इक्कीस IAS अधिकारियों को अलग-अलग राज्यों और देशों में निवेश तलाशने की जिम्मेदारी, DORA के निर्देशों पर करेंगे काम

Jageshwar prasad | Oct 23, 2026, 10:16 IST
राजस्थान में निवेश की राह खोलेंगे 21 IAS अफसर
राजस्थान सरकार ने 21 आईएएस अधिकारियों को नई भूमिकाओं में नियुक्त किया है। इन अधिकारियों का मुख्य कार्य निवेश के अवसरों की खोज करना होगा। वे विभिन्न राज्यों और देशों में संभावित निवेशकों से संपर्क करेंगे और राजस्थानी प्रवासियों के साथ भी बातचीत करेंगे। यह कदम राज्य की अर्थव्यवस्था को सशक्त करने और उद्योगों के विकास को बढ़ावा देने के लिए उठाया गया है।

राजस्थान में निवेश, व्यापार और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए भजनलाल सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर अहम पहल की है। राज्य सरकार ने 21 आईएएस (IAS – Indian Administrative Service) अधिकारियों को नई जिम्मेदारी सौंपी है।



ये अधिकारी देश के विभिन्न राज्यों और विदेशों में राजस्थान के लिए निवेश और व्यापार के अवसर तलाशेंगे। वे अपने निर्धारित राज्यों और देशों में निवेशकों और कारोबारी संगठनों से संपर्क करेंगे। इसके अलावा प्रवासी राजस्थानियों से भी समन्वय स्थापित करेंगे।



कार्मिक विभाग ने जारी किए आदेश

कार्मिक विभाग की ओर से जारी आदेश के तहत अधिकारियों के कार्यक्षेत्र निर्धारित किए गए हैं। इस पहल के जरिए सरकार की कोशिश है कि राजस्थान को निवेश के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित किया जाए। साथ ही प्रदेश की कारोबारी संभावनाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिले।



सरकार ने इस संबंध में पहले जारी आदेशों को अधिक्रमित करते हुए नई जिम्मेदारियां तय की हैं। सभी अधिकारियों को घरेलू एवं प्रवासी राजस्थानी मामलों के विभाग (DORA – Department of Rajasthan Affairs) के निर्देशों के अनुरूप काम करना होगा।




निवेशकों तक पहुंचेगी जानकारी

आदेशों के मुताबिक राजस्थान में उद्योग, व्यापार और निवेश के विस्तार की संभावनाओं को देखते हुए सरकार ने यह रणनीति बनाई है। सरकार देश के अलग-अलग राज्यों के साथ-साथ कई विदेशी देशों में भी संपर्क बढ़ाना चाहती है।



इसके तहत नियुक्त अधिकारी अपने आवंटित क्षेत्रों में निवेश के अवसरों की पहचान करेंगे। वे संभावित निवेशकों को राजस्थान में कारोबार स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित करने की दिशा में काम करेंगे।




प्रवासी राजस्थानियों से संपर्क

विदेशों में रहने वाले प्रवासी राजस्थानियों की प्रदेश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका रही है। सरकार इनसे संपर्क मजबूत करना चाहती है। इससे उनकी विशेषज्ञता, कारोबारी नेटवर्क और निवेश की संभावनाओं का लाभ उठाया जा सके।



अधिकारियों को प्रवासी राजस्थानियों के साथ संवाद स्थापित करने की जिम्मेदारी भी दी गई है। उन्हें राजस्थान में निवेश के अनुकूल अवसरों की जानकारी पहुंचानी होगी।




किन देशों पर रहेगा फोकस?

सरकार की इस पहल में देश के औद्योगिक और कारोबारी रूप से महत्वपूर्ण राज्यों को शामिल किया गया है। इसके साथ ही सिंगापुर, अमेरिका, ब्रिटेन, जापान, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देशों पर भी फोकस रहेगा।



इसके अलावा अफ्रीका, यूरोप और एशिया के कई अन्य देशों में भी निवेश की संभावनाएं तलाशने की जिम्मेदारी अधिकारियों को दी गई है। इससे राजस्थान को वैश्विक निवेश मानचित्र पर मजबूत स्थान मिल सकेगा।




किस IAS अधिकारी को कहां की जिम्मेदारी?

कार्मिक विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार आईएएस (IAS) अधिकारियों और उन्हें सौंपे गए राज्यों व देशों की तालिका:



क्र. सं.अधिकारी का नामसौंपा गया राज्यसौंपा गया देश/क्षेत्र
1गायत्री ए. राठौड़गोवासिंगापुर
2टी. रविकांतआंध्र प्रदेशकेन्या
3मंजू राजपालबिहारहांगकांग
4नवीन जैनहरियाणासऊदी अरब
5कृष्ण कुणालझारखंडकतर
6रवि जैनछत्तीसगढ़ऑस्ट्रेलिया
7रवि कुमार सुरपुरकर्नाटकदक्षिण अफ्रीका
8जोगा रामकेरलसंयुक्त अरब अमीरात (UAE)
9पी. रमेशतेलंगानाआयरलैंड
10आरती डोगराउत्तराखंडजर्मनी
11रोहित गुप्ताउत्तर प्रदेशब्रिटेन (UK)
12आनंदीतमिलनाडुजापान
13राजन विशालपंजाबस्पेन
14अर्चना सिंहमध्य प्रदेशफिनलैंड, डेनमार्क
15नकाते शिवप्रसादमहाराष्ट्रब्राजील
16शिवांगी स्वर्णकारअसमअमेरिका (USA)
17अनुपमा जोरवालदिल्लीइटली
18रुक्मणि रियारपश्चिम बंगालस्वीडन, नॉर्वे
19हिमांशु गुप्ताओडिशायुगांडा
20अरविंद पोसवालहिमाचल प्रदेशनेपाल
21सुरेश ओलागुजरातस्विट्जरलैंड

राजस्थान की अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई गति

कार्मिक विभाग के मुताबिक सरकार की इस पहल का प्रमुख उद्देश्य निवेश के नए अवसर तलाशना है। इसके अलावा व्यापारिक संबंधों को विस्तार देना और प्रदेश में आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करना है।



यदि इन प्रयासों के माध्यम से निवेशकों के साथ प्रभावी संपर्क स्थापित होता है, तो राजस्थान में उद्योगों के विस्तार को बढ़ावा मिलेगा। नए कारोबारी उपक्रम शुरू होंगे और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

Tags:
  • राजस्थान में निवेश
  • 21 आईएएस
  • Indian Administrative Service
  • कार्मिक विभाग
  • DORA
  • Department of Rajasthan Affairs
  • राजस्थान की अर्थव्यवस्था
  • भजनलाल सरकार