राजस्थान की 3 हजार 716 पंचायतों में कल सरपंच-पंच चुनाव, 1.06 करोड़ से ज्यादा मतदाता करेंगे वोट
राज्य निर्वाचन आयोग के संशोधित कार्यक्रम के मुताबिक, तीसरे चरण में 27 जिलों की 116 पंचायत समितियों की ग्राम पंचायतें शामिल हैं। चुनाव के लिए 11 हजीर 869 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। इनमें 55.48 लाख से ज्यादा पुरुष और 51.33 लाख से ज्यादा महिला मतदाता शामिल हैं। मतदाताओं को अपने गांव की सरकार चुनने के लिए एक दिन का इंतजार है।
आज नामांकन से लेकर नाम वापसी तक की प्रक्रिया
पंच और सरपंच पदों के लिए बुधवार, 4 नवंबर को नामांकन की प्रक्रिया पूरी होगी। उम्मीदवार सुबह निर्धारित समय में नामांकन दाखिल कर सकेंगे। सुबह 11 बजे तक नामांकन पत्र जमा किए जा सकेंगे। इसके बाद 11:30 बजे से नामांकन पत्रों की जांच होगी।
दोपहर 2 बजे तक उम्मीदवार अपना नाम वापस ले सकेंगे। नाम वापसी का समय पूरा होने के बाद चुनाव मैदान में बचे प्रत्याशियों की अंतिम सूची जारी की जाएगी। उम्मीदवारों की सूची संबंधित मतदान केंद्रों पर चस्पा की जाएगी। इसके बाद प्रत्याशियों को चुनाव चिह्न आवंटित किए जाएंगे। यानी बुधवार दोपहर बाद गांवों में चुनावी मुकाबले की तस्वीर साफ हो जाएगी।
EVM नहीं, बैलेट पेपर से होगा मतदान
इस चुनाव में पंच और सरपंच पदों के लिए EVM का इस्तेमाल नहीं होगा। दोनों पदों के लिए बैलेट पेपर से वोट डाले जाएंगे। खास बात यह है कि मतपत्रों पर उम्मीदवारों के नाम पहले से छपे नहीं होंगे। मतपत्र पर चुनाव चिह्न छपे रहेंगे। उम्मीदवारों की अंतिम सूची के आधार पर मतदान दल के कर्मचारी संबंधित चुनाव चिह्न के सामने उनका नाम हाथ से लिखेंगे।
नामांकन, जांच और नाम वापसी की प्रक्रिया मतदान से ठीक एक दिन पहले पूरी होने के कारण यह व्यवस्था अपनाई गई है। मतपत्र तैयार करते समय उम्मीदवार के नाम और चुनाव चिह्न का सही मिलान करना मतदान दलों के लिए अहम जिम्मेदारी होगी। मतदाताओं को भी वोट डालते समय नाम और चुनाव चिह्न ध्यान से देखने होंगे।
मतदान के तुरंत बाद शुरू होगी गिनती
गुरुवार को मतदान शाम 6 बजे तक चलेगा। इसके बाद संबंधित ग्राम पंचायत मुख्यालय पर मतगणना शुरू होगी। पंच और सरपंच पदों के वोटों की गिनती उसी दिन कराई जाएगी। नतीजे गिनती पूरी होने के बाद घोषित किए जाएंगे। ऐसे में कई जगहों पर गुरुवार देर रात तक सरपंच और पंच के विजेताओं की तस्वीर साफ हो जाएगी।
चुनाव प्रक्रिया के अगले चरण में शुक्रवार, 6 नवंबर को उपसरपंच का चुनाव कराया जाएगा। इसके लिए नवनिर्वाचित पंच मतदान करेंगे।
गांवों में आज से बढ़ेगी चुनावी हलचल
नामांकन और नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होते ही गांवों में उम्मीदवारों की स्थिति साफ हो जाएगी। इसके बाद प्रत्याशी मतदाताओं से संपर्क और समर्थन जुटाने में लगेंगे। तीसरे चरण के चुनाव में बड़ी संख्या में मतदाता शामिल हैं। ऐसे में गुरुवार का मतदान ग्रामीण राजनीति के लिहाज से अहम रहने वाला है।
राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदान और मतगणना के लिए निर्धारित कार्यक्रम जारी किया है। मतदाताओं को मतदान केंद्र पर पहुंचकर निर्धारित समय में अपने मताधिकार का इस्तेमाल करना होगा।