बिना बिजली के 6 हजार स्कूल, बिना बच्चों के 140 स्कूल, UDISE रिपोर्ट में खुलासा
समझें क्या है पूरा मामला
- राजस्थान के हर 10वें सरकारी स्कूल में बिजली नहीं, 7,200 में सिर्फ 1 शिक्षक।
- 1.59 करोड़ छात्र, 7.93 लाख शिक्षक, पर मूलभूत सुविधाओं का संकट गहरा।
- 140 स्कूल ऐसे जहां एक भी विद्यार्थी नहीं, लेकिन 189 शिक्षक तैनात।
- 75 हजार स्कूलों में इंटरनेट, 51 हजार में ही कंप्यूटर, डिजिटल डिवाइड बरकरार।
- माध्यमिक स्तर पर ड्रॉपआउट 7.5%, लड़कों की दर लड़कियों से ज्यादा।
यूडाइस (UDISE – Unified District Information System for Education) 2025-26 रिपोर्ट ने राजस्थान की शिक्षा व्यवस्था की असली तस्वीर सामने रखी है। राज्य में 1,06,445 स्कूल, 7,93,158 शिक्षक और 1.59 करोड़ विद्यार्थी हैं। औसत छात्र-शिक्षक अनुपात 20:1 दिखता है जो संतुलित लगता है। लेकिन जमीनी हकीकत अलग है।
7,200 स्कूल ऐसे हैं जिनमें केवल एक-एक शिक्षक है। इनमें 1 लाख 78 हजार 531 बच्चे पढ़ते हैं। उलटे 140 स्कूल ऐसे हैं जहां एक भी विद्यार्थी नहीं, लेकिन 189 शिक्षक तैनात हैं।
हर 10वें सरकारी स्कूल में बिजली नहीं
राजस्थान के 69,983 सरकारी स्कूलों में से 63,809 यानी 91.2 फीसदी में बिजली कनेक्शन है। लेकिन कार्यशील बिजली केवल 63,117 यानी 90.2 फीसदी स्कूलों में ही मिलती है।
यानी करीब हर दस में एक सरकारी स्कूल आज भी कार्यशील बिजली से वंचित है। निजी स्कूलों की तुलना में सरकारी स्कूलों की स्थिति कमजोर है।
इंटरनेट है, पर कंप्यूटर आधे से कम स्कूलों में
रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश के 75,192 स्कूलों में इंटरनेट की सुविधा है। लेकिन पढ़ाई के लिए डेस्कटॉप केवल 51,650 स्कूलों में हैं। यानी इंटरनेट तो पहुंचा लेकिन कंप्यूटर अभी भी आधे से कम स्कूलों में हैं।
ड्रॉपआउट दर चिंताजनक
रिपोर्ट बताती है कि प्रारंभिक स्तर पर ड्रॉपआउट (Dropout) दर 3.6 फीसदी है। मिडिल स्तर पर यह 4.4 फीसदी हो जाती है। माध्यमिक स्तर पर पहुंचते-पहुंचते यह दर 7.5 फीसदी तक पहुंच जाती है। माध्यमिक स्तर पर लड़कों की ड्रॉपआउट दर 8.1 फीसदी है जबकि लड़कियों की 6.8 फीसदी है।
राजस्थान में 1063 एकल शिक्षक स्कूल बढ़े
पूरे देश में पहली बार एकल शिक्षक स्कूलों की संख्या में गिरावट देखी गई है। 2025 सत्र में 1,04,125 की तुलना में 2026 सत्र में यह घटकर 1,00,843 हो गई।
लेकिन इस रुझान के बीच राजस्थान में 1,063 एकल शिक्षक स्कूल बढ़ गए। महाराष्ट्र में 1,117 और आंध्र प्रदेश में 3,445 की बढ़ोतरी हुई।
1.78 लाख बच्चे एक-एक शिक्षक के भरोसे
जिन 7,200 स्कूलों में केवल एक शिक्षक है, उनमें 1 लाख 78 हजार 531 बच्चे पढ़ते हैं। एक शिक्षक को एक साथ सभी कक्षाओं की पढ़ाई करानी पड़ती है। इसका सीधा असर शिक्षा की गुणवत्ता पर पड़ता है।
FAQ
- UDISE 2025-26 रिपोर्ट में राजस्थान के बारे में क्या चौंकाने वाले तथ्य सामने आए?
राजस्थान में 7,200 स्कूलों में केवल एक-एक शिक्षक है जिनमें 1.78 लाख बच्चे पढ़ते हैं। 140 स्कूल ऐसे हैं जहां एक भी छात्र नहीं लेकिन 189 शिक्षक तैनात हैं। हर 10वें सरकारी स्कूल में कार्यशील बिजली नहीं है। - राजस्थान में स्कूलों की ड्रॉपआउट दर क्या है?
प्रारंभिक स्तर पर 3.6 फीसदी, मिडिल स्तर पर 4.4 फीसदी और माध्यमिक स्तर पर 7.5 फीसदी बच्चे पढ़ाई छोड़ देते हैं। माध्यमिक में लड़कों की दर 8.1 और लड़कियों की 6.8 फीसदी है। - देशभर में एकल शिक्षक स्कूलों की स्थिति क्या है?
देश में पहली बार एकल शिक्षक स्कूलों की संख्या घटी है, 2025 में 1,04,125 से घटकर 2026 में 1,00,843 हो गई। लेकिन राजस्थान में 1,063 एकल शिक्षक स्कूल बढ़ गए हैं।
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