अभिषेक चौधरी का राजस्थान यूथ कांग्रेस अध्यक्ष बननें का रास्ता हुआ साफ, सबसे ज्यादा 6.15 लाख वोट मिले
राजस्थान यूथ कांग्रेस चुनाव परिणाम रविवार को घोषित हो गए। अध्यक्ष पद पर अभिषेक चौधरी को सबसे ज्यादा 6.15 लाख वोट मिले। अनिल चोपड़ा 5.45 लाख वोट लेकर दूसरे नंबर पर रहे। वोटों के हिसाब से अभिषेक का अध्यक्ष बनना लगभग तय है। हालांकि आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है। उससे पहले टॉप पैनल का इंटरव्यू होगा।
यूथ कांग्रेस चुनाव में किसे कितने वोट मिले?
अध्यक्ष पद के लिए कुल 19 उम्मीदवार मैदान में थे। अभिषेक चौधरी और अनिल चोपड़ा के बीच करीब 70 हजार वोट का फासला रहा। राजकुमार परसवाल 1.95 लाख वोट के साथ तीसरे नंबर पर रहे। Youth Congress election 2026 में टॉप 3 के बाद अंतर बहुत बड़ा रहा। चौथे नंबर पर रहीं निशा खींचड़ को 3 हजार 338 वोट मिले।
कैसे होता है यूथ कांग्रेस अध्यक्ष का फैसला?
सबसे ज्यादा वोट पाने से ही कोई सीधे अध्यक्ष नहीं बनता। अब यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राष्ट्रीय प्रभारी टॉप पैनल का इंटरव्यू लेंगे। इसके बाद ही Rajasthan Youth Congress president के नाम की आधिकारिक घोषणा होगी।
इंटरव्यू के बाद टॉप 3 में से एक को राजस्थान यूथ कांग्रेस अध्यक्ष बनाया जाएगा। बाकी दोनों प्रत्याशी वरिष्ठ उपाध्यक्ष बनेंगे। यानी अनिल चोपड़ा यूथ कांग्रेस में भी अहम भूमिका में रहेंगे। राजकुमार परसवाल को भी बड़ी जिम्मेदारी मिलेगी।
वोट के हिसाब से बनी कार्यकारिणी
जो प्रत्याशी जितने वोट लाया, उसे उसी हिसाब से पद मिला है। प्रदेश कार्यकारिणी में उपाध्यक्ष, महामंत्री और सचिव बनाए गए हैं। साथ ही एससी-एसटी (SC – Scheduled Caste, ST – Scheduled Tribe), ओबीसी (OBC – Other Backward Classes), अल्पसंख्यक और महिला कोटे में पद दिए गए।
निशा खींचड़ को प्रदेश उपाध्यक्ष (महिला ओपन) बनाया गया है। पांचवें नंबर पर रहीं अलफिजा को 2 हजार 144 वोट मिले। उन्हें अल्पसंख्यक कोटे में उपाध्यक्ष बनाया गया है।
कोटे से किसे मिला कौन सा पद
छगनलाल कुलदीप, प्रकाश चंद मीणा और भगवती मीणा एससी-एसटी कोटे में उपाध्यक्ष बने हैं। दिव्यांग कोटे में तेजकरण चौधरी को प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया। निर्मला मेघवाल को एससी-एसटी महिला कोटे में उपाध्यक्ष बनाया गया।
यास्मीन अल्पसंख्यक महिला कोटे में उपाध्यक्ष बनी हैं। शीतल परिहार और राहुल खान को ओबीसी कोटे में उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया। डिंपल सिंधल, सुमन बानो, दिव्यानी कटारा और पूजा भार्गव आशीष सचिव बने।
अभिषेक चौधरी का सियासी सफर
Abhishek Choudhary Youth Congress की कमान के सबसे करीब हैं। 2023 में वे जयपुर की झोटवाड़ा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी थे। उस चुनाव में भाजपा के राज्यवर्धन सिंह राठौड़ जीते थे। हार का अंतर 50 हजार 167 वोट रहा। राठौड़ को 1 लाख 47 हजार 913 वोट मिले थे। अभिषेक चौधरी के खाते में 97 हजार 746 वोट आए थे।
1615 वोट से हारे थे अनिल चोपड़ा
Anil Chopra Youth Congress चुनाव से पहले लोकसभा चुनाव लड़ चुके हैं। 2024 में वे जयपुर ग्रामीण सीट से कांग्रेस के प्रत्याशी थे। करीबी मुकाबले में भाजपा के राव राजेंद्र सिंह जीते। चोपड़ा सिर्फ 1 हजार 615 वोट से हारे। हार के बाद चोपड़ा ने दोबारा गिनती की मांग की थी। उन्होंने पोस्टल बैलेट खारिज होने पर रिटर्निंग ऑफिसर को आपत्ति भी दी थी।
रिकाउंटिंग पर क्यों हुआ था धरना
रिटर्निंग ऑफिसर के मुताबिक 1 हजार 225 पोस्टल बैलेट खारिज हुए थे। हार का अंतर 1 हजार 615 वोट का था। इसी आधार पर दोबारा गिनती की मांग नहीं मानी गई। इसके बाद अनिल चोपड़ा रिटर्निंग ऑफिसर के कमरे में ही धरने पर बैठ गए। बाद में उन्होंने इस मामले में कोर्ट में याचिका दायर की।
यूथ कांग्रेस चुनाव का पुराना इतिहास
राजस्थान में यूथ कांग्रेस के चुनाव 2010 से हो रहे हैं। यूथ कांग्रेस चुनाव 2026 से चुनी नई कार्यकारिणी का कार्यकाल 3 साल का रहेगा। 2023 के चुनाव में अभिमन्यु पूनिया को सबसे ज्यादा वोट मिले थे। इसके बाद वे अध्यक्ष बने थे।
2020 में धांधली के आरोप पर बदला अध्यक्ष
2020 में सुमित भगासरा को सबसे ज्यादा वोट मिले और वे अध्यक्ष बने। बाद में मुकेश भाकर ने वोटों में धांधली का आरोप लगाया। जांच के बाद भगासरा को हटाकर भाकर को विजयी घोषित किया गया।
भाकर 2018 में कांग्रेस के टिकट पर लाडनूं से विधायक बने थे। जुलाई 2020 में सचिन पायलट ने बगावत की। तब भाकर भी उनके साथ मानेसर गए। इसके बाद भाकर को यूथ कांग्रेस अध्यक्ष पद से बर्खास्त कर दिया गया। उनकी जगह गणेश घोघरा को अध्यक्ष बनाया गया।
यूथ कांग्रेस की कुर्सी का नहीं रहा सीधा रास्ता
इस बार नजर इंटरव्यू पर टिकी है। क्या यूथ कांग्रेस अध्यक्ष अभिषेक चौधरी के नाम पर मुहर लगेगी? इसका जवाब राष्ट्रीय नेतृत्व के फैसले से मिलेगा।