राजस्थान पंचायत चुनाव: बूथों पर तैनात होंगे 5.90 लाख कर्मचारी, इनमें 3 लाख कर्मचारी नहीं डाल पाएंगे वोट

Jageshwar prasad | Oct 08, 2026, 11:13 IST
राजस्थान में पंचायत चुनाव में ड्यूटी पर तैनात करीब 3 लाख कर्मचारी खुद अपना वोट नहीं डाल पाएंगे।
राजस्थान में पंचायत चुनावों में ड्यूटी पर तैनात लगभग 3 लाख कर्मचारी अपना मत नहीं डाल सकेंगे। राज्य निर्वाचन आयोग ने पोस्टल बैलेट के लिए कोई व्यवस्था नहीं की है। मतदान के दिन ही मतगणना और रिजल्ट की प्रक्रिया पूरी की जाती है। कर्मचारी संगठन न्यायालय में जाने पर कर रहा विचार।

प्रदेश में पंच-सरपंच चुनाव कराने वाले करीब 3 लाख कर्मचारी खुद अपना वोट नहीं डाल पाएंगे। वजह है कि पंचायत चुनाव में ड्यूटी (Election Duty) पर तैनात कर्मचारियों के लिए पोस्टल बैलेट (Postal Ballot) का प्रावधान नहीं है। मतदान के दिन ही मतगणना और परिणाम घोषित होने से राज्य निर्वाचन आयोग भी इसका विकल्प नहीं तलाश पाया है।



प्रदेश की 14,403 ग्राम पंचायतों के 45,384 मतदान केंद्रों पर करीब 5.90 लाख कर्मचारी और पुलिसकर्मी तैनात होंगे। इनमें लगभग पौने तीन लाख पुलिसकर्मी हैं। कर्मचारी संगठनों के अनुसार शहरी क्षेत्र के कर्मचारियों को हटा भी दें तो करीब 3 लाख ग्रामीण कर्मचारी मतदान से वंचित रह सकते हैं।



क्या है राजस्थान पंचायत चुनाव में व्यवस्था?

लोकसभा और विधानसभा चुनाव में ड्यूटी कर्मी पोस्टल बैलेट से वोट देते हैं। कई करीबी मुकाबलों में ये मत निर्णायक भी होते हैं। लेकिन पंचायत चुनाव में ऐसी व्यवस्था नहीं है।



जबकि मतदाता जागरूकता अभियानों में लगातार हर वोट की अहमियत बताई जाती है। आयोग का कहना है कि प्रक्रिया कम समय में पूरी होती है और मतदान के दिन ही परिणाम घोषित करने होते हैं। इसलिए फिलहाल कोई ठोस विकल्प सामने नहीं आया है।




क्या है कर्मचारी संगठन का रुख?

अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ पेंशनर्स के प्रवक्ता नारायण सिंह सिसोदिया ने कहा कि एक-एक वोट महत्वपूर्ण है। करीब 3 लाख कर्मचारियों को ड्यूटी के कारण मतदान से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। समाधान नहीं निकला तो न्यायालय जाने पर विचार करेंगे।



ड्यूटी कर्मियों के लिए सुरक्षित एप आधारित मतदान किया जा सकता है। मतदान और मतगणना के बीच अंतर रखा जा सकता है। ग्रामीण कर्मचारियों की जगह अधिक शहरी कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जा सकती है। तकनीकी पहचान सत्यापन के साथ अलग मतदान व्यवस्था विकसित की जा सकती है।




राज्य निर्वाचन आयोग का क्या कहना है?

मुख्य निर्वाचन अधिकारी एवं सचिव राजेश वर्मा ने कहा कि पंचायत चुनाव (Panchayat Election) में पोस्टल बैलेट का प्रावधान नहीं है। प्रक्रिया के लिए समय कम रहता है और मतदान के दिन ही परिणाम घोषित होते हैं। फिलहाल कोई ठोस विकल्प सामने नहीं आया है।




लोकतंत्र में हर वोट की अहमियत

लोकतंत्र में हर वोट की अहमियत होती है। जो कर्मचारी चुनाव करा रहे हैं, वे खुद वोट नहीं डाल पाएंगे। यह विरोधाभास है। इससे कर्मचारियों में नाराजगी है।



अगर समय रहते समाधान नहीं निकला तो मामला कोर्ट तक जा सकता है। इससे चुनाव प्रक्रिया पर असर पड़ सकता है। इसलिए आयोग को जल्द कोई विकल्प तलाशना चाहिए।



प्रदेश में कुल मतदाता 4,03,07,308 हैं। मतदान केंद्र 45,384 हैं। इन पर कर्मचारी और पुलिस मिलाकर 5,89,992 तैनात होंगे। ग्राम पंचायतों की संख्या 14,403 है। कुल वार्ड 1,30,589 हैं। यह बड़ा चुनावी अभियान है।



  1. राजस्थान में पंच-सरपंच चुनावों के दौरान जिन कर्मचारियों को ड्यूटी पर तैनात किया जाएगा, क्या वे वोट डाल सकेंगे?
    नहीं, राजस्थान में पंच-सरपंच चुनाव में ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों के लिए पोस्टल बैलेट का प्रावधान नहीं है, जिससे लगभग 3 लाख कर्मचारी मतदान से वंचित रह जाएंगे।
  2. राजस्थान में पंचायत चुनावों में ड्यूटी पर तैनात 3 लाख कर्मचारियों को वोट न डाल पाने का क्या कारण है?
    इसका कारण यह है कि पंचायत चुनाव में मतदान के दिन परिणाम घोषित होते हैं और इस दौरान ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों के लिए कोई वैकल्पिक मतदान व्यवस्था, जैसे कि पोस्टल बैलेट, उपलब्ध नहीं है।
  3. कर्मचारी संगठनों का इस स्थिति पर क्या रुख है और उन्होंने किस तरह के उपाय सुझाए हैं?
    कर्मचारी संगठनों, जैसे कि अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ, ने कहा है कि हर वोट महत्वपूर्ण है और ड्यूटी कर्मियों के लिए सुरक्षित एप आधारित मतदान या तकनीकी पहचान सत्यापन के माध्यम से अलग मतदान व्यवस्था विकसित करने का सुझाव दिया है।
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