राजस्थान में मुख्यमंत्री कृषक साथी सहायता योजना: जानें किसानों को कैसे मिलती है आर्थिक सहायता?

Jageshwar prasad | Sept 25, 2026, 17:52 IST
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राजस्थान सरकार ने किसानों और खेत मजदूरों के लिए मुख्यमंत्री कृषक साथी सहायता योजना शुरू की है, जो उन्हें आर्थिक सुरक्षा प्रदान करती है। यह योजना आकस्मिक परिस्थितियों में होने वाली मृत्यु या गंभीर चोट के लिए वित्तीय सहायता देती है, जिसमें राशि ₹5,000 से लेकर ₹2,00,000 तक हो सकती है।

राजस्थान में खेती-किसानी करते समय दुर्घटना का शिकार होने वाले किसानों, खेतिहर मजदूरों और मंडी श्रमिकों के लिए राज्य सरकार की मुख्यमंत्री कृषक साथी सहायता योजना एक बड़ा सहारा है। इस योजना के तहत दुर्घटना में मृत्यु, अंगभंग या गंभीर चोट लगने की स्थिति में ₹5,000 से लेकर ₹2,00,000 तक की आर्थिक सहायता दी जाती है।



यह योजना उस समय किसी संजीवनी से कम नहीं होती जब कमाने वाला सदस्य घायल हो जाए या उसकी मृत्यु हो जाए। जानकारी के अभाव में कई परिवार इस मदद से वंचित रह जाते हैं, इसलिए इस योजना की पूरी जानकारी होना बेहद जरूरी है।



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इस योजना का उद्देश्य क्या है?

इस योजना का मुख्य उद्देश्य कृषकों, खेतीहर मजदूरों और मंडी श्रमिकों को कृषि या कृषि विपणन कार्य करते समय दुर्घटना में अंगभंग या मृत्यु की स्थिति में वित्तीय सहायता प्रदान करना है। हादसे के बाद परिवार को तत्काल आर्थिक मदद उपलब्ध करवाना इसका लक्ष्य है।



किन परिस्थितियों में कितनी सहायता राशि मिलती है?

दुर्घटना की गंभीरता के अनुसार सहायता राशि इस प्रकार है:



दुर्घटना की स्थितिसहायता राशि
मृत्यु होने पर₹2,00,000
दो अंग (दोनों हाथ, पैर, आंख) कटने पर₹50,000
रीढ़ की हड्डी टूटना / कोमा में जाना₹50,000
सिर के बालों की पूर्ण डी-स्केल्पिंग₹40,000
दो अंडकोष छिन्न-भिन्न होने पर₹40,000
आंशिक डी-स्केल्पिंग (बालों का छोटा भाग)₹25,000
एक अंग (हाथ, पैर, आंख) कटने पर₹25,000
एक अंडकोष छिन्न-भिन्न होने पर₹25,000
चार अंगुली कटने पर₹20,000
तीन अंगुली कटने पर₹15,000
दो अंगुली कटने पर₹10,000
मंडी में फ्रैक्चर होने पर₹10,000
एक अंगुली कटने पर₹5,000

योजना के लिए पात्रता क्या है?

इस योजना का लाभ लेने के लिए निम्नलिखित शर्तें पूरी करनी होंगी:



  • राजस्थान का मूल निवासी हो।
  • किसान, खेतीहर मजदूर या मंडी समिति से अनुज्ञापत्रधारी प्राप्त श्रमिक हो।
  • लाभार्थी की न्यूनतम आयु 15 वर्ष और अधिकतम आयु 70 वर्ष होनी चाहिए।
  • किसान का नाम कृषक पंजीयन पोर्टल पर दर्ज होना चाहिए।

क्या किराए की जमीन पर काम करने वाले मजदूर भी पात्र हैं?

हां, लाभ पाना केवल मंडी में काम करने वालों तक सीमित नहीं है। खेत में काम करने वाला हर किसान या खेत मजदूर, चाहे वह अपनी जमीन पर काम करता हो या किराए पर ली जमीन पर, यथा-प्रमाण होने पर मदद का हकदार है। आवेदन के समय खुद की जमीन का प्रमाण या किराए पर ली जमीन का प्रूफ देना आवश्यक है।



आवेदन कैसे करें?

आवेदन की प्रक्रिया ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से उपलब्ध है:



  1. संबंधित मंडी समिति में जाएं जहां दुर्घटना हुई है।
  2. जन आधार के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करें।
  3. SSO पोर्टल या राज किसान साथी प्लेटफॉर्म पर भी आवेदन किया जा सकता है।
  4. आधार या भामाशाह ID से लॉगिन करें।
  5. Raj Kisan टैब में जाकर Application Entry Request विकल्प चुनें।
  6. दस्तावेज अपलोड करके सबमिट करें।

महत्वपूर्ण: आवेदन घटना के 6 महीने के भीतर करना जरूरी है।



आवेदन के लिए कौन-कौन से दस्तावेज चाहिए?

दुर्घटना की प्रकृति के अनुसार दस्तावेज अलग-अलग होते हैं:



स्थितिआवश्यक दस्तावेज
अंगभंग की स्थिति मेंचिकित्साधिकारी का प्रमाण-पत्र, इलाज से संबंधित दस्तावेज
मृत्यु की स्थिति मेंएफ.आई.आर. रिपोर्ट, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मृत्यु प्रमाण पत्र
सर्पदंश/जहरीले जानवर के काटने परराजकीय चिकित्सक का प्रमाण-पत्र, पंचनामे पर राजकीय चिकित्सक के हस्ताक्षर
सामान्य दस्तावेजआधार कार्ड, भामाशाह कार्ड, बैंक पासबुक

आवेदन के बाद कितने दिन में सहायता राशि मिलती है?

आवेदन में समस्त आवश्यक दस्तावेज पूरे होने पर 15 दिवस के भीतर भुगतान की कार्रवाई की जाती है। मण्डी स्तरीय सहायता समिति निर्णय लेती है और राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाती है।



क्या जहरीले जीव के काटने या पेड़ से गिरने पर भी सहायता मिलती है?

हां, योजना में जहरीले जीव के काटने से हुई मृत्यु, पेड़ से गिरने से मौत और कृषि यंत्रों के उपयोग के दौरान हुई दुर्घटनाओं पर भी सहायता दी जाती है। सर्पदंश, जहरीले जानवर के काटने और ऊँट के काटने की स्थिति में राजकीय चिकित्सक के प्रमाण-पत्र तथा पंचनामे पर राजकीय चिकित्सक के हस्ताक्षर से भी भुगतान किया जाता है।



मंडी श्रमिकों के लिए अन्य क्या सुविधाएं हैं?

महात्मा ज्योतिबा फुले मंडी श्रमिक कल्याण योजना के तहत मंडी कर्मियों को अतिरिक्त लाभ भी मिलते हैं:



  • बेटी की शादी पर: ₹75,000 की सहायता
  • बच्चों के अच्छे अंक लाने पर: ₹3,000 से ₹10,000 तक की वार्षिक शिक्षा सहायता

अधिक जानकारी के लिए कहां संपर्क करें?

दुर्घटना जिस क्षेत्र में होती है, वहां की नजदीकी कृषि मंडी समिति में आवेदन किया जाता है। अधिक जानकारी के लिए अपनी नजदीकी मंडी समिति कार्यालय से संपर्क करें।



सारांश तालिका

विवरणजानकारी
योजना का नाममुख्यमंत्री कृषक साथी सहायता योजना
उद्देश्यखेती/कृषि विपणन कार्य में दुर्घटना पर वित्तीय सहायता
सहायता राशि₹5,000 से ₹2,00,000 तक
पात्रताराजस्थान के किसान, खेतीहर मजदूर, मंडी श्रमिक (आयु 15-70 वर्ष)
आवेदन स्थानसंबंधित मंडी समिति / राज किसान साथी पोर्टल / SSO पोर्टल
आवेदन की समय सीमाघटना के 6 महीने के भीतर
भुगतान समय15 दिन (दस्तावेज पूरे होने पर)
आवश्यक दस्तावेजFIR, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, चिकित्सकीय प्रमाण-पत्र, आधार कार्ड, बैंक विवरण
भुगतान माध्यमसीधे बैंक खाते में (DBT)

सुझाव: यदि आपके परिवार या जान-पहचान में किसी किसान या खेत मजदूर के साथ खेती के दौरान दुर्घटना हो जाए, तो तुरंत नजदीकी मंडी समिति में संपर्क करें और 6 महीने के भीतर आवेदन करें। जानकारी के अभाव में कई परिवार इस मदद से वंचित रह जाते हैं।



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