राजस्थान पंचायत चुनाव: 15 नवंबर तक की है डेडलाइन, तारीखों पर अब भी सस्पेंस बरकरार

Ashish Bhardwaj | Sept 30, 2026, 16:16 IST
राजस्थान पंचायत चुनाव की तारीखों का ऐलान
राजस्थान में पंचायत चुनाव की तारीखों का ऐलान अक्टूबर में होने की संभावना है। मतदान नवंबर के पहले या दूसरे हफ्ते में हो सकता है। कांग्रेस ने निकाय चुनाव में गड़बड़ी की शिकायतें राज्य निर्वाचन आयोग में दी हैं। आयोग ने हाईकोर्ट के निर्देश के बाद चुनाव प्रक्रिया 15 नवंबर तक पूरी करने का लक्ष्य रखा है। इससे पहले कई बार चुनाव की डेडलाइन टल चुकी है।

समझें क्या है पूरा मामला

  • राजस्थान पंचायत चुनाव की तारीखों का इंतजार।
  • अक्टूबर में घोषणा के आसार।
  • नवंबर के पहले-दूसरे हफ्ते में मतदान संभव।
  • हाईकोर्ट ने 15 नवंबर तक प्रक्रिया पूरी करने को कहा।
  • कांग्रेस ने चुनावी गड़बड़ियों को लेकर आयोग में शिकायत दी।

राजस्थान में पंचायत चुनाव की तारीखों का इंतजार लंबा होता जा रहा है। गांवों में लोग बेसब्री से घोषणा की राह देख रहे हैं। बीजेपी और कांग्रेस ने अपनी तैयारी तेज कर दी है। अब तारीखों का ऐलान अक्टूबर में होने की संभावना है। उधर, कांग्रेस ने निकाय चुनाव में गड़बड़ी के आरोपों पर मोर्चा खोल दिया है।



राजस्थान हाईकोर्ट ने 15 नवंबर तक चुनाव प्रक्रिया पूरी करने को कहा है। राज्य निर्वाचन आयोग ने अब तक तारीखों का ऐलान नहीं किया है। आयोग चरणबद्ध चुनाव कार्यक्रम तैयार करने में जुटा है। मतदान नवंबर के पहले या दूसरे हफ्ते में हो सकता है। इस बीच कांग्रेस ने निकाय चुनाव में दबाव की शिकायत आयोग से की है।



कब होगा तारीखों का ऐलान

पंचायत चुनाव की घोषणा आज भी होने की संभावना नहीं है। ऐसे में ऐलान अब अक्टूबर में ही होने के आसार हैं। हाईकोर्ट के सख्त रुख के बाद आयोग पर समय का दबाव है। प्रक्रिया 15 नवंबर से पहले पूरी होनी है।



राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह हाल ही में स्थिति साफ कर चुके हैं। उनके मुताबिक आरक्षण लॉटरी की पूरी जानकारी अभी आनी बाकी है। यह जानकारी पंचायती राज विभाग से आयोग को मिलनी है। इसी आधार पर चरणवार चुनाव कार्यक्रम बनाया जा रहा है। आयोग जिला निर्वाचन अधिकारियों से भी चर्चा कर रहा है।



त्योहारों का भी रखा जा रहा ध्यान

आयुक्त ने बताया कि इस बीच कई बड़े त्योहार भी हैं। इसलिए कार्यक्रम तय करते समय हर पहलू देखा जा रहा है। आयोग ने लोगों से धैर्य रखने और अफवाहों से बचने की अपील की है।



4 चरणों में हो सकता है मतदान

आयोग की तैयारी के मुताबिक मतदान 4 चरणों में हो सकता है। यह चुनाव गांव से लेकर जिले तक की सरकार तय करेगा। ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद में कुल 1,40,237 वार्ड सदस्य चुने जाएंगे। इसके साथ 14,403 सरपंचों का भी चुनाव होगा। जिला परिषद के 1,403 वार्ड सदस्य 41 जिला प्रमुख चुनेंगे। वहीं पंचायत समितियों के 8,245 वार्ड सदस्य 457 प्रधानों को चुनेंगे।



पहले भी टल चुकी डेडलाइन

पंचायत और निकाय चुनाव लंबे समय से अटके हुए हैं। हाईकोर्ट पहले 15 अप्रैल तक चुनाव कराने की डेडलाइन दे चुका था। बाद में 31 जुलाई की समय सीमा भी सामने आई। इसके बाद आयोग ने नया कार्यक्रम रखा। इसमें 15 अगस्त से प्रक्रिया शुरू कर 15 नवंबर तक पूरा करने की बात थी।



भजनलाल सरकार वन स्टेट वन इलेक्शन की दिशा में काम कर रही है। इसी वजह से पहले निकाय चुनाव हुए और अब पंचायत चुनाव की बारी है। विपक्ष लगातार चुनाव टालने का आरोप लगाता रहा है। सरकार का कहना रहा है कि चुनाव कराना आयोग का काम है।




आयोग पहुंची कांग्रेस

मंगलवार को कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल राज्य निर्वाचन आयोग पहुंचा। इसकी अगुवाई प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने की। प्रतिनिधिमंडल ने आयुक्त राजेश्वर सिंह को निकाय चुनाव से जुड़ी शिकायतों का ज्ञापन सौंपा।



इसके बाद डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने मीडिया से बात की। इस दौरान सांसद मुरारीलाल मीणा और विधायक रफीक खान मौजूद थे। पूर्व मंत्री बीडी कल्ला और पूर्व विधायक संयम लोढ़ा भी साथ थे।



दोनों नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार के इशारे पर साजिश चल रही है। उनका दावा है कि कांग्रेस नेताओं को पंचायत चुनाव लड़ने से रोका जा सकता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि निष्पक्ष अफसरों को डराया धमकाया जा रहा है।




लॉटरी पर भी उठे सवाल

डोटासरा ने लॉटरी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि कई जगह बच्चों की जगह कर्मचारियों से पर्चियां निकलवाई गईं। उन्होंने दावा किया कि नतीजे लगभग पूरी तरह भाजपा के पक्ष में रहे।




कांग्रेस ने क्या मांगा

कांग्रेस ने निकाय अध्यक्ष, सभापति और महापौर चुनाव की जांच मांगी है। पार्टी का कहना है कि जहां पक्षपात साबित हो, वहां नतीजे रद्द हों। जहां वोट निरस्त करने या दबाव की बात साबित हो, वहां भी कार्रवाई हो। ऐसी जगहों पर दोबारा मतदान या दोबारा गिनती कराई जाए।



जूली ने भाजपा के पक्ष में काम करने वाले अफसरों की जांच की मांग की। उनका आरोप है कि दबाव में काम करने से इनकार करने वाले अफसर परेशान किए जा रहे हैं।



Tags:
  • राजस्थान पंचायत चुनाव
  • राज्य निर्वाचन आयोग
  • सरपंच चुनाव
  • गोविन्द सिंह डोटासरा
  • टीकाराम जुली
  • पंचायत चुनाव की घोसणा कब होगी
  • Rajasthan Panchayat Election
  • Panchayat Chunav 2026
  • Sarpanch chunav Rajasthan