राजस्थान में स्मार्ट मीटरों में शिकायत आने के बाद डिस्कॉम ने लिया यह फैसला, होगा समाधान

Amit Baijnath Garg | Jul 18, 2025, 12:44 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान में स्मार्ट मीटरों में गड़बड़ी को लेकर फैली भ्रांतियों पर जोधपुर डिस्कॉम का स्पष्टीकरण। उपभोक्ता हितों की रक्षा और पारदर्शी बिलिंग व्यवस्था के लिए उठाया कदम।

राजस्थान में स्मार्ट मीटरों में गड़बड़ियों और अधिक बिलों को लेकर कई शिकायतें सामने आई हैं। इन शिकायतों के बीच जोधपुर डिस्कॉम ने एक महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण जारी किया है, जिसमें डिस्कॉम ने इन मीटरों को पूरी तरह प्रमाणित और सटीक बताया है। डिस्कॉम का कहना है कि स्मार्ट मीटरों से किसी भी प्रकार की गलत बिलिंग या तेज रीडिंग की संभावना पूरी तरह निराधार है।



स्मार्ट मीटरों के लाभ

जोधपुर डिस्कॉम के प्रबंध निदेशक डॉ. भंवरलाल ने बताया कि स्मार्ट मीटरों की सबसे बड़ी विशेषता सटीक बिलिंग और रीयल टाइम खपत की जानकारी है। इन मीटरों के माध्यम से उपभोक्ता अपनी बिजली खपत की निगरानी कर सकते हैं और मोबाइल एप के जरिए बिलिंग व नियंत्रण की सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। इसके साथ ही, प्रीपेड मीटर पर प्रति यूनिट 15 पैसे की छूट भी उपलब्ध है, जिससे उपभोक्ताओं को और अधिक सुविधा मिल रही है।



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चेक मीटर और सत्यापन प्रक्रिया

उपभोक्ताओं के विश्वास को बनाए रखने के लिए डिस्कॉम ने कुछ स्थानों पर चेक मीटर भी लगाए हैं। इन मीटरों का उद्देश्य केवल उपभोक्ता मीटर की रीडिंग का तकनीकी सत्यापन करना है। चेक मीटर की रीडिंग का उपयोग बिलिंग के लिए नहीं किया जाता, बल्कि यह विवाद की स्थिति में तकनीकी साक्ष्य के रूप में काम करता है।



रीडिंग पर संदेह होने पर उपभोक्ताओं के लिए समाधान

यदि किसी उपभोक्ता को मीटर रीडिंग पर संदेह होता है, तो वह डिस्कॉम से मीटर जांच की मांग कर सकता है। यदि मीटर में कोई तकनीकी दोष पाया जाता है, तो उसे तुरंत बदल दिया जाएगा। डिस्कॉम ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अफवाहों से बचें और स्मार्ट मीटरों के फायदे को समझें, जो पारदर्शिता और सेवा गुणवत्ता को बढ़ाते हैं।



शिकायतों और जांच के लिए प्रक्रिया

किसी भी प्रकार की शिकायत या आशंका की स्थिति में उपभोक्ता को निकटतम डिस्कॉम कार्यालय या ऑनलाइन शिकायत पोर्टल के माध्यम से संपर्क करना होगा। इससे ग्राहकों को शीघ्र समाधान मिलेगा और उनकी परेशानी को जल्दी से हल किया जाएगा।



FAQ

  1. 1. क्या स्मार्ट मीटरों से अधिक बिल आने की संभावना है?
    नहीं, स्मार्ट मीटर पूरी तरह प्रमाणित होते हैं और इनमें तेज रीडिंग या अधिक बिलिंग की कोई संभावना नहीं होती। यह तकनीकी रूप से गलत है।
  2. 2. स्मार्ट मीटर की रीडिंग में संदेह होने पर क्या करना चाहिए?
    अगर किसी उपभोक्ता को स्मार्ट मीटर की रीडिंग पर संदेह होता है, तो वह डिस्कॉम से मीटर जांच की मांग कर सकता है। यदि कोई तकनीकी दोष पाया जाता है, तो मीटर को बदल दिया जाएगा।
  3. 3. चेक मीटर का उद्देश्य क्या है?
    चेक मीटर का उद्देश्य उपभोक्ता मीटर की रीडिंग का तकनीकी सत्यापन करना है। यह मीटर बिलिंग के लिए उपयोग नहीं किया जाता और केवल विवादों में साक्ष्य के रूप में काम करता है।

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