UCC पर मांगी जनता की राय, 25 जुलाई तक दे सकते हैं 19 सवालों के जवाब
समझें क्या है पूरा मामला
- UCC पर राजस्थान सरकार ने मांगे सुझाव, 25 जुलाई डेडलाइन।
- 19 सवाल, एक वेबसाइट और आप दे सकते हैं अपनी राय।
- सात संभागों में होगी जनसुनवाई, अजमेर से होगी शुरुआत।
- बहुविवाह, लिव-इन और तलाक पर भी मांगी जनता की राय।
- SMS भेजकर मांगे जनता के सुझाव, गोपनीयता का भी वादा।
राजस्थान सरकार समान नागरिक संहिता यानी UCC लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। इसके लिए गठित उच्च स्तरीय समिति ने जनता से सुझाव मांगे हैं। समिति ने 19 सवालों वाला एक पोर्टल तैयार किया है जहां 25 जुलाई तक राय दी जा सकती है।
समिति के सदस्य सातों संभागों में जनसुनवाई भी करेंगे। समिति की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई कर रही हैं।
वेबसाइट पर देनी होगी राय
गृह विभाग की ओर से जारी आदेश के तहत समिति ने प्रदेशवासियों के मोबाइल पर SMS भेजा है। उसमें पूछा गया कि राजस्थान सरकार UCC लागू करने का विचार रखती है, आप क्या सोचते हैं।
सुझाव देने के लिए पोर्टल का पता है ucc.rajasthan.gov.in। पहले 10 अंकों का मोबाइल नंबर या जन आधार नंबर दर्ज करना होगा। सुरक्षा कैप्चा से सत्यापन के बाद व्यक्तिगत या संगठन के रूप में सुझाव दे सकते हैं। सरकार ने इन सुझावों को गोपनीय रखने का वादा किया है।
25 जुलाई तक दें जवाब, 400 शब्दों में टिप्पणी भी हो सकती है
19 सवालों के जवाब हां या ना में देने होंगे। एक सवाल बहु विकल्प का है जिसमें UCC में किन विषयों को शामिल किया जाए, यह पूछा गया है।
इन सवालों के अतिरिक्त 400 शब्दों में अपनी अलग टिप्पणी भी दी जा सकती है। संबंधित दस्तावेज अपलोड करने की भी सुविधा है।
विवाह से बहुविवाह तक 19 सवाल
UCC के मसौदे में पूछे गए मुख्य सवाल इन विषयों पर हैं।
संविधान के अनुच्छेद 44 में UCC का प्रावधान है, क्या आप इससे परिचित हैं? UCC लागू करने का समर्थन करते हैं? धर्म आधारित कानूनों में पुरुष और महिला के साथ अलग-अलग व्यवहार, क्या यह बंद होना चाहिए?
तलाक और विवाह विच्छेद का अनिवार्य पंजीकरण हो? सभी समुदायों में भरण-पोषण के समान नियम हों? महिला और पुरुष के लिए समान संपत्ति अधिकार हों?
लिव-इन रिलेशनशिप के पंजीकरण पर भी सवाल है। लिव-इन टूटने पर तलाक जैसे अधिकार मिलें? बहुविवाह प्रथा से महिला के अधिकार सुरक्षित नहीं रहते, क्या आप सहमत हैं?
सात संभागों में होगी जनसुनवाई
समिति के चार सदस्य सातों संभागों में अलग-अलग जनसुनवाई करेंगे। शत्रुघ्न सिंह 10 से 11 जुलाई को जयपुर में। बसंत सिंह 6 से 7 जुलाई को अजमेर में और 13 से 14 जुलाई को उदयपुर में। रामस्वरूप अग्रवाल 7 से 8 जुलाई को कोटा में और 9 से 10 जुलाई को भरतपुर में। डॉ. शुचि चौहान बीकानेर में जनसुनवाई करेंगी। जोधपुर की तारीख अभी सामने नहीं आई है।
UCC क्या है और क्यों हो रही चर्चा?
समान नागरिक संहिता यानी UCC वह कानून है जो देश के सभी नागरिकों पर समान रूप से लागू होगा। फिलहाल शादी, तलाक, विरासत और गोद लेने जैसे मामलों में अलग-अलग धर्मों के अपने-अपने कानून लागू होते हैं।
संविधान का भाग 4 अनुच्छेद 44में राज्य को UCC लागू करने का प्रयास करने का निर्देश दिया गया है। उत्तराखंड देश का पहला राज्य बन चुका है जहां UCC लागू हुआ है। अब राजस्थान इस दिशा में कदम बढ़ा रहा है।
FAQ
- राजस्थान में UCC पर सुझाव कैसे और कब तक दे सकते हैं?
सुझाव देने के लिए ucc.rajasthan.gov.in पर जाएं। मोबाइल नंबर या जन आधार नंबर से लॉगिन करें और 19 सवालों के जवाब दें। यह सुविधा 25 जुलाई 2026 तक उपलब्ध है। - UCC में किन विषयों को शामिल करने का प्रस्ताव है?
विवाह, तलाक, वसीयत, उत्तराधिकार और लिव-इन रिलेशनशिप को UCC के दायरे में लाने पर जनता से राय मांगी गई है।
ये भी पढ़ें:-
हाई कोर्ट के आदेश के बाद भी अतिक्रमण नहीं हटा, तहसीलदार व पटवारी सस्पेंड
कैचमेंट एरिया में अतिक्रमण पर हाई कोर्ट सख्त, कहा- प्राकृतिक बहाव रोकना घातक
राजस्थान हाई कोर्ट: 10 हजार सीनियर टीचर्स के प्रमोशन का रास्ता साफ, 28 याचिकाएं खारिज
राजस्थान हाई कोर्ट का आदेश, यौन अपराधों में फोटो-वीडियो सीलबंद लिफाफे में हों पेश