सरकार ने की UCC बिल लाने की तैयारी, मानसून सत्र में हो सकता है पेश
समझें क्या है पूरा मामला
- राजस्थान सरकार मानसून सत्र में UCC बिल पेश करने की तैयारी में।
- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को UCC ड्राफ्ट सौंपा गया।
- ड्राफ्ट में विवाह, तलाक, संपत्ति और उत्तराधिकार शामिल।
- सरकार अब बिल की कानूनी और संवैधानिक समीक्षा करेगी।
- कांग्रेस ने UCC ड्राफ्ट सार्वजनिक नहीं करने पर सवाल उठाए।
राजस्थान में समान नागरिक संहिता यानी यूसीसी (UCC – Uniform Civil Code) बिल को लेकर सरकार सक्रिय हो गई है। भजनलाल सरकार इसी मानसून सत्र में यह बिल सदन में पेश करने की तैयारी कर रही है। प्रारूप समिति ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को यूसीसी बिल का ड्राफ्ट सौंप दिया है। अब सरकार इसकी कानूनी और संवैधानिक समीक्षा करेगी।
अप्रैल में शुरू हुई थी कवायद
राजस्थान में यूसीसी को लेकर कवायद अप्रैल में शुरू हुई थी। राज्य मंत्रिमंडल ने 14 अप्रैल 2026 को समान नागरिक संहिता की दिशा में आगे बढ़ने का फैसला किया था।
इसके बाद 6 मई को प्रारूप समिति का गठन हुआ। सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में बनी इस समिति को राजस्थान की परिस्थितियों और विभिन्न समुदायों की परंपराओं का अध्ययन कर मसौदा तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई थी।
ड्राफ्ट में क्या-क्या है शामिल
राजस्थान के प्रस्तावित यूसीसी का दायरा सिर्फ विवाह और तलाक तक सीमित नहीं रहने वाला। ड्राफ्ट में संपत्ति, उत्तराधिकार, गोद लेने और भरण-पोषण जैसे मामलों में भी समान कानूनी व्यवस्था का प्रस्ताव है।
इसके साथ ही लिव-इन रिलेशनशिप को भी कानूनी दायरे में लाने की तैयारी है। समिति ने यह ड्राफ्ट मुख्यमंत्री निवास पर भजनलाल शर्मा को सौंपा।
आगे क्या होगी प्रक्रिया
ड्राफ्ट मिलने के बाद सरकार अब इसके कानूनी और संवैधानिक पहलुओं की समीक्षा करेगी। इसके बाद यह प्रस्ताव मंत्रिमंडल के सामने रखा जाएगा।
कैबिनेट की मंजूरी मिलने पर यूसीसी विधेयक विधानसभा में पेश किया जा सकता है। सरकार की योजना 20 अगस्त से शुरू होने वाले मानसून सत्र में इसे पेश करने की है।
कांग्रेस ने उठाए सवाल
कांग्रेस इस बिल को लेकर शुरू से ही सवाल उठा रही है। पार्टी का आरोप है कि सरकार ने जनता के सामने यूसीसी का कोई मसौदा या प्रस्ताव सार्वजनिक नहीं किया। कांग्रेस के अनुसार बिना ड्राफ्ट के ही जनसुनवाई कर ली गई और अब बिल पेश करने की तैयारी है।
राजस्थान विधानसभा में मुख्य सचेतक मोहम्मद रफीक खान ने कहा कि कांग्रेस बिल पेश होने के बाद अध्ययन कर जवाब देगी। उनका आरोप है कि भाजपा सरकार जनता के असल मुद्दों पर बात नहीं करना चाहती और इस तरह के बिल से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है।
नेता प्रतिपक्ष ने रखी अपनी बात
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि सरकार को सदन में चर्चा के दिन बढ़ाने चाहिए। उनके अनुसार सरकार चर्चा से बच रही है, लेकिन कांग्रेस यूसीसी पर भी चर्चा करने से पीछे नहीं हटेगी।
जूली ने यह भी कहा कि देश का युवा अब जागरूक हो चुका है। उनके अनुसार युवा हिंदू-मुस्लिम या जाति-धर्म पर नहीं, बल्कि असल मुद्दों पर बात करना चाहता है।
FAQ
- राजस्थान में UCC बिल कब पेश हो सकता है?
सरकार की योजना इसे 20 अगस्त से शुरू हो रहे मानसून सत्र में पेश करने की है। इससे पहले कैबिनेट की मंजूरी जरूरी होगी। - राजस्थान में UCC ड्राफ्ट में क्या-क्या शामिल है?
ड्राफ्ट में विवाह, तलाक, संपत्ति, उत्तराधिकार, गोद लेने और भरण-पोषण के लिए समान कानून का प्रस्ताव है। लिव-इन रिलेशनशिप को भी कानूनी दायरे में लाया जा सकता है। - राजस्थान में कांग्रेस ने UCC बिल पर क्या आपत्ति जताई?
कांग्रेस का आरोप है कि सरकार ने ड्राफ्ट सार्वजनिक किए बिना ही जनसुनवाई कर ली। पार्टी इसे असल मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश बता रही है।
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