8 भर्ती परीक्षाओं पर मंडरा रहा देरी का संकट, RPSC की खाली होती कुर्सियों को कब मिलेंगे साहब?

Mukesh Sharma | Jun 02, 2026, 18:21 IST
Photograph: (the sootr)
आरपीएससी में जुलाई 2026 तक अध्यक्ष सहित तीन पद खाली हो जाएंगे। तब आयोग 4 सदस्यों के भरोसे रह जाएगा। अगर तत्काल नियुक्ति नहीं हुई तो आरएएस और एसआई जैसी 8 प्रमुख भर्ती परीक्षाएं लेट हो जाएंगी।

News In Short

  • जुलाई के बाद सिर्फ 4 सदस्यों के भरोसे रहेगी RPSC, कैसे पूरी होंगी दर्जनों भर्तियां?
  • UPSC देश संभालता है और RPSC सिर्फ एक राज्य, फिर भी 2-2 साल तक लटकी हैं भर्तियां।
  • RAS-प्री से लेकर SI और सीनियर टीचर भर्ती समेत 8 परीक्षाओं पर मंडराया देरी का संकट।
  • पेपर लीक, कोर्ट-कचहरी के चक्कर और कोरम की कमी ने युवाओं के भविष्य को बनाया बंधक।

News In Detail

राजस्थान में आरएएस सहित विभिन्न भर्ती परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं के लिए आने वाला समय चुनौतीपूर्ण रहने वाला है। भर्तियों में देरी के लिए बदनाम हो चुके राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) की स्थितियां सुधरती नहीं दिख रही हैं।



आयोग के पास जुलाई से दिसंबर तक 8 भर्ती परीक्षाओं का अंबार है। लेकिन RPSC में परीक्षा संबंधी विभिन्न फैसले लेने वालों की संख्या कम होती जा रही है।



31 जुलाई 2026 तक RPSC चेयरमैन सहित दो सदस्य रिटायर हो जाएंगे। यदि इन रिक्तियों को समय पर नहीं भरा गया तो एक बार फिर भर्तियों की प्रक्रिया में देरी होना तय है।



जुलाई के बाद रह जाएंगे सिर्फ 4 सदस्य

RPSC में अध्यक्ष के अलावा सदस्य के 10 पद हैं। वर्तमान में केवल अध्यक्ष और 6 सदस्य ही हैं। एक सदस्य बाबूलाल कटारा पेपर लीक में गिरफ्तार होने के कारण सस्पेंड है।



RPSC में चेयरमैन उत्कल रंजन साहू 19 जून 2026 को रिटायर हो जाएंगे। इसी तरह आयोग के सदस्य केसी मीणा का 8 जुलाई 2026 को और डॉ. अशोक कलवार का 31 जुलाई 2026 को कार्यकाल पूरा हो जाएगा।



सस्पेंड चल रहे सदस्य बाबूलाल कटारा का कार्यकाल भी इस साल 14 अक्टूबर को समाप्त हो रहा है। जुलाई के बाद RPSC में प्रो. अयूब खान, लेफ्टिनेंट कर्नल केसरी सिंह, प्रो. सुशील बिस्सू और हेमंत प्रियदर्शी ही सदस्य के तौर पर बाकी रह जाएंगे।



सदस्यों की कमी का सीधा प्रभाव इंटरव्यू और डीपीसी करने तथा परीक्षा संबंधी विभिन्न निर्णयों पर पडेगा।



UPSC के मुकाबले कछुआ चाल

RPSC केवल राजस्थान के लिए ही भर्ती परीक्षाओं का आयोजन करता है, जबकि UPSC पूरे देश के लिए और देशभर में भर्ती परीक्षाओं का आयोजन करती है। इसके बावजूद UPSC भर्ती प्रक्रिया को न केवल तय समय में पूरा करती है बल्कि उसकी परीक्षाएं कोर्ट में भी नहीं अटकती हैं।



इसके विपरीत RPSC की शायद ही कोई परीक्षा तय समय में पूरी होती हो, बल्कि सभी परीक्षाएं कोर्ट में अटक जाती हैं। इस कारण भर्ती प्रक्रिया पूरा होने में दो-दो साल तक का समय लगता है। RAS-2023 और 2024 इसके प्रत्यक्ष उदाहरण हैं, जिनकी प्रक्रिया दो साल में भी पूरी नहीं हो सकी।



इन परीक्षाओं पर मंडराया देरी का संकट

आगामी महीनों में 12 व 18 जुलाई को आयोग सीनियर टीचर, 20 सितंबर को एसआई-2021 की दोबारा भर्ती परीक्षा, 2 सितंबर को सहायक अभियोजन अधिकारी, 19 सितंबर को निरीक्षक कारखाना एवं बॉयर्लस एवं निरीक्षक कारखाना केमिकल भर्ती परीक्षा लेगा।



इसी तरह 13 अक्टूबर से 15 अक्टूबर 2026 तक सहायक निदेशक डीएनए डिविजन एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी, 29 नवंबर को आरएएस-प्री, 6 दिसंबर को स्कूल लेक्चरर विशेष शिक्षा, 31 मई से 16 जून तक लेक्चरर व कोच ग्रेड—प्रथम की भर्ती परीक्षाएं होनी हैं। इसके अलावा वर्तमान में भी कई भर्ती परीक्षाओं के परिणाम जारी होने के बाद की प्रक्रिया चल रही हैं।



देरी के प्रमुख कारण

पेपर लीक होना: बार-बार पेपर लीक होने से परीक्षाओं का दोबारा आयोजन।



अदालती केस: परिणाम जारी होने के बाद करीब-​करीब हर भर्ती हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचती हैं।



नियुक्तियों में देरी: सदस्यों की कमी के कारण कोरम पूरा नहीं होने से आयोग समय पर निर्णय नहीं ले पा रहा है। इससे परीक्षाएं और उनके परिणाम देरी से आ रहे हैं।



FAQ

  1. राजस्थान लोकसेवा आयोग (आरपीएससी) में कितने सदस्य होते हैं?
    आरपीएससी में एक चेयरमैन और 10 मेम्बर्स होते हैं। वर्तमान में मेम्बर्स के तीन पद खाली है। एक मेम्बर बाबूलाल कटारा सस्पेंड चल रहे हैं।
  2. आरपीएससी में सदस्यों को लेकर आगे क्या स्थिति रहेगी?
    RPSC में चेयरमैन उत्कल रंजन साहू 19 जून 2026 को रिटायर हो जाएंगे। इसी तरह आयोग के सदस्य केसी मीणा का 8 जुलाई 2026 को और डॉ. अशोक कलवार का 31 जुलाई 2026 को कार्यकाल पूरा हो जाएगा। ऐसे में आरपीएससी केवल चार सदस्यों के भरोसे रहेगी।
  3. सदस्यों की पूरी संख्या नहीं होने का आरपीएससी पर क्या असर पड़ रहा है?
    आयोग के पास जुलाई से दिसंबर तक 8 भर्ती परीक्षाओं का अंबार है। लेकिन RPSC में परीक्षा संबंधी विभिन्न फैसले लेने वालों की संख्या कम होती जा रही है। ऐसे में ये भर्तियां प्रभावित होंगी।

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