हार के डर से पंचायत और निकाय चुनाव टाल रही है भाजपा, पायलट ने लगाए आरोप
News In Short
- सचिन पायलट का सरकार पर राजस्थान में पंचायत-निकाय चुनाव नहीं कराने का आरोप।
- पायलट ने कहा, मनरेगा को खत्म करने की रची जा रही साजिश।
- कांग्रेस नेता बोले, नाम बदलना पाखंड, काम बंद करना असली मकसद।
- पायलट का सरकार से सवाल, कहां हैं चार लाख सरकारी नौकरियां।
- उन्होंने पानी की किल्लत और अटके चुनाव पर आंदोलन की चेतावनी।
News In Detail
Tonk: राजस्थान में कांग्रेस नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने राजस्थान की वर्तमान भाजपा सरकार पर लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को बाधित करने का आरोप लगाया है। पायलट ने सोमवार को टोंक में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि पंचायतों और निकायों में लंबे समय से प्रशासक बैठे हैं। इससे आम जनता के रोजमर्रा के काम बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। इसलिए सरकार को बिना किसी देरी के पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव करवाने चाहिए।
चुनाव से डर रही है भाजपा
पायलट ने चुनाव आयोग और सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि हाई कोर्ट के स्पष्ट फैसले और 15 अप्रैल की समय सीमा बीत जाने के बाद भी चुनाव ना करवाना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार चुनाव के परिणामों से डरी हुई है। उन्हें पता है कि नतीजे उनके पक्ष में नहीं आएंगे। इसीलिए बार-बार बहाने बनाकर लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेगी और जरूरत पड़ने पर कोर्ट का रास्ता अपनाने के साथ-साथ सरकार पर चुनाव करवाने के लिए चौतरफा दबाव बनाएगी।
खत्म करना चाहते हैं मनरेगा
मनरेगा के मुद्दे पर पायलट ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार का असली उद्देश्य इस योजना को सुदृढ़ करना नहीं बल्कि इसे पूरी तरह समाप्त करना है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के शासनकाल में लाखों लोग मनरेगा के माध्यम से अपनी आजीविका चलाते थे। लेकिन आज गांवों में यह काम लगभग बंद हो चुका है। सरकार केवल विज्ञापनों और पोस्टरों के जरिए अपनी पीठ थपथपा रही है। जबकि धरातल पर रोजगार और विकास के नाम पर कुछ भी नहीं हो रहा है।
कहां हैं चार लाख सरकारी नौकरियां ?
सरकारी नौकरियों और बजट घोषणाओं पर प्रहार करते हुए पायलट ने कहा कि सरकार ने पहले बजट में चार लाख नौकरियों का वादा किया था। लेकिन ढाई साल बीत जाने के बावजूद युवाओं को केवल निराशा ही मिली है। उन्होंने कहा कि विकास भाजपा का एजेंडा ही नहीं है, यह लोग तो केवल मैनेजमेंट के सहारे सत्ता चलाना चाहते हैं। पायलट ने छात्रसंघ चुनाव न करवाए जाने पर भी खेद व्यक्त किया और इसे लोकतंत्र की मूल भावना के विपरीत बताया।
पेयजल की व्यवस्था रखें दुरस्त
भीषण गर्मी के मद्देनजर पायलट ने प्रशासन को पेयजल व्यवस्था दुरुस्त करने की भी नसीहत दी। उन्होंने चेतावनी दी कि आने वाले कुछ हफ्तों में पानी की भारी किल्लत होने वाली है। सरकार को अभी से वाटर टैंकरों, पाइपों की मरम्मत और वितरण व्यवस्था पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को पहले से सचेत करना अनिवार्य है ताकि आम जनता को बूंद-बूंद पानी के लिए तरसना न पड़े। पायलट ने उम्मीद जताई कि प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेगा।
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