निकाय चुनाव में दागी उम्मीदवारों की एंट्री, हलफनामों में खुलासा
समझें क्या है पूरा मामला
- राजस्थान निकाय चुनाव में कई प्रत्याशियों पर हैं आपराधिक केस।
- 100 से ज्यादा उम्मीदवारों ने हलफनामों में दी है इसकी जानकारी।
- बीकानेर में सबसे ज्यादा 21 प्रत्याशियों पर मामले सामने आए।
- जयपुर में 17 उम्मीदवारों ने आपराधिक रिकॉर्ड घोषित किया।
- कुछ उम्मीदवारों के नामांकन भी कानूनी कारणों से हुए रद्द।
राजस्थान के नगरीय निकाय चुनाव में इस बार कई उम्मीदवारों की आपराधिक पृष्ठभूमि सामने आई है। प्रत्याशियों ने चुनाव आयोग को दिए हलफनामों में अपने खिलाफ दर्ज मामलों की जानकारी दी है। इन मामलों में मारपीट, धोखाधड़ी, राजकार्य में बाधा, महिला संबंधी अपराध, हत्या प्रयास और हथियार अधिनियम जैसी धाराएं शामिल हैं। हालांकि, किसी भी मामले में अंतिम फैसला अदालत के निर्णय पर निर्भर करेगा।
बीकानेर में 21 प्रत्याशियों पर केस
बीकानेर नगर निगम के 80 वार्डों में कुल 373 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। इनमें 21 उम्मीदवारों ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले घोषित किए हैं। यह संख्या कुल प्रत्याशियों की करीब 5.6 प्रतिशत है। कुछ उम्मीदवारों पर सामान्य विवादों से जुड़े मामले हैं। वहीं कुछ प्रत्याशियों पर गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं।
इनमें हत्या प्रयास, जानलेवा हमला, महिला से अभद्रता, धोखाधड़ी और हथियार अधिनियम जैसे मामले शामिल हैं।
जयपुर में 17 प्रत्याशियों ने दी जानकारी
जयपुर नगर निकाय चुनाव में 17 प्रत्याशियों ने हलफनामे में आपराधिक मामलों की जानकारी दी है। इनमें भाजपा के 8 और कांग्रेस के 9 प्रत्याशी शामिल हैं।
किशनपोल विधानसभा क्षेत्र के वार्ड 111 में कांग्रेस प्रत्याशी ज्वाला प्रसाद का नामांकन रद्द हो गया था। उनके खिलाफ ऐसे मामले थे, जिनमें पांच साल से अधिक सजा का प्रावधान था। इसी वजह से नामांकन निरस्त किया गया।
अजमेर में कई उम्मीदवारों पर केस
अजमेर में भी कई प्रत्याशियों के हलफनामों में आपराधिक मामले सामने आए हैं। वार्ड 18 से भाजपा प्रत्याशी विक्रम तम्बोली के खिलाफ सरकारी कर्मचारी से मारपीट का मामला दर्ज है। यह मामला फिलहाल अदालत में विचाराधीन है। वार्ड 20 से कांग्रेस प्रत्याशी ऋषभ पटेल पर रास्ता रोककर मारपीट के मामले दर्ज हैं। वार्ड 35 के भाजपा प्रत्याशी दीदार चौहान को लापरवाही से वाहन चलाने के मामले में जुर्माना हो चुका है। वहीं वार्ड 50 के कांग्रेस प्रत्याशी चंदन सिंह पर आईपीसी (IPC – Indian Penal Code) की धाराओं में मामला दर्ज है।
कोटा में भाजपा-कांग्रेस दोनों के प्रत्याशी
कोटा नगर निकाय चुनाव में 10 प्रत्याशियों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें भाजपा के 6 और कांग्रेस के 4 प्रत्याशी शामिल हैं। सभी मामले अभी अदालत में विचाराधीन बताए गए हैं। किसी भी उम्मीदवार को दोषी साबित करने का फैसला न्यायालय के अंतिम आदेश के बाद ही होगा।
श्रीगंगानगर और झालावाड़ में भी मामले
श्रीगंगानगर जिले में 12 प्रत्याशियों पर आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। इनमें मारपीट, राजकार्य में बाधा और धोखाधड़ी जैसे मामले शामिल हैं। झालावाड़ नगर परिषद में भाजपा प्रत्याशी मनोज गुर्जर के खिलाफ चार मामले दर्ज हैं। वहीं वार्ड 29 के बलवीर पर एक मामला दर्ज है।
सीकर में दो प्रत्याशियों के पर्चे खारिज
सीकर जिले के रींगस और खंडेला में दो उम्मीदवारों के नामांकन रद्द किए गए। बताया गया कि दोनों उम्मीदवारों को मामलों में सजा सुनाई जा चुकी थी। इसी कारण चुनाव प्रक्रिया में उनके पर्चे स्वीकार नहीं किए गए। मतदाताओं के सामने बड़ा मुद्दा निकाय चुनाव में प्रत्याशियों की छवि और आपराधिक रिकॉर्ड बड़ा मुद्दा बन गया है। चुनाव आयोग ने उम्मीदवारों के लिए हलफनामे में पूरी जानकारी देना अनिवार्य किया है। इससे मतदाताओं को उम्मीदवारों के बारे में जानकारी मिलती है।
हालांकि, केवल केस दर्ज होना किसी व्यक्ति को दोषी साबित नहीं करता। अंतिम फैसला अदालत की प्रक्रिया के बाद ही तय होता है।
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