SI भर्ती 2021: रिजाइन देने वालों को दोबारा मिलेगी पुरानी नौकरी, राजस्थान सरकार ने जारी किया आदेश
राजस्थान में SI भर्ती 2021 (SI Recruitment 2021) रद्द होने के बाद पुरानी सरकारी नौकरी से रिजाइन दे चुके उम्मीदवारों को राहत मिली है। राज्य सरकार ने ऐसे कर्मचारियों को उनकी पुरानी नौकरी पर वापस लेने का फैसला किया है। गृह विभाग ने 3 अक्टूबर 2026 को इसके आदेश जारी किए हैं।
इसका फायदा उन लोगों को मिलेगा, जो पहले से राजस्थान सरकार के किसी विभाग में नौकरी कर रहे थे। SI या प्लाटून कमांडर भर्ती 2021 में चयन होने के बाद उन्होंने अपनी पुरानी नौकरी छोड़ दी थी। बाद में राजस्थान हाई कोर्ट (High Court) ने पूरी भर्ती रद्द कर दी। इससे उनकी SI की नौकरी तो गई ही, पुरानी नौकरी पर वापसी भी अटक गई थी।
अब सरकार ने साफ कर दिया है कि ऐसे कर्मचारियों को उनके पुराने पद पर वापस लिया जाएगा। उनकी पुरानी नौकरी की सेवा अवधि और वरिष्ठता भी खत्म नहीं होगी।
2021 में निकली थी 859 पदों पर भर्ती
राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) ने फरवरी 2021 में सब इंस्पेक्टर और प्लाटून कमांडर के 859 पदों के लिए भर्ती निकाली थी। परीक्षा 13 से 15 सितंबर 2021 के बीच हुई।
बाद में इस भर्ती में पेपर लीक और नकल के मामले सामने आए। जांच आगे बढ़ी तो भर्ती प्रक्रिया पर सवाल खड़े होने लगे। SOG ने मामले की जांच की। कई गिरफ्तारियां भी हुईं। इसके बाद भर्ती रद्द करने की मांग हाईकोर्ट तक पहुंची।
अगस्त 2025 में हाई कोर्ट ने रद्द की थी SI भर्ती 2021
राजस्थान हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने 28 अगस्त 2025 को SI भर्ती 2021 को रद्द कर दिया। कोर्ट ने माना कि भर्ती में बड़े स्तर पर गड़बड़ी हुई और सही तरीके से चयन हुए उम्मीदवारों को गड़बड़ी करने वालों से अलग करना मुश्किल हो गया है।इस फैसले के खिलाफ चयनित उम्मीदवार डिवीजन बेंच में पहुंचे। 8 सितंबर 2025 को डिवीजन बेंच ने भर्ती रद्द करने वाले फैसले पर कुछ समय के लिए रोक लगा दी थी। हालांकि चयनित SI को फील्ड पोस्टिंग देने पर रोक जारी रही।
इसके बाद मामला चलता रहा। 4 अप्रैल 2026 को हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने सिंगल बेंच के मुख्य फैसले को सही माना और SI भर्ती 2021 को रद्द करने का फैसला बरकरार रखा।
पुरानी सरकारी नौकरी छोड़ने वालों का क्या हुआ?
इस पूरे मामले में एक अलग परेशानी उन कर्मचारियों के सामने आई, जो SI या प्लाटून कमांडर बनने से पहले ही किसी सरकारी विभाग में नौकरी कर रहे थे।SI भर्ती में चयन होने के बाद इनमें से कई लोगों ने पुरानी नौकरी छोड़ दी थी। कुछ ने इस्तीफा दिया था। कुछ कर्मचारी अपनी पुरानी नौकरी के शुरुआती दौर में थे और वहां से नौकरी छोड़कर SI या प्लाटून कमांडर के पद पर चले गए थे।
भर्ती रद्द हुई तो इन लोगों के सामने दोहरी परेशानी खड़ी हो गई। SI की नौकरी चली गई और पुरानी सरकारी नौकरी पर लौटने का रास्ता भी साफ नहीं था।हाईकोर्ट ने इस स्थिति को देखते हुए ऐसे कर्मचारियों को उनकी पुरानी नौकरी पर वापस लेने के निर्देश दिए थे।
पुरानी पोस्ट खाली नहीं तो भी मिलेगी नौकरी
सरकार ने एक और अहम व्यवस्था की है। अगर कर्मचारी जिस पुराने पद पर काम करता था, वह पद अब खाली नहीं है तो सिर्फ इस वजह से उसकी वापसी नहीं रुकेगी।ऐसे कर्मचारी के लिए अलग से अस्थायी पद बनाया जा सकेगा। इसके लिए संबंधित विभाग वित्त विभाग को प्रस्ताव भेजेगा।यानी पुराने पद पर किसी दूसरे कर्मचारी की नियुक्ति हो चुकी है, तब भी SI भर्ती के कारण नौकरी छोड़ने वाले कर्मचारी की वापसी का रास्ता बंद नहीं होगा।
पुरानी नौकरी की सेवा अवधि भी जुड़ेगी
सरकार ने कर्मचारियों की पुरानी सेवा को लेकर भी स्थिति साफ कर दी है। कर्मचारी ने अपनी पुरानी सरकारी नौकरी पहली बार जिस तारीख को जॉइन की थी, उसी आधार पर उसकी सेवा अवधि गिनी जाएगी।अगर वह उस समय शुरुआती नौकरी की अवधि में था तो उसकी गणना भी पहली जॉइनिंग की तारीख से ही होगी।इससे नौकरी में बिताए पुराने समय का फायदा खत्म नहीं होगा।
वरिष्ठता भी पहले जैसी रहेगी
कर्मचारी की वरिष्ठता भी उसकी पुरानी नौकरी के हिसाब से ही रखी जाएगी। यानी SI भर्ती में जाने और बाद में भर्ती रद्द होने के कारण वह वरिष्ठता में पीछे नहीं जाएगा।पुरानी भर्ती में उसकी जो मेरिट और वरिष्ठता थी, उसी के आधार पर उसे जगह मिलेगी।
पूरा पिछला वेतन नकद नहीं मिलेगा
सरकार ने वेतन और दूसरे आर्थिक फायदे को लेकर भी नियम तय किए हैं।पुरानी नौकरी छोड़ने से लेकर वापस जॉइन करने तक की पूरी अवधि का हर फायदा नकद नहीं मिलेगा। इस बीच की सेवा को रिकॉर्ड में जोड़ा जाएगा। इसका फायदा आगे वेतन और सेवा से जुड़े मामलों में मिलेगा।
नकद वेतन और दूसरे सीधे आर्थिक फायदे पुरानी नौकरी पर दोबारा जॉइन करने की तारीख से मिलेंगे।सरकार के आदेश के मुताबिक भर्ती रद्द होने से लेकर पुरानी नौकरी जॉइन करने तक या 31 दिसंबर 2026 तक की अवधि को लेकर भी अलग व्यवस्था की गई है।
31 दिसंबर तक जॉइन करने का मौका
सरकार ने कर्मचारियों के लिए 31 दिसंबर 2026 की तारीख भी तय की है।अगर कोई कर्मचारी इस तारीख तक पुरानी नौकरी जॉइन नहीं करता है तो इसके बाद जॉइन करने तक के समय को उसके खाते में मौजूद छुट्टियों में जोड़ा जाएगा। छुट्टियां नहीं बची हैं तो उस अवधि को बिना वेतन वाली छुट्टी माना जा सकता है।इसलिए आदेश का फायदा लेने वाले कर्मचारियों के लिए तय समय में पुराने विभाग में वापस जॉइन करना जरूरी होगा।
पेपर लीक या गड़बड़ी में शामिल लोगों को फायदा नहीं
सरकार ने यह भी साफ किया है कि इस आदेश का फायदा हर चयनित SI या प्लाटून कमांडर को नहीं मिलेगा।SI भर्ती 2021 की गड़बड़ियों या आपराधिक मामलों में शामिल पाए गए और नौकरी से बर्खास्त किए गए लोगों को पुरानी नौकरी पर वापस लेने की यह राहत नहीं मिलेगी।सरकार ने ऐसे लोगों की अलग सूची आदेश के साथ जोड़ी है।
पहले लौट चुके कर्मचारियों को भी मिलेगा फायदा
कुछ कर्मचारियों की पुरानी नौकरी पहले से सुरक्षित थी और वे उसी आधार पर अपने पुराने विभाग में वापस जा चुके हैं। सरकार ने साफ किया है कि नए आदेश में दिए गए सेवा और दूसरे फायदे ऐसे कर्मचारियों को भी मिलेंगे।इस तरह 3 अक्टूबर का आदेश खास तौर पर उन सरकारी कर्मचारियों की स्थिति साफ करता है, जिन्होंने SI भर्ती 2021 में चयन के बाद अपनी पुरानी नौकरी छोड़ दी थी। हाईकोर्ट से भर्ती रद्द होने के बाद अब सरकार ने उनकी पुरानी नौकरी, वरिष्ठता और सेवा अवधि को लेकर नियम तय कर दिए हैं।