इंदौर-जोधपुर रणथंभौर एक्सप्रेस में धुआं, पैसेंजर्स पटरियों पर कूदे
समझें क्या है पूरा मामला
- रणथंभौर एक्सप्रेस से अचानक धुआं निकलने से दहशत, यात्री पटरियों पर कूदे।
- लूणी-रीछा स्टेशन पर लोको पायलट ने इमरजेंसी ब्रेक लगाए, पहियों से निकला धुआं।
- आग लगने की अफवाह से कोच में हड़कंप मच गया, यात्री सामान लेकर बाहर निकले।
- ट्रेन 20 मिनट स्टेशन पर खड़ी रही, तकनीकी टीम ने जांच के बाद किया रवाना।
- इससे पहले 17 मई को राजधानी एक्सप्रेस के दो कोचों में आग लगी थी।
गुरुवार सुबह इंदौर से जोधपुर जा रही रणथंभौर एक्सप्रेस से धुआं निकलने लगा। घटना रतलाम जिले के लूणी-रीछा स्टेशन पर पौने 10 बजे की है। जनरल कोच के नीचे से धुआं देख यात्री घबरा गए और पटरियों पर कूद पड़े।
प्रारंभिक जांच में पता चला कि कोच का ब्रेक ब्लॉक जाम होकर पहियों से चिपक गया था। लगातार रगड़ के कारण पहियों के पास से धुआं निकलने लगा। स्थिति को देखते हुए तकनीकी टीम ने ब्रेक सिस्टम को अलग कर खराबी दूर की।
इसके बाद धुआं बंद हो गया और ट्रेन को आगे के लिए रवाना कर दिया गया। इस वजह से रणथंभौर एक्सप्रेस करीब 20 मिनट तक प्रभावित रही। इसका असर बांद्रा-बरौनी अवध एक्सप्रेस पर भी पड़ा, जिसे कुछ समय के लिए रोकना पड़ा।
कोटा रेल मंडल के सीनियर डीसीएम सौरभ जैन ने बताया कि यह सिर्फ तकनीकी गड़बड़ी थी और आग लगने जैसी कोई घटना नहीं हुई। समय रहते समस्या पर काबू पा लिया गया।
पौने 10 बजे क्या हुआ?
रणथंभौर एक्सप्रेस (ट्रेन नंबर 12465) गुरुवार सुबह रतलाम जिले के लूणी-रीछा स्टेशन से गुजर रही थी। तभी ट्रेन अचानक रुक गई। इस स्टेशन पर ट्रेन का कोई आधिकारिक स्टॉपेज नहीं है।
रेलवे सूत्रों के मुताबिक अचानक सिग्नल लाल हो जाने की वजह से लोको पायलट को इमरजेंसी ब्रेक लगाने पड़े। ब्रेक लगते ही ट्रेन के पिछले हिस्से के जनरल कोच के पहियों से धुआं उठने लगा।
अफवाह ने मचाई भगदड़
धुआं देखते ही किसी ने आग लगने की बात कह दी। बस यही काफी था। पूरे कोच में हड़कंप मच गया। यात्री अपना सामान उठाकर कोच से बाहर निकलने लगे। जान बचाने की होड़ में बड़ी संख्या में लोग पटरियों के बीच कूद गए।
घटना का वीडियो सामने आया है जिसमें यात्री हड़बड़ाहट में ट्रेन से नीचे उतरते दिख रहे हैं। दरअसल, इमरजेंसी ब्रेक लगने पर ब्रेक पैड और पहियों के बीच घर्षण से धुआं निकलता है। यह आग नहीं थी लेकिन अफवाह जरूर फैल गई।
20 मिनट बाद रवाना हुई ट्रेन
सूचना मिलते ही रेलवे की तकनीकी टीम मौके पर पहुंची। इस दौरान ट्रेन करीब 20 मिनट स्टेशन पर खड़ी रही। जांच के बाद ट्रेन को सुरक्षित घोषित कर आगे रवाना किया गया। किसी भी यात्री के हताहत होने की सूचना नहीं है।
रणथंभौर एक्सप्रेस सुबह 6 बजे इंदौर से निकलती है और रात करीब 11 बजे जोधपुर पहुंचती है।
रतलाम में पहले भी हो चुकी है ऐसी घटना
यह पहली बार नहीं है जब रतलाम जिले में किसी ट्रेन से आग या धुएं की खबर आई हो।
17 मई को त्रिवेंद्रम से दिल्ली जा रही राजधानी एक्सप्रेस (ट्रेन नंबर 12431) के एसी कोच बी-1 में आग लग गई थी। हादसा लूणी रीछा और विक्रमगढ़ स्टेशन के बीच सुबह करीब 5:15 बजे हुआ था।
उस घटना में रेलवे कर्मचारियों ने करीब 15 मिनट में सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया था। प्रभावित दोनों कोचों की बिजली बंद कर उन्हें ट्रेन से अलग किया गया था।
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