खाड़ी देशों के टकराव के शिकार हुए दो राजस्थानी युवक, ओमान में ड्रोन हमले में मारे गए, शव पहुंचे गांव
News In Short
- राजस्थान के दो युवक खाड़ी देशों में युद्ध के शिकर हुए।
- दोनों युवक ओमान के ड्रोन हमलों में मारे गए।
- ये युवक ड्रोन हमले के समय सड़क निर्माण में लगे थे।
- दोनों युवकों के शव उनके पैतृक गांवों में पहुंचे।
- दोनों युवक ओमान में एक कंस्ट्रक्शन कंपनी में करते थे काम।
News In Detail
राजस्थान के दो युवकों की ओमान में ड्रोन हमलों में मौत हो गई। ये युवक सीकर और ब्यावर जिले के रहने वाले थे। दोनों युवक ओमान की एक कंस्ट्रक्शन कंपनी में काम करते थे। मृतकों की पहचान सीकर जिले के खंडेला क्षेत्र के अगलोई गांव के विक्रम वर्मा और ब्यावर जिले के रायपुर उपखंड के लालपुरा गांव के पप्पू सिंह के रूप में हुई है। दोनों युवकों का शव मंगलवार को उनके अपने-अपने गांवों में पहुंचा।
23 फरवरी को ओमान गए थे दोनों युवक
पुलिस के अनुसार यह घटना 13 मार्च को घटित हुई थी। दो युवकों की मौत के बाद शवों को फ्लाइट से जयपुर लाया गया, फिर उनके पैतृक गांवों में भेजा गया। उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। दोनों की मौत से गांव में शोक का माहौल बन गया।
विक्रम वर्मा ने फोन पर की थी अंतिम बार बात
पुलिस ने बताया कि विक्रम वर्मा 23 फरवरी को ओमान गया था। वह वहां कंस्ट्रक्शन कंपनी के लिए सड़क परियोजनाओं पर काम कर रहा था। हमले से एक दिन पहले उसने अपने परिवार से आखिरी बार फोन पर बात की थी। फोन पर बात में विक्रम ने ओमान में चल रहे हालतों के बारे में भी बताया था।
तीन बहनों का इकलौता भाई था विक्रम
विक्रम के चाचा महेश वर्मा ने बताया कि विक्रम तीन बहनों के बीच इकलौता बेटा था। उसकी बड़ी बहन शादीशुदा है और दो छोटी बहनें अभी पढ़ाई कर रही हैं। वह ओमान सिर्फ इसलिए गया था, ताकि परिवार की आर्थिक स्थिति सुधार सके, क्योंकि उसके पिता की कमाई कम पड़ रही थी। महेश ने आगे कहा की उसकी मां पिछले छह महीनों से बिस्तर पर थीं और विक्रम अपने परिवार के लिए बेहतर रोजी-रोटी कमाने ओमान गया था।
पप्पू सिंह की अंतिम यात्रा
वही, पप्पू के ममेरे भाई ने बताया की पप्पू भी उसी कंस्ट्रक्शन कंपनी में काम करता था, जहां विक्रम काम करता था। पप्पू के शव को भारत लाकर उसके पैतृक गांव लालपुरा में अंतिम संस्कार कर दिया गया है
ये भी पढे़:-
एनसीईआरटी की किताब से हटा विवादित नक्शा, जैसलमेर-बीकानेर अब नहीं दिखेंगे मराठा साम्राज्य का हिस्सा
विधायक के बेटे पर करोड़ों की धोखाधड़ी का आरोप, असम का टेंडर दिलाने के नाम पर 4.81 करोड़ की ठगी
सरकारी स्कूलों में अब 'पढ़ाई फर्स्ट', बिना मंजूरी के नहीं हो सकेंगी प्रतियोगी परीक्षाएं
पद्मजा कुमारी की याचिका खारिज, दिल्ली हाईकोर्ट बोला-जब तक लक्ष्यराज का वसीयत केस लंबित, फैसला नहीं