राजस्थान पंचायत चुनाव: कहीं लाठी-डंडे चले, कहीं फर्जी वोटिंग पर हंगामा; दूल्हे ने सेहरा पहनकर डाला वोट
राजस्थान के 16 जिलों की 3,314 ग्राम पंचायतों में सरपंच और वार्डी पंच पदों के लिए मतदान हुआ। मतदान सुबह 7 बजे शुरू हुआ और शाम 6 बजे तक चला। इसके बाद ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर मतपत्रों की गिनती शुरू होनी थी। नतीजे आज ही देर रात तक ही घोषित होगें।
मौजमाबाद में वार्ड पंच की सीट पर भिड़े दो पक्ष
जयपुर जिले के दूदू विधानसभा क्षेत्र में आने वाले मौजमाबाद के नागौरी मोहल्ले में मतदान के दौरान विवाद हो गया। वार्ड पंच की सीट को लेकर दो पक्षों के समर्थक आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते विवाद बढ़ा और दोनों तरफ से लाठी-डंडे चलने लगे। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों पक्षों के बीच मारपीट हुई। हालांकि, विवाद की शुरुआत किस बात से हुई और घटना में कितने लोग घायल हुए, इसकी विस्तृत आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है।
नागौर में सेहरा पहनकर बूथ पहुंचा दूल्हा
नागौर जिले की जायल पंचायत समिति की दुगोली ग्राम पंचायत में मतदान के दौरान अलग तस्वीर दिखी। दूल्हा मोहम्मद इलियास सेहरा पहनकर वोट डालने पहुंचा। उसने शादी की रस्मों के बीच मतदान को प्राथमिकता दी। वोट डालने के बाद उसकी बारात रवाना हुई।
दूल्हे के मतदान केंद्र पहुंचने की चर्चा रही। चुनाव के दौरान यह तस्वीर उन मतदाताओं के लिए भी संदेश बनी, जो अपने दूसरे कामों के चलते मतदान टाल देते हैं।
भीलवाड़ा में फर्जी वोटिंग के आरोप, ग्रामीण धरने पर बैठे
भीलवाड़ा जिले के जहाजपुर क्षेत्र की उलेला पंचायत में फर्जी मतदान के आरोपों को लेकर हंगामा हुआ। ग्रामीणों ने मतदान केंद्र पर आपत्ति जताई और बाहर धरने पर बैठ गए। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ग्रामीणों ने रिटर्निंग अधिकारी पर फर्जी मतदान कराने के आरोप लगाए। मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने लोगों को समझाने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीण अपनी शिकायत पर अड़े रहे।
पीपलुंद के मतदान केंद्र पर भी विवाद और हंगामे की जानकारी सामने आई। हालांकि, फर्जी मतदान के आरोपों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इन्हें शिकायत और आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
पाली के डुठारिया में फिर नहीं हुआ मतदान
पाली जिले की रानी पंचायत समिति के डुठारिया गांव में शनिवार को भी मतदान नहीं होने की खबर सामने आई। इससे पहले 22 अक्टूबर को जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव के दौरान भी ग्रामीणों ने मतदान का बहिष्कार किया था।
रिपोर्टों के अनुसार, गांव के लोग परिसीमन के बाद गांव को दूसरी ग्राम पंचायत से जोड़ने के फैसले का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि नई पंचायत तक पहुंचने में परेशानी होती है। इस नाराजगी के चलते ग्रामीणों ने मतदान से दूरी बनाए रखी।
102 साल की महिला व्हीलचेयर पर पहुंचीं
राजसमंद जिले की कुंभलगढ़ पंचायत समिति की कोयल ग्राम पंचायत में 102 वर्षीय बुजुर्ग महिला व्हीलचेयर पर बैठकर मतदान केंद्र पहुंचीं। उम्र के इस पड़ाव पर भी मतदान के प्रति उनका उत्साह दिखाई दिया। उनकी मौजूदगी ने मतदान केंद्र पर लोगों का ध्यान खींचा।
एक ओर कुछ जगहों पर विवाद और बहिष्कार देखने को मिला, वहीं बुजुर्ग महिला और दूल्हे की तस्वीरों ने मतदान के प्रति जिम्मेदारी का संदेश दिया।
बैलेट पेपर से वोटिंग, नतीजों पर नजर
राजस्थान (Rajasthan) में इस बार सरपंच और वार्ड पंच के चुनाव में EVM के बजाय बैलेट पेपर से मतदान कराया गया। मतदाताओं ने दो अलग-अलग मतपत्रों के जरिए वोट डाले। एक मतपत्र सरपंच और दूसरा वार्ड पंच के लिए था। मतगणना मतदान समाप्त होने के बाद ग्राम पंचायत मुख्यालय पर होनी थी। पहले वार्ड पंच और फिर सरपंच पद के मतों की गिनती की जानी थी।
अब सबकी नजर मतगणना और नतीजों पर है। चुनावी दिन की घटनाओं ने जहां स्थानीय विवादों को सामने लाया, वहीं दूल्हे और बुजुर्ग महिला के मतदान ने लोकतांत्रिक भागीदारी की अहमियत भी दिखाई।