राजस्थान NEET काउंसलिंग: सरकारी MBBS सीट 569 अंक पर, प्राइवेट में 177 पर एडमिशन
राजस्थान में MBBS और BDS एडमिशन के स्ट्रे वैकेंसी राउंड का रिजल्ट जारी होने के बाद सरकारी और प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों की सीटों को लेकर बड़ा अंतर सामने आया है। सरकारी फीस वाली MBBS सीट पर जनरल कैटेगरी के अभ्यर्थी को 569 अंक और 23,931 रैंक पर सीट अलॉट हुई, जबकि प्राइवेट मेडिकल कॉलेज में जनरल सीट का न्यूनतम स्कोर 177 अंक रहा। इसके बावजूद प्राइवेट कॉलेजों में 164 MBBS और 24 BDS सीटें खाली रह गईं।
स्ट्रे वैकेंसी राउंड में सभी सरकारी सीटों का अलॉटमेंट
राजस्थान स्टेट मेडिकल एंड डेंटल काउंसलिंग बोर्ड ने गुरुवार रात NEET UG 2026 के आधार पर MBBS और BDS एडमिशन के स्ट्रे वैकेंसी राउंड का रिजल्ट जारी किया। इस राउंड में सरकारी फीस वाली MBBS की 6 सीटों पर अलॉटमेंट हुआ। इसके अलावा सरकारी और राजमेस कॉलेजों की मैनेजमेंट फीस वाली MBBS की 3 सीटें और सरकारी फीस वाली BDS की 4 सीटें भी आवंटित की गईं। उपलब्ध सीटों का अलॉटमेंट अभ्यर्थियों की कैटेगरी के अनुसार किया गया।
जनरल कैटेगरी में 569 अंक पर सरकारी MBBS सीट
सरकारी फीस वाली MBBS सीट के लिए जनरल बॉयज कैटेगरी की क्लोजिंग रैंक 23,931 रही, जबकि NEET UG स्कोर 569 अंक रहा। जनरल गर्ल्स कैटेगरी में 573 अंक और 21,491 रैंक पर सीट अलॉट हुई। तीसरे राउंड में जनरल कैटेगरी की सीट 573 अंक और 21,835 रैंक पर मिली थी। इस तरह स्ट्रे वैकेंसी राउंड में क्लोजिंग स्कोर 4 अंक नीचे आया।
कैटेगरी के अनुसार सरकारी MBBS की क्लोजिंग रैंक
सरकारी और राजमेस कॉलेजों में सरकारी फीस वाली MBBS सीटों के लिए अलग-अलग कैटेगरी की क्लोजिंग रैंक और अंक इस प्रकार रहे:
- जनरल बॉयज: 23,931 रैंक, 569 अंक।
- जनरल गर्ल्स: 21,491 रैंक, 573 अंक।
- ओबीसी बॉयज: 24,644 रैंक, 568 अंक।
- ओबीसी गर्ल्स: 26,378 रैंक, 565 अंक।
- ईडब्ल्यूएस बॉयज: 28,849 रैंक, 561 अंक।
- ईडब्ल्यूएस गर्ल्स: 28,664 रैंक, 562 अंक।
- एससी बॉयज: 1,13,366 रैंक, 483 अंक।
- एससी गर्ल्स: 1,03,844 रैंक, 490 अंक।
एसटी ट्राइबल एरिया कैटेगरी में बॉयज की क्लोजिंग रैंक 2,63,162 और स्कोर 404 अंक रहा, जबकि गर्ल्स की क्लोजिंग रैंक 2,68,639 और स्कोर 402 अंक रहा।
सरकारी मैनेजमेंट सीट और BDS की कटऑफ
सरकारी और राजमेस कॉलेजों की मैनेजमेंट फीस वाली MBBS सीटों में एसटी बॉयज नॉन ट्राइबल, एसटी गर्ल्स नॉन ट्राइबल और एसटी बॉयज ट्राइबल एरिया की सीटें शामिल थीं। एसटी बॉयज नॉन ट्राइबल कैटेगरी में 2,50,736 रैंक और 409 अंक पर सीट मिली, जबकि एसटी गर्ल्स नॉन ट्राइबल में 2,72,844 रैंक और 400 अंक पर अलॉटमेंट हुआ।
सरकारी फीस वाली BDS सीटों में ओबीसी बॉयज कैटेगरी की क्लोजिंग रैंक 48,639 और स्कोर 537 अंक रहा। एसटी बॉयज नॉन ट्राइबल कैटेगरी में 2,51,829 रैंक और 409 अंक पर सीट अलॉट हुई।
प्राइवेट मेडिकल कॉलेज में 177 अंक पर MBBS सीट
प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में MBBS की जनरल सीट की क्लोजिंग रैंक 11,93,250 रही, जबकि NEET स्कोर 177 अंक था। मैनेजमेंट सीट की क्लोजिंग रैंक 11,91,664 और स्कोर भी 177 अंक रहा। सरकारी फीस वाली MBBS सीट और प्राइवेट कॉलेज की जनरल सीट के न्यूनतम स्कोर में बड़ा अंतर सामने आया है।
हालांकि, प्राइवेट कॉलेजों में सीटें खाली भी रह गईं। MBBS की 758 जनरल सीटों में से 655 का अलॉटमेंट हुआ और 103 खाली रहीं। मैनेजमेंट कोटे की 310 सीटों में से 249 आवंटित हुईं और 61 खाली रह गईं। इस तरह प्राइवेट कॉलेजों में कुल 164 MBBS सीटें रिक्त रहीं।
BDS की 24 सीटें भी खाली
प्राइवेट डेंटल कॉलेजों में BDS की 103 जनरल सीटों में से 85 का अलॉटमेंट हुआ, जबकि 18 सीटें खाली रह गईं। मैनेजमेंट कोटे की 28 सीटों में से 22 आवंटित हुईं और 6 खाली रहीं। कुल मिलाकर प्राइवेट कॉलेजों में BDS की 24 सीटें रिक्त रह गईं।
BDS की प्राइवेट जनरल सीटों की क्लोजिंग रैंक 11,05,033 और स्कोर 192 अंक रहा। वहीं, मैनेजमेंट सीट की क्लोजिंग रैंक 10,90,884 और स्कोर 195 अंक रहा। सीटें खाली रहने की एक वजह यह बताई गई कि अभ्यर्थियों ने इन्हें अपनी चॉइस फिलिंग में शामिल नहीं किया था।
आगे क्या?
स्ट्रे वैकेंसी राउंड के अलॉटमेंट के बाद अभ्यर्थियों को बोर्ड की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार आगे की प्रवेश प्रक्रिया पूरी करनी होगी। सरकारी और प्राइवेट कॉलेजों की फीस, अलॉटमेंट की शर्तों और रिपोर्टिंग की अंतिम तारीखों की पुष्टि आधिकारिक काउंसलिंग पोर्टल से करना जरूरी है। प्राइवेट कॉलेजों में खाली बची सीटों पर आगे क्या प्रक्रिया होगी, यह बोर्ड के अगले निर्देशों से स्पष्ट होगा।