राजस्थान पंचायत चुनाव के पहले चरण में 63% मतदान, मांगता में सर्वाधिक तो रानी स्टेशन में सबसे कम मतदान

Mukesh Sharma | Oct 22, 2026, 22:26 IST
पंचायत चुनाव
राजस्थान में 22 अक्टूबर को पंचायती राज चुनाव के पहले चरण के लिए मतदान हुआ।
राजस्थान में 22 अक्टूबर को पंचायती राज चुनाव के पहले चरण के लिए मतदान हुआ। इस दौरान 104 पंचायत समितियों में औसतन 63 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। बाड़मेर की मांगता पंचायत समिति में सबसे अधिक 79.55 प्रतिशत मतदान हुआ। वही पाली में रानी स्टेशन पंचायत समिति में सबसे कम 40.02 प्रतिशत मतदान हुआ।

जयपुर। राजस्थान में पंचायती राज चुनाव के पहले चरण में गुरुवार, 22 अक्टूबर को 104 पंचायत समितियों के लिए मतदान हुआ। शाम 6 बजे तक उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में औसतन 63 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। बाड़मेर की मांगता पंचायत समिति 79.55 प्रतिशत मतदान के साथ सबसे आगे रही। उदयपुर की नाई पंचायत समिति में 79 प्रतिशत और बाड़मेर की आदेल पंचायत समिति में 77.55 प्रतिशत वोटिंग हुई। दूसरी ओर, पाली जिले की रानी स्टेशन पंचायत समिति में सबसे कम 40.02 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।



पहले चरण में 16 जिला परिषदों और 104 पंचायत समितियों के लिए सुबह 7 बजे मतदान शुरू हुआ था। वोटिंग शाम 6 बजे तक चली। इन चुनावों में 85 लाख से ज्यादा मतदाता अपने प्रतिनिधि चुनने के लिए पात्र थे। चुनाव में भाजपा और कांग्रेस के बीच प्रमुख मुकाबला रहा, जबकि कुछ क्षेत्रों में आरएलपी, बीटीपी और निर्दलीय उम्मीदवार भी मैदान में थे।



बाड़मेर और उदयपुर के ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादा मतदान

मतदान प्रतिशत के लिहाज से बाड़मेर और उदयपुर की कई पंचायत समितियों में मतदाताओं की अच्छी भागीदारी देखने को मिली। मांगता में 79.55 प्रतिशत के बाद नाई में 79 प्रतिशत और आदेल में 77.55 प्रतिशत मतदान हुआ। भीलवाड़ा की बिजौलिया पंचायत समिति में भी 75.61 प्रतिशत वोट पड़े। जोधपुर जिले की आगोलाई में 74.94 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।



उदयपुर जिले की झाड़ोल पंचायत समिति में 73.50 प्रतिशत और फलासिया में 71 प्रतिशत वोटिंग हुई। बाड़मेर की लीलसर में 72.85 प्रतिशत, बायतू में 72.60 प्रतिशत और सेड़वा में 71.10 प्रतिशत मतदान हुआ। बीकानेर की रूणिया पंचायत समिति में 74.50 प्रतिशत वोट पड़े। इन आंकड़ों से साफ है कि कई ग्रामीण क्षेत्रों में मतदान 70 प्रतिशत से ऊपर रहा।



पाली में मतदान की रफ्तार धीमी

राज्य में सबसे कम मतदान पाली जिले की रानी स्टेशन पंचायत समिति में दर्ज किया गया। यहां 40.02 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट डाले। मारवाड़ जंक्शन में 45.67 प्रतिशत मतदान हुआ। सिरोही जिले की कलंदरी पंचायत समिति में 46.51 प्रतिशत और पाली की सोजत पंचायत समिति में 54.81 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई।



कुछ इलाकों में मतदान से जुड़े स्थानीय मुद्दों को लेकर विरोध भी सामने आया। द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, जोधपुर जिले के बालेसर क्षेत्र की खिरजा मंगल सिंह ग्राम पंचायत में सरपंच पद के आरक्षण को लेकर मतदान का बहिष्कार किया गया। पाली जिले के सोजत क्षेत्र के नापावास गांव में वार्ड परिसीमन के विरोध में भी मतदान का बहिष्कार हुआ। कुछ स्थानों पर अधिकारियों ने ग्रामीणों को मतदान के लिए मनाया।




जयपुर में झोटवाड़ा और मौजमाबाद आगे

जयपुर जिले की आठ पंचायत समितियों में भी मतदान प्रतिशत में अंतर रहा। झोटवाड़ा में 72.02 प्रतिशत वोटिंग हुई, जबकि मौजमाबाद में 70.19 प्रतिशत और दूदू में 69.87 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। जोबनेर में 69.60 प्रतिशत और चौमूं में 67.84 प्रतिशत वोट पड़े।



गोविंदगढ़ में 66.13 प्रतिशत और सांभरलेक में 65.04 प्रतिशत मतदान हुआ। किशनगढ़-रेनवाल में 62.71 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया।




नतीजों के लिए 20 नवंबर तक इंतजार

राज्य निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार, जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए अगले चरण का मतदान 28 अक्टूबर, तीसरे चरण का 3 नवंबर और चौथे चरण का 14 नवंबर को होगा। सभी चरणों की मतगणना 20 नवंबर को प्रस्तावित है। इस बीच पहले चरण में मतदान कर चुके उम्मीदवारों को परिणाम के लिए इंतजार करना होगा।



पहले चरण में मांगता और नाई जैसे क्षेत्रों में मतदान 79 प्रतिशत के पार पहुंचा, जबकि पाली की रानी स्टेशन पंचायत समिति में आंकड़ा 41 प्रतिशत से भी कम रहा। अब दूसरे चरण के मतदान पर नजर रहेगी।



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