रणथम्भौर में बाघिन T-93 के साथ दिखा शावक, टाइगर रिजर्व में बढ़कर 63 हुई बाघों की संख्या

Jyoti Mahender Bhardwaj | Nov 01, 2026, 19:03 IST
लाहपुर क्षेत्र में शावक के साथ नजर आई बाघिन T-93
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राजस्थान के रणथम्भौर टाइगर रिजर्व से वन्यजीव प्रेमियों के लिए अच्छी खबर सामने आई है। सवाई माधोपुर के लाहपुर क्षेत्र में गश्त के दौरान वनकर्मियों को बाघिन T-93 अपने एक शावक के साथ दिखाई दी। वन विभाग के अनुसार, यह बाघिन का तीसरा लिटर है। नए शावक की मौजूदगी के साथ रणथम्भौर टाइगर रिजर्व-I में बाघों की कुल संख्या बढ़कर 63 हो गई है। हालांकि, बाघिन के साथ एक से अधिक शावक होने की संभावना भी जताई जा रही है।

गश्त के दौरान वनकर्मियों को दिखी बाघिन

रणथम्भौर टाइगर रिजर्व के लाहपुर क्षेत्र में वनकर्मी नियमित गश्त कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें बाघिन T-93 अपने एक शावक के साथ विचरण करती हुई नजर आई। वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, यह T-93 का तीसरा लिटर है। बाघिन के साथ शावक की मौजूदगी को रणथम्भौर में बाघों के प्रजनन और संरक्षण के लिहाज से सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।



कैमरा ट्रैप से पता चलेगी शावकों की सही संख्या

वन विभाग के DFO मानस सिंह ने बताया कि फिलहाल बाघिन T-93 के साथ एक शावक दिखाई दिया है। हालांकि, विभाग को आशंका है कि उसके साथ अन्य शावक भी हो सकते हैं।



इसकी पुष्टि के लिए लाहपुर क्षेत्र में विशेष कैमरा ट्रैप लगाए जा रहे हैं। कैमरों में रिकॉर्ड होने वाली तस्वीरों का विश्लेषण करने के बाद शावकों की वास्तविक संख्या और उनकी स्थिति का पता चल सकेगा।



वनकर्मियों को 24 घंटे निगरानी के निर्देश

नए शावक की मौजूदगी के बाद वन विभाग ने बाघिन और उसकी संतान की सुरक्षा बढ़ा दी है। लाहपुर क्षेत्र में तैनात वनकर्मियों को 24 घंटे निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।



फील्ड स्टाफ को यह भी सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि बाघिन और शावकों के प्राकृतिक विचरण में किसी तरह की बाधा न आए। उनकी सुरक्षा के साथ मानवीय हस्तक्षेप को रोकने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।



रणथम्भौर में बाघों की संख्या 63 हुई

बाघिन T-93 के साथ शावक दिखाई देने के बाद रणथम्भौर टाइगर रिजर्व-I में बाघों की कुल संख्या 63 बताई गई है। वन विभाग का कहना है कि बाघों की सुरक्षा, नियमित निगरानी और उनके अनुकूल प्राकृतिक वातावरण बनाए रखने के प्रयास लगातार जारी हैं।



यह खबर क्यों जरूरी है?

रणथम्भौर राजस्थान के प्रमुख बाघ संरक्षण क्षेत्रों में शामिल है। यहां बाघों का प्रजनन और शावकों का सुरक्षित रहना वन्यजीव संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण है। T-93 के साथ शावक दिखना इस क्षेत्र में बाघों की नई पीढ़ी के जुड़ने का संकेत है। अब कैमरा ट्रैप से शावकों की वास्तविक संख्या की पुष्टि होने का इंतजार है।



आगे क्या?

वन विभाग कैमरा ट्रैप की तस्वीरों के आधार पर शावकों की वास्तविक संख्या और उनकी स्थिति की पुष्टि करेगा। इसके साथ ही बाघिन और शावकों की सुरक्षा के लिए निगरानी जारी रहेगी। आने वाले दिनों में कैमरा ट्रैप से मिलने वाली जानकारी इस मामले में अहम होगी।



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