रितु बराला केस में धरने पर नहीं पहुंचे विधायक, जिलाध्यक्ष और पार्षद, अब स्पष्टीकरण की तैयारी

Jageshwar Prasad | Oct 25, 2026, 12:25 IST
राहुल गांधी के निर्देश के बाद भी दिग्गज नेता घर बैठे रहे।
राजस्थान कांग्रेस में रितु बराला मामले को लेकर जीरो एफआईआर कराने के मुद्दे पर बुलाए गए धरने से 58 विधायक और 46 जिलाध्यक्ष गायब रहे। पार्टी के वार-रूम से 12 घंटे में जयपुर पहुंचने के आदेश के बावजूद निकाय चुनाव जीतने वाले 3615 पार्षद भी नहीं आए। राहुल गांधी के स्पष्ट निर्देशों के बाद भी लगभग 16 बड़े दिग्गजों ने धरने से दूरी बनाए रखी।

टिकट बांटते समय वफादारी का हलफनामा लेने के बावजूद इतनी बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों का न आना संगठन की आंतरिक कमजोरी उजागर करता है। अब प्रदेश कांग्रेस पंचायतीराज चुनाव संपन्न होने के बाद इन सभी अनुपस्थित नेताओं को नोटिस देकर जवाब-तलब करने की तैयारी में है।



धरने से दूर रहे विधायक और जिलाध्यक्ष

राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC – Pradesh Congress Committee) के लिए एक साथ इतनी बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों की निगेटिव रिपोर्ट बनना चिंता का विषय बन गया है। रितु बराला प्रकरण में पुलिस कमिश्नरेट के सामने दिए गए धरने में पूर्व मुख्यमंत्री तक शामिल हुए, लेकिन प्रदेश के 67 में से 58 विधायक 3 दिन तक नजर नहीं आए।



पार्टी के वार-रूम से 50 जिलों के जिलाध्यक्षों को तत्काल जयपुर पहुंचने का निर्देश दिया गया था। इसके बावजूद 46 जिलाध्यक्षों ने पार्टी के आह्वान को पूरी तरह से दरकिनार कर दिया और अपने घरों में ही बने रहे।




पार्षदों और नए प्रत्याशियों की उपेक्षा

सबसे ज्यादा उदासीनता निकाय चुनाव में जीतकर आए पार्षदों ने दिखाई। कुल 3,619 पार्षदों में से 3,615 पार्षद धरने में शामिल होने नहीं पहुंचे। केवल 5 या 6 पार्षद ही कुछ देर के लिए धरना स्थल पर दिखाई दिए।



यह स्थिति तब उत्पन्न हुई है जब निकाय चुनाव, जिला प्रमुख और पंचायत समिति के टिकट बांटते समय 10,245 प्रत्याशियों से लिखित फॉर्म भरवाया गया था। इस फॉर्म में साफ पूछा गया था कि क्या वे पार्टी के प्रति वफादार रहेंगे और हर आह्वान पर उपस्थित होंगे। इसके बावजूद नए टिकट पाने वाले 15 हजार लोग पार्टी के आदेश पर जयपुर नहीं पहुंचे।




राहुल गांधी के निर्देश पर भी दूरी

रितु बराला के लिए हर हाल में एफआईआर (FIR – First Information Report) दर्ज कराने को लेकर पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी का स्पष्ट संदेश था। पुलिस से हुए टकराव के बाद कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन शुरू किया था।



इसके बावजूद पार्टी के करीब 16 बड़े दिग्गज इस प्रदर्शन से नदारद रहे। इनमें से कुछ नेता अन्य राज्यों के प्रभारी हैं, जबकि कुछ अपने-अपने जिलों में ही बने रहे और जयपुर नहीं पहुंचे। हालांकि, सूत्रों के अनुसार इन बड़े नेताओं पर कोई कार्रवाई नहीं होगी।




तीन रास्तों से जयपुर कूच

बड़ी संख्या में नेताओं की अनुपस्थिति के बीच कुछ गुटों ने जयपुर की ओर रुख किया। चाकसू से पूर्व विधायक वेदप्रकाश सोलंकी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने जयपुर कूच किया और पुलिस कमिश्नरेट पहुंचे।



शाहपुरा और झोटवाड़ा से भी कांग्रेसी कार्यकर्ता प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और टीकाराम जूली का समर्थन करने पहुंचे। इस प्रदर्शन में ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष भरतलाल मीणा, पीसीसी सचिव सविता गुर्जर, पीसीसी सदस्य हरिनारायण चौधरी और युवा कांग्रेस महासचिव रामसिंह चेची शामिल हुए।




कानूनी कार्रवाई और नोटिस की तैयारी

रितु बराला मामले में कांग्रेस संगठन से जुड़े वकील अब अदालत का दरवाजा खटखटाने के लिए कानूनी दस्तावेज तैयार कर रहे हैं। अगले सप्ताह तक इस संबंध में याचिका दायर की जाएगी।



दूसरी तरफ, पीसीसी पंचायतीराज चुनाव प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार कर रही है। चुनाव समाप्त होते ही सभी जिलाध्यक्षों, विधायकों और पार्षदों से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। उनसे पूछा जाएगा कि वे पार्टी के लिए काम करना चाहते हैं या नहीं, और क्यों न उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।

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