रितु बराला केस में गहलोत बोले- पुलिस सरकार के दबाव में काम कर रही, आज जयपुर में कांग्रेस का बड़ा प्रदर्शन
रितु बराला मामले में जीरो एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर राजस्थान की सियासत गरमा गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और अन्य कांग्रेस नेता सोमवार शाम से देर रात तक जयपुर पुलिस कमिश्नरेट में डटे रहे। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी आधी रात को पुलिस कमिश्नरेट पहुंचे।
उन्होंने पुलिस पर सरकार के दबाव में काम करने का आरोप लगाया। अब कांग्रेस ने मंगलवार, 20 अक्टूबर को जयपुर में बड़े प्रदर्शन की तैयारी की है। इसके लिए प्रदेशभर से कार्यकर्ताओं को राजधानी पहुंचने का आह्वान किया गया है।
आज जयपुर में कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन
रितु बराला मामले को लेकर कांग्रेस आज जयपुर पुलिस कमिश्नरेट पर बड़ा प्रदर्शन करने की तैयारी में है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राज्यभर के नेताओं और कार्यकर्ताओं को जयपुर पहुंचने के लिए कहा है। कांग्रेस ने जीरो एफआईआर दर्ज नहीं होने पर कमिश्नरेट के घेराव की चेतावनी दी है।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह मामला केवल रितु बराला को न्याय दिलाने का नहीं, बल्कि महिलाओं की सुरक्षा और कानूनी अधिकारों का भी है। पार्टी इस मुद्दे पर सरकार और पुलिस से जवाब मांग रही है।
आधी रात को पहुंचे गहलोत, बोले- जीरो एफआईआर दर्ज करने में दिक्कत क्या है?
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सोमवार को जैसलमेर, फलोदी और जोधपुर के दौरे पर थे। जयपुर में कांग्रेस नेताओं के धरने की जानकारी मिलने पर वह अपना कार्यक्रम बीच में छोड़कर राजधानी पहुंचे। देर रात पुलिस कमिश्नरेट पहुंचकर उन्होंने डोटासरा और अन्य नेताओं से मुलाकात की।
गहलोत ने सवाल उठाया कि जब कानून में जीरो एफआईआर दर्ज करने का प्रावधान है, तो पुलिस इसे दर्ज क्यों नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि पीड़ित देश के किसी भी हिस्से में जीरो एफआईआर दर्ज करा सकता है। पुलिस को मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई करनी चाहिए।
गहलोत ने आरोप लगाया कि पुलिस सरकार के दबाव में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कई घंटे से पुलिस कमिश्नरेट में बैठे हैं, इसके बावजूद एफआईआर दर्ज नहीं की जा रही है।
रातभर पुलिस कमिश्नरेट में बैठे रहे डोटासरा
सोमवार शाम प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा अन्य नेताओं के साथ पहले मोती डूंगरी थाने पहुंचे। इसके बाद कांग्रेस नेता जयपुर पुलिस कमिश्नरेट पहुंचे और जीरो एफआईआर दर्ज करने की मांग पर अड़ गए।
डोटासरा के साथ एनएसयूआई प्रदेश अध्यक्ष विनोद जाखड़ समेत कई नेता कमिश्नरेट के अंदर मौजूद रहे। वहीं बाहर बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की। कांग्रेस नेताओं का कहना था कि जब तक एफआईआर दर्ज नहीं होती और उसकी कॉपी नहीं मिलती, तब तक विरोध जारी रहेगा।
राहुल गांधी के फोन के तीन दिन बाद तेज हुआ मामला
रितु बराला मामले में कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व की सक्रियता की बात भी सामने आई है। सोमवार रात की एक रिपोर्ट के मुताबिक राहुल गांधी ने शुक्रवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा को फोन किया था। इसके तीन दिन बाद सोमवार को कांग्रेस नेता एफआईआर दर्ज कराने के लिए पुलिस कमिश्नरेट पहुंचे।
इसके बाद पार्टी ने मंगलवार को प्रदेशभर से कार्यकर्ताओं को जयपुर बुलाने का फैसला किया। इससे यह मामला प्रदेश की राजनीति में और बड़ा हो गया है।
पुलिस कमिश्नरेट के बाहर नारेबाजी, अंदर बातचीत
सोमवार रात पुलिस कमिश्नरेट के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भीड़ जुटी रही। कार्यकर्ता पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। वहीं अंदर कांग्रेस नेता एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर बैठे रहे।
पुलिस अधिकारियों और कांग्रेस नेताओं के बीच बातचीत भी हुई, लेकिन देर रात तक कोई समाधान सामने नहीं आया। कांग्रेस नेताओं ने पुलिस से जीरो एफआईआर दर्ज करने और उसकी कॉपी देने की मांग की।
गहलोत ने सरकार पर भी साधा निशाना
जयपुर पहुंचने के बाद अशोक गहलोत ने राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग हो रहा है। पंचायत चुनाव के बीच उन्होंने सरकार पर चुनावी मशीनरी के दुरुपयोग का भी आरोप लगाया।
गहलोत ने कहा कि पुलिस को कानून के अनुसार काम करना चाहिए। किसी भी पीड़ित को एफआईआर दर्ज कराने के लिए इस तरह संघर्ष नहीं करना पड़ना चाहिए।
पुलिस कमिश्नरेट में गद्दे बिछाकर सोए कांग्रेस नेता
रितु बराला मामले में एफआईआर दर्ज नहीं होने के विरोध में कांग्रेस नेताओं ने सोमवार की पूरी रात जयपुर पुलिस कमिश्नरेट कार्यालय में गुजारी। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास और बामनवास विधायक इंद्रा मीना समेत कई कांग्रेस नेता कार्यालय में ही गद्दे बिछाकर सोए। कांग्रेस नेताओं ने एफआईआर दर्ज होने तक विरोध जारी रखने की बात कही।
इसे राजस्थान में विपक्ष के विरोध प्रदर्शन का असामान्य घटनाक्रम माना जा रहा है। कांग्रेस नेताओं के मुताबिक लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के निर्देश पर यह विरोध तेज किया गया है। नेताओं ने साफ किया कि जब तक रितु बराला मामले में एफआईआर दर्ज नहीं होती, तब तक वे पीछे नहीं हटेंगे।
रितु बराला मामले में आखिर क्या है विवाद?
एनएसयूआई से जुड़ी रितु बराला के साथ दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान कथित मारपीट और दुर्व्यवहार का मामला सामने आया था। कांग्रेस का आरोप है कि दिल्ली पुलिस की एक महिला पुलिसकर्मी ने रितु के साथ मारपीट की। पार्टी संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग कर रही है।
इस मामले में राहुल गांधी ने भी रितु बराला से मुलाकात की थी। इसके बाद राजस्थान कांग्रेस ने जयपुर में जीरो एफआईआर दर्ज कराने की कोशिश तेज कर दी।
समझें, क्या होती है जीरो एफआईआर?
जीरो एफआईआर का मतलब है कि किसी संज्ञेय अपराध की सूचना पर पुलिस क्षेत्राधिकार की सीमा के कारण एफआईआर दर्ज करने से इनकार नहीं कर सकती। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 173(1) में क्षेत्र की परवाह किए बिना ऐसे अपराध की सूचना देने का प्रावधान है।
मामला दर्ज होने के बाद उसे संबंधित क्षेत्र के थाने में भेजा जा सकता है। कांग्रेस इसी प्रावधान का हवाला देकर जयपुर में एफआईआर दर्ज करने की मांग कर रही है।
पुलिस का पक्ष
देर रात की रिपोर्ट के अनुसार पुलिस के अतिरिक्त आयुक्त स्तर के अधिकारी ने कांग्रेस नेताओं को वरिष्ठ अधिकारियों से मार्गदर्शन लेने की बात कही थी। हालांकि आधी रात तक एफआईआर दर्ज करने के संबंध में कोई अंतिम फैसला सामने नहीं आया।
आज के प्रदर्शन पर सबकी नजर
कांग्रेस के प्रदेशभर के कार्यकर्ताओं को जयपुर बुलाने के आह्वान के बाद मंगलवार को पुलिस कमिश्नरेट के बाहर बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के जुटने की संभावना है। कांग्रेस इस मामले में सरकार से जवाब मांगने और एफआईआर दर्ज कराने के लिए दबाव बढ़ाने की तैयारी में है।