राजस्थान में पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में मतदान; 1.69 लाख पदों पर चुने जाएंगे प्रतिनिधि
राजस्थान में गांव की सरकार चुनने का चुनावी बिगुल बज गया। राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने शनिवार को पंचायतीराज संस्थाओं के आम चुनाव का कार्यक्रम घोषित कर दिया। प्रदेश की 14403 ग्राम पंचायतों, 457 पंचायत समितियों और 41 जिला परिषदों में चुनाव कराए जाएंगे। करीब 4.03 करोड़ मतदाता इस चुनाव में हिस्सा लेंगे और पूरी चुनावी प्रक्रिया के जरिए करीब 1.69 लाख जनप्रतिनिधि चुने जाएंगे।
चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही संबंधित क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई। चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक सरकार और प्रशासन को निर्वाचन आयोग की गाइडलाइन के अनुसार काम करना होगा।
23 अक्टूबर से मतदान, चार चरणों में चुनाव
जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए मतदान चार चरणों में होगा। पहले चरण में 23 अक्टूबर, दूसरे फेज में 29 अक्टूबर, तीसरे चरण में 4 नवंबर और चौथे व अंतिम चरण में 14 नवंबर को मतदान कराया जाएगा। मतदान सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक होगा।
चारों चरणों की चुनाव प्रक्रिया अलग-अलग तारीखों से शुरू होगी। पहले चरण के लिए 8 अक्टूबर, दूसरे चरण के लिए 13 अक्टूबर, तीसरे चरण के लिए 19 अक्टूबर और चौथे चरण के लिए 21 अक्टूबर को चुनाव की आधिकारिक लोक सूचना जारी होगी।
नाम वापसी के लिए भी फेज वाइज तारीखें तय की गई। पहले चरण में 15 अक्टूबर, दूसरे में 19 अक्टूबर, तीसरे में 26 अक्टूबर और चौथे चरण में 6 नवंबर को नाम वापस लिए जा सकेंगे।
पंच और सरपंच चुनाव भी चार चरणों में
राजस्थान में पंच और सरपंच के चुनाव भी चार चरणों में कराए जाएंगे। जिला परिषद सदस्य, पंचायत समिति सदस्य, सरपंच और वार्ड पंच के पदों के लिए चुनाव होंगे। प्रदेश में 14,403 सरपंच और करीब 1.30 लाख वार्ड पंचों के साथ पंचायत समिति और जिला परिषद सदस्य चुने जाएंगे। इसके बाद प्रधान और जिला प्रमुख के निर्वाचन की प्रक्रिया पूरी होगी।
जिला परिषद सदस्य के चुनाव का शेड्यूल
| पंचायत चुनाव का पूरा शेड्यूल | ||||
| इवेंट | प्रथम चरण | दूसरा चरण | तीसरा चरण | चौथा चरण |
| अधिसूचना और नामांकन | 8 अक्टूबर | 8 अक्टूबर | 8 अक्टूबर | 8 अक्टूबर |
| नामांकन की आखिरी तारीख | 13 अक्टूबर | 13 अक्टूबर | 13 अक्टूबर | 13 अक्टूबर |
| नाम वापसी | 15 अक्टूबर | 15 अक्टूबर | 15 अक्टूबर | 15 अक्टूबर |
| मतदान | 23 अक्टूबर | 29 अक्टूबर | 4 नवंबर | 14 नवंबर |
| चुनाव परिणाम | 20 नवंबर | 20 नवंबर | 20 नवंबर | 20 नवंबर |
पंचायत समिति सदस्य के चुनाव का शेड्यूल
| पंचायत चुनाव का पूरा शेड्यूल | ||||
| इवेंट | प्रथम चरण | दूसरा चरण | तीसरा चरण | चौथा चरण |
| अधिसूचना और नामांकन | 8 अक्टूबर | 13 अक्टूबर | 19 अक्टूबर | 31 अक्टूबर |
| नामांकन की आखिरी तारीख | 13 अक्टूबर | 16 अक्टूबर | 23 अक्टूबर | 4 नवंबर |
| नाम वापसी | 15 अक्टूबर | 19 अक्टूबर | 26 अक्टूबर | 6 नवंबर |
| मतदान | 22 अक्टूबर | 29 अक्टूबर | 4 नवंबर | 14 नवंबर |
| चुनाव परिणाम | 20 नवंबर | 20 नवंबर | 20 नवंबर | 20 नवंबर |
सरपंच के चुनाव की शेड्यूल
| इवेंट | प्रथम चरण | दूसरा चरण | तीसरा चरण | चौथा चरण |
| अधिसूचना और नामांकन की शुरुआत | 8 अक्टूबर | 13 अक्टूबर | 19 अक्टूबर | 31 अक्टूबर |
| नामांकन की आखिरी तारीख | 24 अक्टूबर | 30 अक्टूबर | 5 नवंबर | 15 नवंबर |
| नाम वापसी की आखिरी तारीख | 24 अक्टूबर | 30 अक्टूबर | 5 नवंबर | 15 नवंबर |
| मतदान | 25 अक्टूबर | 31 अक्टूबर | 6 नवंबर | 16 नवंबर |
| चुनाव परिणाम | 25 अक्टूबर | 31 अक्टूबर | 6 नवंबर | 16 नवंबर |
महिलाओं की बड़ी हिस्सेदारी, करीब 7,200 महिला सरपंच
पंचायतीराज चुनाव में 51.82% पुरुष और 48.18% महिला वोटर हैं। 41 जिलों में जयपुर में सबसे ज्यादा 18.99 लाख वोटर और जैसलमेर में सबसे कम वोटर 4.36 हैं।
इस बार पंचायतीराज संस्थाओं में महिलाओं की हिस्सेदारी भी बड़ी रहेगी। 14,403 सरपंच पदों में करीब 7,200 पद महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। यानी महिलाओं को 50 फीसदी आरक्षण मिला है। करीब 65 हजार वार्ड पंच पद भी महिलाओं के हिस्से आएंगे। 457 पंचायत समितियों में 221 प्रधान पद महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। 41 जिला प्रमुख पदों में 20 पद महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए हैं।
सरपंच पदों में अनुसूचित जनजाति के लिए 3,058, अनुसूचित जाति के लिए 2,493 और ओबीसी वर्ग के लिए 1,961 पद आरक्षित किए गए हैं। वार्ड पंचों में 21,962 पद एससी, 19,117 एसटी और करीब 15 हजार पद ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित हैं।
नामांकन के समय अधिकतम 5 लोग
नामांकन दाखिल करते समय प्रत्याशी के साथ अधिकतम पांच लोग मौजूद रह सकेंगे। चुनाव परिणाम के बाद विजय जुलूस निकालने पर रोक रहेगी। चुनाव की निगरानी के लिए प्रत्येक जिले में एक पर्यवेक्षक लगाया जाएगा। मतदाता पहचान के लिए निर्वाचन आयोग की ओर से निर्धारित 11 वैकल्पिक दस्तावेज मान्य होंगे। हालांकि मतदान के लिए मतदाता सूची में नाम होना जरूरी रहेगा।
बैलेट पेपर और ईवीएम दोनों से होगा चुनाव
इस चुनाव में मतदान के दो तरीके देखने को मिलेंगे। ग्राम पंचायतों में पंच और सरपंच का चुनाव बैलेट पेपर से कराया जाएगा, जबकि पंचायत समिति और जिला परिषद सदस्यों के लिए ईवीएम का इस्तेमाल होगा।
प्रदेश में एक साथ हजारों गांवों की राजनीतिक तस्वीर बदलने वाली है। 14,403 ग्राम पंचायतों से लेकर 41 जिला परिषदों तक नया नेतृत्व सामने आएगा। करीब 4 करोड़ मतदाताओं और डेढ़ लाख से अधिक पदों के कारण यह चुनाव राजस्थान की सबसे बड़ी जमीनी चुनावी प्रक्रियाओं में से एक है।
पुनर्गठन के बाद बदला पंचायतीराज का नक्शा
इस बार पंचायतीराज संस्थाओं के पुनर्गठन के बाद चुनाव हो रहे। प्रदेश में 14,403 ग्राम पंचायतें, 457 पंचायत समितियां और 41 जिला परिषद हैं। राज्य निर्वाचन आयुक्त की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार जिला परिषदों की संख्या में 24.24 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
चार जिलों में कुछ चुनाव दिसंबर में
चार जिलों की पंचायत समितियों और जिला परिषदों के चुनाव दिसंबर में कराए जाएंगे। जयपुर जिले में चुनाव चार चरणों में होंगे। करीब 4.03 करोड़ मतदाता और लगभग 1.69 लाख जनप्रतिनिधियों के निर्वाचन के साथ अगले कुछ हफ्तों में राजस्थान की ग्रामीण सत्ता का नया ढांचा तय होगा।