RPSC लाइब्रेरियन भर्ती: 'गुड एकेडमिक रिकॉर्ड' के फेर में फंसी नियुक्तियां; 2 साल बाद भी साक्षात्कार का इंतज़ार
News In Short
- नई शर्तों और विवादों के बीच फंसी लाइब्रेरियन भर्ती का इंतजार हुआ लंबा।
- आयुक्तालय ने आयोग को परीक्षाओं के अंकों के आधार में बदलाव का सुझाव दिया है।
- 2023 में भी स्नातक के न्यूनतम अंक 50% से घटाकर 45% करने का आदेश दिया था।
- बीच भर्ती के दौरान योग्यता के आधार को बदलने से अभ्यर्थियों में नाराजगी।
- ढाई साल पहले शुरू हुई इस भर्ती ने अभ्यर्थी एक साल से साक्षात्कार की राह देख रहे।
News In Detail
Ajmer: राजस्थान में सरकारी नौकरियों की कछुआ चाल और नियमों के अंतहीन बदलाव ने हज़ारों युवाओं के भविष्य को अधर में लटका दिया है। ताज़ा मामला राजस्थान लोक सेवा आयोग भर्ती परीक्षा,लाइब्रेरियन भर्ती 2023 का है, जो अब मजाक बनती जा रही है। ढाई साल पहले शुरू हुई इस भर्ती में लिखित परीक्षा और परिणाम के बावजूद अभ्यर्थी एक साल से साक्षात्कार की राह देख रहे हैं। अब 'गुड एकेडमिक रिकॉर्ड' की नई परिभाषा ने इस पूरी प्रक्रिया को कानूनी पेच में फंसा दिया है।
बीच सफर में बदले जा रहे नियम?
अभ्यर्थियों का आरोप है कि कॉलेज आयुक्तालय भर्ती प्रक्रिया के बीच में 'गुड एकेडमिक रिकॉर्ड' के नियमों को बदलने की कोशिश कर रहा है। नोटिफिकेशन के अनुसार, स्नातक में न्यूनतम 50% अंक अनिवार्य थे। आयुक्तालय अब 3 वर्षीय स्नातक के साथ 1 वर्षीय बी.लिब. को भी गणना में शामिल करने का सुझाव दे रहा है, जिससे भारी भ्रम की स्थिति पैदा हो गई है।
उच्च शिक्षा विभाग का 'U-टर्न' इतिहास
यह पहली बार नहीं है जब इस भर्ती के नियमों के साथ प्रयोग हुआ हो। अक्टूबर 2023 में विभाग ने स्नातक के न्यूनतम अंक 50% से घटाकर 45% करने का आदेश दिया। भारी विरोध के बाद इस आदेश को वापस लेना पड़ा। अब फिर से आयुक्तालय ने राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC)को पत्र लिखकर परीक्षाओं के अंकों के आधार में बदलाव का सुझाव दिया है, जिससे अभ्यर्थी नाराज हैं।
तारीखों का मायाजाल
भर्ती की सुस्त रफ्तार का अंदाजा इन आंकड़ों से लगाया जा सकता है। 1 सितंबर 2023 को नोटिफिकेशन जारी किया गया था, जिसमें कुल 14,110 आवेदन आए थे। इसके बाद, लिखित परीक्षा 7 जनवरी और 24 मई 2024 को आयोजित। परिणाम 25 फरवरी 2025 को घोषित किया गया, जिसमें 1,502 अभ्यर्थी इंटरव्यू के लिए पास हुए थे। हालांकि, अब एक साल बीत चुका है, लेकिन विवादों के कारण साक्षात्कार प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई है।
योग्यता के 3 कठिन आधार
वर्तमान में इस पद के लिए अभ्यर्थियों को इन शर्तों को पूरा करना होता है:
मास्टर डिग्री: एम.लिब. (M.Lib) या समकक्ष डिग्री।
एकेडमिक रिकॉर्ड: मास्टर डिग्री से पहले की 3 परीक्षाओं का औसत 55%, स्नातक में 50% और 10वीं/12वीं में 50% अंक
पात्रता परीक्षा: नेट/सेट (NET/SET) या पीएचडी अनिवार्य।
शर्त ही हटा दी जाए
पुस्तकालय संघ राजस्थान के अध्यक्ष कमल कनावरिया का कहना है कि लाइब्रेरियन का पद 'नॉन-टीचिंग' श्रेणी में आता है, जबकि 'गुड एकेडमिक रिकॉर्ड' की शर्त 'टीचिंग' पदों के लिए होती है। ऐसे में इस जटिल शर्त को हटा देना चाहिए ताकि एक साल से अटकी भर्ती आगे बढ़ सके।
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