RE-NEET पेपर दिलाने का दिया झांसा, 1500 से अधिक छात्रों से ठगी

Jageshwar prasad | Jun 16, 2026, 12:11 IST
RE-NEET फ्रॉड
अहमदाबाद साइबर पुलिस ने री-नीट पेपर लीक का झांसा देकर 1500 से अधिक छात्रों से ठगी करने वाले राजस्थान के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बिहार से एक और आरोपी पकड़ा जो NEET रिफंड चुराने की कोशिश कर रहा था।

समझें क्या है पूरा मामला

  • री-नीट से पहले साइबर ठगी के दो बड़े मामलों का खुलासा।
  • जयपुर और कोटा के आरोपी टेलीग्राम पर कर रहे थे ठगी।
  • आरोपियों के बैंक खातों में 1.50 करोड़ के लेनदेन के सुराग मिले।
  • बिहार के नवीन ने 350 NEET उम्मीदवारों के रिफंड को हड़पने की कोशिश की।
  • पुलिस ने साफ किया- री-नीट का कोई पेपर लीक नहीं हुआ है।

21 जून को होने वाली री-नीट (Re-NEET) यूजी परीक्षा से पहले दो बड़े साइबर ठगी के मामले सामने आए हैं। पहले मामले में अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच ने राजस्थान के जयपुर और कोटा के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया जो टेलीग्राम पर नकली पेपर बेचकर 1500 से अधिक छात्रों से ठगी कर रहे थे।



दूसरे मामले में NTA (National Testing Agency) और अहमदाबाद पुलिस ने मिलकर बिहार के 19 वर्षीय युवक नवीन कुमार यादव को उस समय पकड़ा जब वह NEET परीक्षा शुल्क रिफंड की राशि 350 छात्रों के अकाउंट से उड़ाने की कोशिश कर रहा था। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि री-नीट का कोई पेपर लीक नहीं हुआ है।



री-नीट पेपर लीक का झांसा

अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच ने सोमवार को एक अंतरराज्यीय साइबर ठगी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया। इसमें जयपुर निवासी सुमेर सिंह मीणा और कोटा निवासी आकाश मीणा को गिरफ्तार किया गया।



आरोपियों ने टेलीग्राम पर ग्रुप बनाए और उनमें यह दर्शाया कि उनके पास 21 जून को होने वाली री-नीट यूजी परीक्षा का प्रश्न पत्र है। इसी झांसे में आकर छात्रों और उनके माता-पिता ने पैसे दिए।



जांच में सामने आया कि इस नेटवर्क से 1500 से अधिक छात्रों को ठगा गया। ट्रेड विद कारोल और पंकज भारद्वाज नाम के टेलीग्राम ग्रुप हाई रिटर्न का वादा करके निवेश ठगी में भी शामिल थे।



आरोपियों के बैंक खातों में करीब 1.50 करोड़ रुपए के लेनदेन के सुराग मिले हैं। उन पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) और IT एक्ट (Information Technology Act) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।



पुलिस ने साफ किया, पेपर लीक नहीं हुआ

अहमदाबाद पुलिस के संयुक्त आयुक्त (अपराध) शरद सिंघल ने स्पष्ट कहा कि री-नीट परीक्षा का कोई प्रश्नपत्र लीक नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि आरोपियों ने इंटरनेट मीडिया चैनलों का इस्तेमाल झूठी और भ्रामक जानकारी फैलाने के लिए किया। इसके बाद साइबर ठगी को अंजाम दिया।



री-नीट की तैयारी करने वाले छात्र और उनके परिजन किसी भी ऐसे दावे पर भरोसा न करें।



बिहार से पकड़ा 19 साल का हैकर, चुरा रहा था रिफंड

दूसरे मामले में अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच और NTA ने मिलकर एक अलग साजिश नाकाम की। सरकार ने NEET परीक्षा रद्द होने के बाद प्रत्येक उम्मीदवार को 1700 रुपए की फीस वापसी की घोषणा की थी।



बिहार के गया जिले के 19 वर्षीय नवीन कुमार यादव ने इसी रिफंड को हड़पने की योजना बनाई। उसने 350 नीट उम्मीदवारों के पोर्टल अकाउंट्स को निशाना बनाया। इनमें से 150 अकाउंट्स के पासवर्ड बेहद कमजोर थे जिनमें उसने आसानी से सेंध लगाई।



फर्जी ID बनाई, रिफंड अपने खाते में करवाया

नवीन की कार्यप्रणाली बेहद शातिराना थी। उसने एक छात्र की जानकारी का इस्तेमाल कर फर्जी आईडी बनाई। फिर NEET UG 2026 के ऑनलाइन पोर्टल पर अनधिकृत लॉगिन किया। जो छात्र फीस रिफंड के हकदार थे, उनके बैंक अकाउंट नंबर की जगह अपना अकाउंट नंबर डाल दिया। इससे रिफंड की रकम सीधे उसके खाते में आ जाती।



NTA ने पकड़ी डिजिटल कड़ी, बिहार से धरा गया

NTA के मुख्य सूचना सुरक्षा अधिकारी (CISO) ने डिजिटल कड़ियों की पहचान की। तकनीकी जांच और बैंक खातों के रिकॉर्ड के आधार पर आरोपी को बिहार से ढूंढ निकाला गया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया और जांच जारी है।



री-नीट पेपर लीक का झांसा, जयपुर और कोटा के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया, बिहार से एक और आरोपी पकड़ा


छात्रों के लिए जरूरी सलाह

पुलिस और NTA ने छात्रों से अपील की है कि वे अपने पोर्टल अकाउंट पर मजबूत पासवर्ड रखें। किसी भी अनजान टेलीग्राम ग्रुप या वेबसाइट पर लॉगिन क्रेडेंशियल न डालें। पेपर लीक या रिफंड संबंधी किसी भी दावे की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।



FAQ

  1. री-नीट 2026 का पेपर सच में लीक हुआ था?
    नहीं। अहमदाबाद पुलिस के संयुक्त आयुक्त शरद सिंघल ने स्पष्ट कहा है कि री-नीट परीक्षा का कोई प्रश्नपत्र लीक नहीं हुआ है। आरोपियों ने टेलीग्राम पर झूठी जानकारी फैलाकर पेपर होने का दावा किया और छात्रों से पैसे ठगे।
  2. NEET रिफंड स्कैम में आरोपी ने क्या किया?
    बिहार के नवीन कुमार यादव ने 350 NEET उम्मीदवारों के पोर्टल अकाउंट में सेंध लगाई। कमजोर पासवर्ड वाले 150 अकाउंट आसानी से हैक किए। रिफंड पाने वाले छात्रों के बैंक नंबर की जगह अपना नंबर डाल दिया ताकि 1700 रुपए का रिफंड उसके खाते में आए।

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