मुख्यमंत्री के कार्यालय के सामने बनी सड़क 8 दिन में उखड़ी, जेडीए की सड़क क्वालिटी पर उठे सवाल
तकनीकी जांच में खुली दावों की पोल
इस सड़क निर्माण की जमीनी हकीकत परखने के लिए मीडिया ने लोक निर्माण विभाग (PWD) से सेवानिवृत्त एडिशनल चीफ इंजीनियर (ACE) मौके पर पड़ताल के लिए बुलाया। मौके पर की गई तकनीकी जांच में जो तथ्य सामने आए, वे बेहद चौंकाने वाले थे:
- मोटाई में भारी कमी: सड़क निर्माण में जीएसबी (GSB) और डब्ल्यूएमएम (WMM) की कुल मोटाई मानकों के अनुसार 16 इंच होनी चाहिए थी, लेकिन मौके पर यह केवल 10 इंच ही पाई गई।
- कमजोर डामरीकरण: डीबीएम (DBM) की परत जो 50 एमएम मोटी होनी चाहिए थी, वह मात्र 25 एमएम ही मिली। इसके अलावा निर्माण में डामर का उपयोग नाममात्र किया गया।
- कुटाई में लापरवाही: सड़क की पर्याप्त रोलर से कुटाई (Compaction) न होने के कारण निर्माण बेहद कमजोर रहा, जिससे कुछ ही दिनों में सड़क के परखच्चे उड़ गए।
अभियंताओं (JEN) की मॉनिटरिंग पर उठे सवाल
नियमों के मुताबिक सड़क निर्माण के दौरान कनिष्ठ अभियंता (JEN) की मौजूदगी अनिवार्य होती है। डामर प्लांट से लेकर सामग्री की लोडिंग और साइट पर सड़क बिछाने तक हर चरण में जेईएन की निगरानी जरूरी है, ताकि गुणवत्ता से समझौता न हो। लेकिन इस मामले में विभागीय अधिकारियों की उदासीनता साफ तौर पर उजागर हुई है, जो मौके पर कभी मौजूद नहीं रहे।
जेडीए अधिकारियों का पक्ष
इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए जेडीए के एक्सईएन (XEN) मनीष रोतवाल का कहना है कि बीटू बाईपास पर यू-टर्न का काम चल रहा है और वाहनों की आवाजाही सुगम रखने के लिए यह सड़क बनाई गई थी। उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि यह एक अस्थायी सड़क थी, लेकिन यदि यह क्षतिग्रस्त हुई है तो इसकी उच्चस्तरीय जांच करवाई जाएगी।
सोमवार की जांच में होगा साफ
जेडीए के एक्सईएन (XEN) मनीष रोतवाल ने आगे बताया कि सोमवार की जांच में यह साफ होगा कि सड़क की परतें और सामग्री तय मानक के अनुसार थीं या नहीं।
अब मांग यही है कि जांच की रिपोर्ट सार्वजनिक हो और जिम्मेदारी तय हो। मुख्यमंत्री के कार्यालय के सामने की सड़क पर सबकी नजर होगी, क्योंकि सांगानेर में पहले भी सड़कों की हालत पर शिकायतें आ चुकी हैं।
FAQs
- सड़क निर्माण में मानक मोटाई क्यों महत्वपूर्ण है?
सड़क निर्माण में मानक मोटाई यह सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है कि सड़क मजबूत और सुरक्षित हो, जिससे वाहनों की आवाजाही में कोई समस्या न आए। - मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के कार्यालय के सामने सड़क निर्माण में पाई गई मुख्य समस्याएं क्या थीं?
सड़क निर्माण में मुख्य समस्याएं मोटाई में कमी, कमजोर डामरीकरण, और कुटाई में लापरवाही थीं। जीएसबी और डब्ल्यूएमएम की मोटाई मानकों के अनुसार 16 इंच होनी चाहिए थी, लेकिन यह केवल 10 इंच पाई गई। - जेडीए अधिकारियों ने घटिया सड़क निर्माण मामले पर क्या कहा?
जेडीए के एक्सईएन मनीष रोतवाल ने कहा कि यह सड़क एक अस्थायी सड़क थी और यदि यह क्षतिग्रस्त हुई है, तो इसकी उच्चस्तरीय जांच करवाई जाएगी। वे सोमवार को होने वाली जांच में इसके निर्माण की मानक स्थिति को स्पष्ट करने की उम्मीद कर रहे हैं।