RCA चुनाव की वोटिंग हुई पूरी, 3 वोटर ने नहीं दिए वोट, रिजल्ट पर है सुप्रीम कोर्ट की रोक
समझें क्या है पूरा मामला
- RCA चुनाव में 38 में से 35 वोट पड़े, रिजल्ट पर रोक।
- सुप्रीम कोर्ट के आदेश से मत पेटी सील कर रखी गई।
- अध्यक्ष पद पर धनंजय सिंह और बृजकिशोर उपाध्याय आमने-सामने।
- धनंजय गुट ने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए।
- हाईकोर्ट के फैसले के बाद RCA रिजल्ट घोषित होगा।
राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन यानी RCA में मंगलवार को वोटिंग हो गई। लेकिन यह तय नहीं हुआ कि कमान किसके हाथ जाएगी। मतदान से पहले ही सुप्रीम कोर्ट ने नतीजे घोषित करने पर रोक लगा दी थी। अब फैसला हाईकोर्ट की सुनवाई पर टिका है।
38 में से 35 ने डाले वोट
आरसीए में चार साल बाद चुनाव हुए। कुल 38 वोटरों में से 35 ने वोट डाले। जिस मत पेटी में बैलेट डाले गए, उसे सील कर दिया गया है। इस चुनाव में छह पद भरे जाने हैं। इनमें अध्यक्ष, सचिव, कोषाध्यक्ष और उपाध्यक्ष शामिल हैं। संयुक्त सचिव और कार्यकारी सदस्य के पद भी हैं। छह पदों पर कुल 11 प्रत्याशी मैदान में उतरे।
अध्यक्ष पद पर सीधा मुकाबला
अध्यक्ष पद पर दो दावेदारों में सीधी टक्कर है। एक ओर चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के बेटे धनंजय सिंह हैं। दूसरी ओर बृजकिशोर उपाध्याय हैं। वे दौसा जिला क्रिकेट संघ के सचिव हैं। पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ के बेटे पराक्रम सिंह पहले ही नाम वापस ले चुके थे। उन्होंने बृजकिशोर उपाध्याय को समर्थन दिया था।
नेता पुत्रों की प्रतिष्ठा दांव पर
इस चुनाव में कई नेता पुत्रों की साख दांव पर है। राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवाड़ी के बेटे आशीष तिवाड़ी कोषाध्यक्ष पद पर हैं। वे धनंजय गुट के प्रत्याशी हैं।भाजपा विधायक जसवंत यादव के बेटे मोहित यादव भी मैदान में हैं। मोहित ने उपाध्यक्ष और सचिव, दोनों पदों पर चुनाव लड़ा है।
सुप्रीम कोर्ट ने क्यों रोका रिजल्ट
दीनदयाल कुमावत और मेघा गौड़ ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई थी। कुमावत RCA की एडहॉक कमेटी के पूर्व कन्वीनर और भाजपा नेता हैं। उन्होंने अध्यक्ष पद से अपना नामांकन वापस ले लिया था। सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव पर रोक लगाने से इनकार किया। लेकिन रिजल्ट घोषित करने पर रोक लगा दी। कोर्ट ने कहा कि हाईकोर्ट के फैसले तक रिजल्ट जारी नहीं होगा। तब तक नतीजे सीलबंद लिफाफे में रहेंगे।सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट से मामले की जल्द सुनवाई करने को भी कहा है। याचिका में वोटर लिस्ट में एक भी महिला न होने का मुद्दा भी उठाया गया था।
धनंजय सिंह के आरोप
वोटिंग के बाद धनंजय सिंह ने प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उनका आरोप है कि 11 से 12 लोगों को ऐसी एंट्री मिली, जिनका क्रिकेट से वास्ता नहीं। उन्होंने पूछा कि इन्हें अंदर आने की इजाजत क्यों मिली। धनंजय ने तीन नए क्रिकेट संघों का मुद्दा भी उठाया। ये डीडवाना-कुचामन, खैरथल-तिजारा और बालोतरा के संघ हैं। उनके मुताबिक इनके सचिव AGM में आए थे। लेकिन उन्होंने वोट नहीं डाला। धनंजय ने इसे बड़ा सवाल बताया। उन्होंने बताया कि इस मामले में इलेक्शन कमीशन को शिकायत दी गई है।
आशीष तिवाड़ी ने भी उठाए सवाल
धनंजय गुट के आशीष तिवाड़ी ने भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान कैबिनेट रैंक का एक व्यक्ति भी मौजूद था। तिवाड़ी के मुताबिक उसने वोटरों को प्रभावित किया या नहीं, यह जांच का विषय है।
कार्यकारी सदस्य पर निर्विरोध चुनाव तय
वोटिंग से पहले RCA की एनुअल जनरल मीटिंग हुई। इसमें धनंजय गुट के धर्मवीर सिंह शेखावत ने नाम वापस ले लिया। वे कार्यकारी सदस्य पद के प्रत्याशी थे। शेखावत ने बैठक में सभी जिलों के सचिवों के सामने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि उनका नामांकन गलती से रह गया था। अब वे मुकाबले में नहीं हैं।
इसके बाद बृजकिशोर गुट के अरिष्ट सिंघवी का निर्विरोध चुना जाना तय हो गया। वे कार्यकारी सदस्य पद पर होंगे।
चार साल पहले निर्विरोध बने थे वैभव
RCA में पिछली बार दिसंबर 2022 में वैभव गहलोत निर्विरोध अध्यक्ष बने थे। वे पूर्व सीएम (CM – Chief Minister) अशोक गहलोत के बेटे हैं। फरवरी 2024 में उन्होंने इस्तीफा दे दिया था।