं को 365 खड़ी सीढ़ियों की चढ़ाई नहीं करनी पड़ेगी।



श्रृद्धालु केवल तीन मिनट में मंदिर पहुंच सकेंगे। यहां बनने वाले रोप-वे 6 ट्रॉलिया का सेटअप लगेगा और एक ट्रॉली में 6 व्यक्ति एक साथ बैठ सकेंगे। ये ट्रॉली 3 मिनट में गढ़-गणेश मंदिर तक पहुंच जाएगी। इस ट्रॉली का मैन स्टैण्ड गेटोर की छत्रियों पर बनाया जाएगा।



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