राजस्थान में महंगाई के बावजूद खरीदारी का बना रिकॉर्ड, धनतेरस पर 21 हजार करोड़ का कारोबार
व्यापारिक संगठनों के अग्रिम अनुमान के अनुसार इस धनतेरस पर राजस्थान में लगभग 21 हजार करोड़ रुपए का कारोबार हुआ है। यह आंकड़ा अभी अंतिम नहीं है, लेकिन बाजारों की रौनक से साफ है कि त्योहारी खरीदारी में कोई कमी नहीं आई।
सोना-चांदी की रिकॉर्ड बिक्री
कीमती धातुओं के सर्वकालिक ऊंचे स्तर और ऊंची कीमतों के बावजूद उपभोक्ताओं के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी। अकेले सोना-चांदी सेक्टर में 5 हजार करोड़ रुपए से अधिक की बिक्री दर्ज की गई। सर्राफा कारोबार में यह धनतेरस की सबसे बड़ी खरीदारी मानी जा रही है। लोगों ने सिक्कों, बर्तनों और आभूषणों की जमकर खरीदारी की।
वाहन, इलेक्ट्रॉनिक्स और FMCG के सेक्टर
वाहन सेक्टर में लगभग 4 हजार 500 करोड़ रुपए का कारोबार बताया गया है। इलेक्ट्रॉनिक्स में करीब 4 हजार करोड़ रुपए की बिक्री का अनुमान है। किराना सेक्टर में लगभग 2 हजार करोड़ और परिधान में 2 हजार करोड़ रुपए का कारोबार हुआ। मिठाई और ड्राई फ्रूट्स में 1 हजार 500 करोड़ और गिफ्ट आइटम में 1 हजार करोड़ रुपए की बिक्री दर्ज की गई। बर्तन और पूजन सामग्री में भी लगभग 1 हजार 200 करोड़ रुपए का कारोबार हुआ।
| सेक्टर (क्षेत्र) | अनुमानित कारोबार / बिक्री (रुपए में) |
| वाहन (Automobile) | ₹4 हजार 500 करोड़ |
| इलेक्ट्रॉनिक्स (Electronics) | ₹4 हजार करोड़ |
| किराना (Grocery) | ₹2 हजार करोड़ |
| परिधान (Apparel / Clothes) | ₹2 हजार करोड़ |
| मिठाई और ड्राई फ्रूट्स | ₹1 हजार 500 करोड़ |
| बर्तन और पूजन सामग्री | ₹1 हजार 200 करोड़ |
| गिफ्ट आइटम (Gift Items) | ₹1 हजार करोड़ |
सबसे बड़े सेक्टर की तस्वीर
सेक्टरवार आंकड़ों में सोना-चांदी सबसे आगे रहा, उसके बाद वाहन और इलेक्ट्रॉनिक्स का नंबर आता है। यह बताता है कि उपभोक्ता केवल पारंपरिक खरीदारी तक सीमित नहीं हैं, बल्कि बड़े खर्च वाले सामान में भी रुचि ले रहे हैं।
मोती डूंगरी मंदिर पर वाहनों की कतार
धनतेरस पर वाहन खरीद का असर जयपुर के मोती डूंगरी गणेश मंदिर में भी साफ दिखा। मंदिर के महंत कैलाश शर्मा के अनुसार दिनभर में 1हजार 61 कारें और 2 हजार से ज्यादा दोपहिया वाहन पूजन के लिए पहुंचे। बड़ी संख्या में नए वाहन आने से मंदिर परिसर से लेकर जेएलएन मार्ग तक वाहनों की कतारें लगी रहीं। यह दृश्य त्योहार की खरीदारी और लोगों की उम्मीदों दोनों को दिखाता है।
रूप चतुर्दशी और दीपावली की तैयारी
धनतेरस के बाद अब प्रदेशभर में रूप चतुर्दशी (छोटी दीपावली) और मुख्य दीपावली की तैयारियां तेज हैं। जोधपुर, जयपुर और अजमेर जैसे प्रमुख शहरों में महिलाएं और परिवार शाम को दीप जलाकर सुख-समृद्धि की कामना कर रहे हैं। बाजारों में सजावट, रोशनी और पटाखों की बिक्री के लिए अगले दो दिनों तक इसी तरह की चहल-पहल बने रहने की उम्मीद है।
छोटे व्यापारियों की उम्मीद
त्योहारी सीजन छोटे व्यापारियों के लिए साल की सबसे अहम कमाई का समय होता है। सर्राफा, वाहन डीलर, इलेक्ट्रॉनिक्स और परिधान की दुकानों पर भीड़ से उम्मीद बढ़ी है। बाजारों में कारोबार की रफ्तार बनी रहे, तो छोटे व्यापारियों को भी इसका फायदा मिलेगा।
FAQs
- इस धनतेरस पर राजस्थान में कारोबार का अनुमानित आंकड़ा क्या है?
व्यापारिक संगठनों के अग्रिम अनुमान के अनुसार इस धनतेरस पर राजस्थान में लगभग 21 हजार करोड़ रुपए का कारोबार हुआ है। - सोना-चांदी सेक्टर में कितना बिक्री हुई है और यह इस धनतेरस पर कैसे किया गया है?
धनतेरस पर सोना-चांदी सेक्टर में 5 हजार करोड़ रुपए से अधिक की बिक्री हुई है, जो कि रिकॉर्ड खरीदारी मानी जा रही है। - धनतेरस के बाद राजस्थान में अन्य त्योहारों के लिए क्या तैयारियां चल रही हैं?
धनतेरस के बाद रूप चतुर्दशी और मुख्य दीपावली की तैयारियां तेज हो गई हैं, जहां महिलाएं और परिवार सुख-समृद्धि की कामना कर रहे हैं।