सीमावर्ती क्षेत्रों में रेल लाइनों का सर्वे, इन जगहों पर तलाश रहे संभावनाएं
News In Short
- राजस्थान के सीमावर्ती इलाके भविष्य में जुड़ सकते हैं रेल मार्ग से।
- अभी भारतीय रेलवे करा रहा नई रेल मार्ग का सर्वे।
- अनूपगढ़-खाजूवाला-जैसलमेर और बाड़मेर-भीलड़ी के लिए हो रहा है सर्वे।
- रेल मंत्री ने कहा, नई रेल लाइनें विकसित होंगी सीमा के समानांतर।
- नई लाइन बिछने से पश्चिम राजस्थान में कनेक्टिविटी बढ़ेगी
News In Detail
राजस्थान में पाकिस्तान से सटे क्षेत्र में निकट भविष्य में नई रेल लाइन बिछाई जा सकती हैं। आधिकारिक तौर पर बताया गया है कि राजस्थान में अनूपगढ़-खाजूवाला-जैसलमेर और बाड़मेर-भीलड़ी के बीच नई रेल लाइनों के लिए सर्वे किया जा रहा है।
भारतीय सेना की आवाजाही में तेजी
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में बताया कि ये नई रेल लाइनें भारत-पाक सीमा के समानांतर विकसित की जाएंगी। उनका दावा है कि इससे सुरक्षा बलों की आपूर्ति व्यवस्था और आवाजाही में सुधार होगा।
कनेक्टिविटी और पर्यटन को मिलेगी बढ़त
इस योजना के तहत पश्चिमी राजस्थान में श्रीगंगानगर, बीकानेर, जैसलमेर और बाड़मेर जैसे सीमावर्ती क्षेत्रों को जोड़ा जा रहा है। सरकार का दावा है कि इन लाइनों को बिछाने के पीछे सामरिक और पर्यटन संभावनाओं को बढ़ाना है।
सर्वे की वर्तमान स्थिति
फिलहाल फाइनल लोकेशन सर्वे का कार्य जारी है। करीब 380 किलोमीटर जैसलमेर-भीलड़ी और 260 किलोमीटर खाजूवाला-जैसलमेर (वाया बाड़मेर) के बीच की नई रेल लाइन के लिए सर्वे तेजी से चल रहा है। सर्वे के पूरा होने के बाद निर्माण कार्य प्रारंभ होगा।
रेल कनेक्टिविटी से होगा बदलाव
अभी तक इन इलाकों में आवाजाही का मुख्य साधन सड़कें ही थीं, जो रेतीले तूफानों में कई बार बाधित हो जाती हैं। रेल लाइन बिछने के बाद राजस्थान का यह सीमावर्ती इलाका देश की मुख्यधारा से जुड़ जाएगा।
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