निकाय चुनाव में जीत के बाद BJP मुख्यालय पहुंचे CM भजनलाल, कार्यकर्ताओं ने मनाया जश्न
समझें क्या है पूरा मामला
- निकाय चुनाव जीत पर BJP मुख्यालय पहुंचे CM भजनलाल
- 7 में से 6 नगर निगमों में BJP का कब्जा
- पाली में उलटफेर, निर्दलीयों के दम पर मिली जीत
- बीकानेर में कांग्रेस ने रोका भाजपा का विजय रथ
- अब जयपुर-जोधपुर-कोटा पर टिकी सबकी निगाहें
राजस्थान में नगर निकायों के प्रमुख पदों के चुनाव में भाजपा के प्रदर्शन के बाद सोमवार शाम जयपुर स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में जश्न का माहौल रहा। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भाजपा मुख्यालय पहुंचे, जहां पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। जीत से उत्साहित कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी कर जश्न मनाया।
प्रदेश में सोमवार को नगर निगमों में मेयर और दूसरे नगरीय निकायों में अध्यक्ष-सभापति पद के लिए चुनाव हुए। पांच नगर निगमों में हुए मेयर चुनाव में भाजपा ने अजमेर, पाली, उदयपुर और अलवर में जीत दर्ज की। वहीं, बीकानेर में कांग्रेस ने मेयर पद अपने नाम किया।
CM के पहुंचते ही कार्यकर्ताओं में दिखा जोश
निकाय प्रमुखों के चुनाव के नतीजे आने के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भाजपा प्रदेश कार्यालय पहुंचे। मुख्यमंत्री के पहुंचते ही वहां मौजूद कार्यकर्ताओं और नेताओं में उत्साह दिखाई दिया। कार्यकर्ताओं ने नारे लगाकर जीत का जश्न मनाया।
इस दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ सहित पार्टी के नेता और पदाधिकारी भी मौजूद रहे। निकाय चुनाव के परिणामों के बाद भाजपा नेतृत्व लगातार इसे सरकार के काम और संगठन की मेहनत से जोड़ रहा है।
7 नगर निगमों में 6 मेयर BJP के
सोमवार को सबसे ज्यादा नजर पांच नगर निगमों के मेयर चुनाव पर थी। अजमेर में भाजपा की अनामिका सोनी ने 43 वोट हासिल कर कांग्रेस की किरण गढ़वाल को हराया। पाली में भाजपा ने संख्या बल से आगे निकलकर बड़ा उलटफेर किया। यहां भाजपा की नमिता बुबकिया को 33 वोट मिले, जबकि पार्टी के केवल 21 पार्षद चुनाव जीते थे। निर्दलीय पार्षदों के समर्थन ने भाजपा की जीत में अहम भूमिका निभाई।
उदयपुर में भाजपा के पारस सिंघवी को 55 वोट मिले, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी को 25 वोट मिले। अलवर में भाजपा की सुमनलता अग्रवाल 42 वोट लेकर मेयर बनीं।
बीकानेर में कांग्रेस ने रोका BJP का विजय रथ
हालांकि बीकानेर में भाजपा को हार का सामना करना पड़ा। यहां कांग्रेस के अनिल कल्ला मेयर चुने गए। उन्हें 50 वोट मिले, जबकि भाजपा प्रत्याशी सुरेंद्र सिंह शेखावत को 30 वोट मिले। इस तरह पांच नगर निगमों में से चार भाजपा और एक कांग्रेस के खाते में गया।
भरतपुर और भीलवाड़ा में भाजपा प्रत्याशी पहले ही निर्विरोध मेयर चुने जा चुके हैं। इसके साथ अब तक तय हुए सात नगर निगमों में छह मेयर भाजपा और एक कांग्रेस का है।
अब जयपुर-जोधपुर-कोटा पर नजर
राजस्थान के तीन बड़े नगर निगम जयपुर, जोधपुर और कोटा का फैसला अभी बाकी है। इन नगर निगमों के कुछ वार्डों में दोबारा मतदान के कारण मेयर चुनाव की प्रक्रिया आगे खिसकी है। यहां 25 सितंबर को मेयर चुनाव होना है।
ऐसे में सोमवार की जीत के बाद भाजपा मुख्यालय में हुआ जश्न पार्टी के लिए निकाय चुनाव के अगले चरण से पहले शक्ति प्रदर्शन के तौर पर भी दिखाई दिया।
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