बीज में रिश्वतखोरी: रिमांड के बाद आरोपियों को भेजा जेल, एसीबी को मिले अहम सबूत

Jageshwar prasad | Jun 14, 2026, 18:38 IST
राजस्थान बीज निगम घोटाला
राजस्थान नकली बीज कांड में जुगल किशोर बिश्नोई और भांजे स्वतंत्र ज्याणी समेत 6 आरोपियों को 7 दिन की रिमांड के बाद जेल भेज दिया गया है। ACB पूछताछ में मिले सुराग और दस्तावेजों की जांच कर रही है।

समझें क्या है पूरा मामला

  • नकली बीज मामले में बीज निगम के पूर्व निदेशक जुगल किशोर बिश्नोई जेल भेजे गए।
  • सात दिन की रिमांड के बाद सभी छह आरोपी न्यायिक हिरासत में भेजे गए।
  • एसीबी ने जुगल किशोर के घर से 1.58 करोड़ रुपए नकद बरामद किए थे।
  • आरोपी के भांजे स्वतंत्र ज्याणी को भी 85 लाख के साथ पकड़ा गया था।
  • 15 करोड़ के मूंगफली बीज सीज होने के बाद शुरू हुआ था रिश्वत का खेल।

राजस्थान में नकली मूंगफली बीज खपाने और उसके बदले 2 करोड़ 45 लाख रुपए की रिश्वत लेने के मामले में राजस्थान राज्य बीज निगम (Rajasthan State Seeds Corporation Limited) के तत्कालीन डायरेक्टर जुगल किशोर बिश्नोई और उसके भांजे स्वतंत्र ज्याणी समेत 6 आरोपियों को कोर्ट ने न्यायिक अभिरक्षा यानी जेल भेज दिया है।



ACB ने 7 दिन की पुलिस रिमांड में पूरे नेटवर्क, पैसों के लेनदेन और भ्रष्टाचार से जुड़े अहम सुराग जुटाए हैं। पूछताछ में सामने आए तथ्यों और दस्तावेजों की जांच अभी जारी है। एडिशनल एसपी (ASP) महेंद्र कुमार शर्मा मामले का नेतृत्व कर रहे हैं।



जोधपुर से शुरू हुआ पूरा मामला

27 मई को जोधपुर में किरण कपाड़िया के स्वामित्व वाले मूंगफली बीज के गोदाम पर सर्च किया गया। गुजरात के गजराज ब्रांड के मूंगफली बीज के सैंपल लिए गए और बिक्री पर रोक लगा दी गई।



कृषि विभाग ने गोदाम सीज किया। वहां 15 करोड़ रुपए से अधिक के बीज रखे थे। इसके बाद रिश्वतखोरी का खेल शुरू हुआ। आरोप है कि बीज को वापस गुजरात ले जाने की अनुमति और सैंपल पास कराने के लिए मोटी रकम दी गई।



बीज निगम घोटाला, 7 दिन रिमांड के बाद 6 आरोपी जेल


ACB को मिला 2 करोड़ की रिश्वत का इनपुट

ACB को खुफिया सूचना मिली कि गुजरात की बीज कंपनियों से साठगांठ कर कम गुणवत्ता वाले बीज बाजार में खपाने की कोशिश हो रही है। जांच में सामने आया कि बीज निगम के डायरेक्टर जुगल किशोर बिश्नोई तक एक दलाल के जरिए करीब 2 करोड़ रुपए की रिश्वत पहुंचाई जा चुकी है।



ACB के डीआईजी (DIG) रामेश्वर सिंह ने मामले की जांच के लिए 8 विशेष टीमें बनाईं। पांच से अधिक मोबाइल नंबर सर्विलांस पर लिए गए। तकनीकी जांच के दौरान हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग से नकदी के मूवमेंट, सैंपल मैनेज करने और विभिन्न लोगों की भूमिका के सुराग मिले।



बस में 85 लाख, घर में 1.58 करोड़

7 जून को लूणकरणसर, बीकानेर में एक प्राइवेट बस से जुगल किशोर के भांजे स्वतंत्र ज्याणी को 85 लाख रुपए के साथ पकड़ा गया। इसके बाद ACB ने जयपुर रोड, बीकानेर स्थित जुगल किशोर के घर छापा मारा। वहां से 1 करोड़ 58 लाख रुपए नकद बरामद हुए।



इसके बाद जयपुर में बीटू बाइपास स्थित अरावली अपार्टमेंट से जुगल किशोर बिश्नोई को हिरासत में लिया गया। गोपालपुरा स्थित सफारी होटल से गजराज ब्रांड के मालिक किरण कपाड़िया और कथित दलाल सुनील सेठिया को एक ही जगह से पकड़ा गया।



सहयोगी गणपत बिश्नोई को जयपुर और सतपाल को फलोदी से गिरफ्तार किया गया।



FIR, रिमांड और पद से बर्खास्तगी

8 जून को ACB ने सभी आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज की। बीकानेर की ACB स्पेशल कोर्ट में पेश कर सभी को 7 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया। उसी दिन राज्य सरकार ने जुगल किशोर बिश्नोई को बीज निगम के डायरेक्टर पद से हटाने के आदेश जारी कर दिए।



7 दिन की रिमांड पूरी, अब जेल

7 दिन की पुलिस रिमांड पूरी होने के बाद रविवार को सभी 6 आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया यानी अब सभी जेल में हैं। पूछताछ में मिले तथ्यों और दस्तावेजों की जांच अभी जारी है। पूरे नेटवर्क का खुलासा होने की उम्मीद है।



FAQ

  1. राजस्थान नकली बीज कांड में कितने लोग गिरफ्तार हुए और क्या आरोप हैं?
    इस मामले में कुल 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें बीज निगम के तत्कालीन डायरेक्टर जुगल किशोर बिश्नोई, उनके भांजे स्वतंत्र ज्याणी, गजराज ब्रांड मालिक किरण कपाड़िया, दलाल सुनील सेठिया, गणपत बिश्नोई और सतपाल शामिल हैं। सभी पर नकली बीज खपाने और 2.45 करोड़ रुपए की रिश्वत लेने के आरोप हैं।
  2. राजस्थान नकली बीज कांड कहां से और कैसे शुरू हुआ?
    27 मई को जोधपुर में गजराज ब्रांड के मूंगफली बीज के गोदाम पर सर्च के दौरान 15 करोड़ रुपए से अधिक के बीज सीज हुए। सैंपल पास कराने और बीज वापस गुजरात ले जाने की अनुमति के लिए रिश्वत का खेल शुरू हुआ। ACB को इनपुट मिलने के बाद जांच में करोड़ों की रिश्वत का नेटवर्क सामने आया।

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