राजस्थान की पार्टियों का चंदा हिसाब, भाजपा को 87 करोड़, कांग्रेस को केवल 25 करोड़
News In Short
- 2024-25 में राजस्थान में राजनीतिक दलों को कुल 112.97 करोड़ का चंदा मिला।
- भाजपा को चंदे का 77.46% हिस्सा मिला, जबकि कांग्रेस को 22.12 प्रतिशत।
- बिजनेस घरानों ने दिए 69.27 करोड़ रुपये, व्यक्तिगत दानदाताओं से 43.70 करोड़।
- जोधपुर के सत्यनारायण धूत परिवार ने भाजपा को दिए 25 करोड़ रुपये।
- हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड ने दोनों प्रमुख पार्टियों को दिया दान।
News In Detail
राजस्थान में राजनीतिक दलों को मिले चंदे का हिसाब-किताब सामने आ गया है। एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक रिफॉर्म (एडीआर) ने हाल ही में एक रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट के अनुसार 2024-25 में प्रदेश में राजनीतिक दलों को कुल 112.97 करोड़ रुपये के चंदे के रूप में मिले।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सबसे ज्यादा चंदा प्राप्त किया है। पार्टी को चंदे के रूप में कुल 87.51 करोड़ रुपये मिले, जबकि कांग्रेस को केवल 25 करोड़ रुपये से संतोष करना पड़ा। यानी भाजपा को कांग्रेस से साढ़े तीन गुना ज्यादा फंड मिला।
बाकी दलों की तो स्थिति ये रही कि आम आदमी पार्टी (आप) को महज 39 लाख और सीपीएम को मात्र 7 लाख रुपये ही हाथ लगे। इस प्रकार भाजपा को कुल चंदे का 77.46 प्रतिशत हिस्सा मिला, वहीं कांग्रेस को 22.12 प्रतिशत। बाकी दलों की हिस्सेदारी एक प्रतिशत से भी कम रही।
कॉरपोरेट vs व्यक्तिगत
सबसे दिलचस्प मोड़ तब आता है, जब चंदे के सोर्स पर नजर डाली जाती है। प्रदेश में कॉरपोरेट और बिजनेस घरानों ने पार्टियों को 69.27 करोड़ रुपये दिए, वहीं व्यक्तिगत दानदाताओं का योगदान 43.70 करोड़ रुपये रहा। यानी राजनीतिक फंडिंग में कारपोरेट घरानों का दबदबा है।
जोधपुर के धूत परिवार ने दिए 25 करोड़
व्यक्तिगत दानदाताओं की सूची में जोधपुर के सत्यनारायण धूत का नाम सबसे ऊपर है। सत्यनारायण धूत ने अकेले बीजेपी को 15 करोड़ रुपये का चंदा दिया है। उनके परिवार के अन्य सदस्यों में संजय धूत ने 7 करोड़ रुपये, अनिश धूत ने 2 करोड़ रुपये और दिनेश धूत ने 1 करोड़ रुपये दिए हैं। इस प्रकार धूत परिवार ने बीजेपी के खाते में करीब 25 करोड़ रुपये दिए हैं। जोधपुर का यह परिवार व्यक्तिगत श्रेणी में प्रदेश का सबसे बड़ा दानदाता बनकर उभरा है।
वेदांता-हिंदुस्तान जिंक ने दोनों पार्टियों को दिया दान
चंदे के इस खेल में सबसे चर्चित नाम रहा हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड का रहा। कंपनी ने दोनों पार्टियों को दान दिया। हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड ने भाजपा को 15 करोड़ तो कांग्रेस को 10 करोड़ रुपये दिए। यानी कुल 25 करोड़ दोनों पार्टियों में बांट दिए। वहीं इसकी पैरेंट कंपनी वेदांता ने भाजपा को 67 करोड़ रुपये भी दिए हैं।
सीमेंट से लेकर अन्य इंडस्ट्री तक
राजस्थान की कंपनियों की बात करें तो श्री सीमेंट ने भी भाजपा को 15 करोड़ रुपये दिए। वंडर सीमेंट ने 11 करोड़, आरएसडब्ल्यूएम लिमिटेड ने 5 करोड़ और श्रीराम इंडस्ट्रीज ने 3 करोड़ रुपये भाजपा के खाते में ट्रांसफर किए।
चंदे में सातवें नंबर पर
राजस्थान देशभर में चंदे के मामले में सातवें नंबर पर है, लेकिन ये आंकड़े साफ बताते हैं कि प्रदेश में कॉरपोरेट फंडिंग का झुकाव सत्तासीन पार्टी की तरफ है। अब देखना यह होगा कि चुनावी सालों में ये चंदा किस रूप में वापस लौटता है।
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