राजस्थान यूनिवर्सिटी में छात्राओं का प्रदर्शन, कैंपस सुरक्षा पर उठाए सवाल, कुलगुरु को देंगी ज्ञापन
समझें क्या है पूरा मामला
- राजस्थान यूनिवर्सिटी में छात्राओं का प्रदर्शन।
- छात्राओं ने सुरक्षा को लेकर उठाई आवाज।
- यूनिवर्सिटी के मुख्य द्वार पर की नारेबाजी।
- पितृसत्तात्मक सोच के खिलाफ किया विरोध।
- छात्राएं अब कुलगुरु को सौंपेंगी ज्ञापन।
Jaipur: राजस्थान यूनिवर्सिटी (Rajasthan University) में शनिवार रात छात्राओं ने प्रदर्शन किया। उन्होंने महिलाओं के खिलाफ बढ़ते उत्पीड़न और कैंपस में छात्राओं की सुरक्षा (Women Safety) को लेकर आवाज उठाई। छात्राओं ने विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर नारेबाजी की।
छात्राओं का कहना था कि उनका विरोध पुरुषों के खिलाफ नहीं है। यह उस पितृसत्तात्मक सोच के खिलाफ है, जिसके कारण महिलाओं को ही उनके साथ होने वाली घटनाओं के लिए जिम्मेदार ठहराया जाता है। यह सोच बदलने की जरूरत है।
क्यों किया प्रदर्शन?
प्रदर्शन में शामिल छात्रा चित्रा ने कहा कि यह प्रदर्शन पुरुष बनाम महिला नहीं है। उनका विरोध उस सोच के खिलाफ है, जिसमें लड़की के पहनावे पर सवाल उठाए जाते हैं। उसके रात में बाहर निकलने या उसके व्यवहार को लेकर सवाल खड़े किए जाते हैं।
उन्होंने कहा कि समाज में यह सोच बदलने की जरूरत है कि पुरुष होने के नाते कोई भी कुछ भी कर सकता है। छात्राओं ने सरकार से महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर कड़े कानून बनाने की मांग की। साथ ही दोषियों को सख्त सजा देने की बात कही।
देशभर में उठ रही आवाज
छात्रा पूजा शेखावत ने कहा कि महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों को लेकर देशभर में गुस्सा और विरोध देखने को मिल रहा है। उन्होंने रेप और दहेज उत्पीड़न जैसे मामलों का जिक्र किया।
उन्होंने कहा कि अलग-अलग राज्यों से इस तरह की शिकायतें सामने आती रहती हैं। राजस्थान यूनिवर्सिटी एक बड़ा शैक्षणिक संस्थान है। इसलिए यहां से उठने वाली आवाज दूर तक पहुंच सकती है। इसी उद्देश्य से विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर प्रदर्शन किया गया।
कैंपस सुरक्षा पर सवाल
छात्राओं ने विश्वविद्यालय परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उनके मुताबिक कैंपस में कई जगह स्ट्रीट लाइट की समस्या है। रात 8 बजे के बाद भी परिसर में बाहरी लोगों की आवाजाही रहती है।
ऐसे में हॉस्टल से बाहर आने-जाने वाली छात्राओं को कमेंटबाजी और छेड़छाड़ जैसी घटनाओं का सामना करने का डर रहता है। छात्राओं का कहना है कि इन परिस्थितियों के कारण कई छात्राएं हॉस्टल से बाहर निकलने से भी कतराने लगी हैं।
डार्क एरिया की शिकायत
छात्राओं ने आरोप लगाया कि गेस्ट के नाम पर कई बाहरी लोग विश्वविद्यालय परिसर के हॉस्टल और आवासों में आकर रहते हैं। ऐसे में अगर किसी बाहरी व्यक्ति की ओर से कोई अनुचित हरकत की जाती है, तो उसकी जिम्मेदारी तय करने को लेकर सवाल खड़े होते हैं।
छात्राओं ने यह भी आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय का स्विमिंग पूल कई सालों से बंद पड़ा है। वहां अंधेरा रहता है। इस जगह पर लोग बैठकर शराब पीते हैं। लेकिन प्रशासन की ओर से इस पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही।
कुलगुरु को सौंपेंगी ज्ञापन
प्रदर्शन कर रही छात्राओं ने कहा कि विश्वविद्यालय परिसर में सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं को लेकर सोमवार को कुलगुरु को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
छात्राओं ने प्रशासन से कैंपस की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की। स्ट्रीट लाइट की समस्या दूर करने की बात कही। साथ ही बाहरी लोगों की आवाजाही पर निगरानी बढ़ाने की मांग की। अब देखना जरूरी है कि प्रशासन इन मांगों पर क्या कदम उठाता है।