RPSC में डमी अभ्यर्थी बैठाकर नौकरी पाने का खुलासा, RPSC कर्मचारी समेत 2 गिरफ्तार
News In Short
- आरपीएससी की प्राध्यापक भर्ती परीक्षा में डमी कैंडिडेट से परीक्षा दिलवाने के मामले में दो आरोपी गिरफ्तार।
- मुख्य आरोपी राजेश कुमार मीणा ने अपने परिचित उम्मेद सिंह को डमी कैंडिडेट बनाकर दिलवाई परीक्षा।
- एसओजी ने राजेश कुमार मीणा के प्रवेश पत्र में छेड़छाड़ और उपस्थिति पत्रक पर हस्ताक्षर की नकल करने का किया खुलासा।
- मामले में आरपीएससी के कर्मचारी मान सिंह मीणा ने फोटो बदलने के बदले 8 लाख रुपये की मांग।
- एसओजी की कार्रवाई में राजेश कुमार मीणा और मान सिंह मीणा को किया गिरफ्तार, 18 मई 2026 तक पुलिस रिमांड पर भेजा।
News In Detail
राजस्थान में भर्ती परीक्षाओं में धांधली का एक और बड़ा मामला सामने आया है। स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की प्राध्यापक (इतिहास) भर्ती परीक्षा-2022 में डमी कैंडिडेट बैठाकर नौकरी हासिल करने के मामले में मुख्य आरोपी राजेश कुमार मीणा और आरपीएससी के यूडीसी कर्मचारी मान सिंह मीणा को गिरफ्तार किया है।
डमी कैंडिडेट से परीक्षा दिलवाने का तरीका
राजेश कुमार मीणा ने अक्टूबर 2022 में आयोजित प्राध्यापक (इतिहास) भर्ती परीक्षा में खुद परीक्षा देने के बजाय अपने परिचित उम्मेद सिंह को डमी कैंडिडेट के रूप में बैठाया था। जांच में यह बात सामने आई कि अपनी कमजोर तैयारी के चलते राजेश कुमार मीणा ने उम्मेद सिंह को लालच देकर उसे परीक्षा दिलवाने की साजिश रची थी।
प्रवेश पत्र में छेड़छाड़ और फोटो बदलवाना
एसओजी की जांच में यह भी सामने आया कि राजेश कुमार मीणा ने कंप्यूटर के जरिए अपने प्रवेश पत्र में छेड़छाड़ कर उम्मेद सिंह की फोटो लगा दी थी। इसके बाद उम्मेद सिंह ने 17 अक्टूबर 2022 को सामान्य ज्ञान और 18 अक्टूबर 2022 को इतिहास विषय की परीक्षा डमी कैंडिडेट बनकर दी। परीक्षा के दौरान, उसने उपस्थिति पत्रक पर भी राजेश कुमार मीणा के हस्ताक्षरों की नकल की।
8 लाख रुपये की मांग
फर्जीवाड़े के जरिए परीक्षा पास करने के बाद राजेश कुमार मीणा का चयन प्राध्यापक (इतिहास) पद पर हो गया और उसे नियुक्ति भी मिल गई। इसके बाद उसने आरपीएससी के रिकॉर्ड में मौजूद उपस्थिति पत्रक से डमी अभ्यर्थी की फोटो हटाकर अपनी फोटो लगवाने की कोशिश की। इस दौरान उसकी मुलाकात आरपीएससी के यूडीसी कर्मचारी मान सिंह मीणा से हुई। मान सिंह ने रिकॉर्ड में हेरफेर कर फोटो बदलने के एवज में 8 लाख रुपये की मांग की थी।
2 लाख रुपये एडवांस देने का आरोप
आरोप है कि राजेश कुमार मीणा ने मान सिंह को 2 लाख रुपये एडवांस भी दे दिए थे। एसओजी ने मामले में एफआईआर नंबर 11/2025 दर्ज किया था। पहले डमी कैंडिडेट उम्मेद सिंह और उसके सहयोगी रमेश विश्नोई को गिरफ्तार किया जा चुका था। मुख्य आरोपी राजेश कुमार मीणा, जो इस मामले के बाद से फरार था, अब गिरफ्तार कर लिया गया है। अदालत ने उसे 18 मई 2026 तक पुलिस रिमांड पर भेजा है।
एसओजी ने किया मान सिंह मीणा को गिरफ्तार
एसओजी ने बताया कि आरपीएससी कर्मचारी मान सिंह मीणा की भूमिका भी जांच में प्रमाणित होने के बाद उसे 12 मई 2026 को गिरफ्तार किया गया। वह मूल रिकॉर्ड में बदलाव करने और उपस्थिति पत्रक बदलने का सौदा कर रहा था। अब एसओजी इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य संभावित लोगों की भूमिका की भी गहन जांच कर रही है।
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