RPSC पेपर लीक: पूर्व चेयरमैन शिव सिंह राठौड़ की बढ़ी मुश्किलें, SOG कर रही है पूछताछ

Jageshwar prasad | May 12, 2026, 18:56 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान में पेपर लीक मामले की आंच अब RPSC के पूर्व कार्यवाहक अध्यक्ष डॉ. शिव सिंह राठौड़ तक पहुंच गई है। SOG ने उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया है। बाबूलाल कटारा और शेर सिंह मीणा से पूछताछ के बाद यह कार्रवाई की गई है।

News In Short

  • RPSC के पूर्व कार्यवाहक अध्यक्ष डॉ. शिव सिंह राठौड़ को SOG ने बुलाया।
  • कृषि विज्ञान भर्ती परीक्षा 2022 के पेपर लीक मामले में उनसे की जा रही है पूछताछ।
  • आरोपी शेर सिंह मीणा ने पूछताछ में डॉ. राठौड़ के नाम का जिक्र किया था।
  • तत्कालीन सदस्य बाबूलाल कटारा ने 60 लाख रुपए में पेपर माफिया को बेचा था।
  • SOG अब बड़े अधिकारियों और मास्टरमाइंड को आमने-सामने बैठाकर जांच कर रही है।

News In Detail

Jodhpur: राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) से जुड़े पेपर लीक मामलों में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) की जांच अब बड़े अधिकारियों तक पहुंच गई है। एसओजी सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसी ने RPSC के पूर्व कार्यवाहक अध्यक्ष डॉ. शिव सिंह राठौड़ को पूछताछ के लिए तलब किया है। फिलहाल SOG उनसे गहन पूछताछ कर रही है।



60 लाख में बेचा गया था पेपर

एसओजी सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई स्कूल व्याख्याता (कृषि विज्ञान) भर्ती परीक्षा-2022 के पेपर लीक मामले से जुड़ी हुई है। जयपुर स्थित एसओजी मुख्यालय में 10 मई को पेपर लीक रैकेट का खुलासा किया गया था। जांच में यह सामने आया कि इस भर्ती परीक्षा का पेपर 60 लाख रुपए में बेचा गया था।



पेपर लीक के मास्टरमाइंड शेर सिंह मीणा ने एसओजी की पूछताछ में स्वीकार किया था कि स्कूल व्याख्याता (कृषि विज्ञान) का पेपर उसे तत्कालीन RPSC सदस्य बाबूलाल कटारा ने 60 लाख रुपए में दिया था।



राठौड़ का नाम आने के बाद बुलाया गया

एसओजी की पूछताछ के दौरान शेर सिंह ने लेक्चरर पेपर लीक में पूर्व अध्यक्ष डॉ. शिव सिंह राठौड़ का नाम भी लिया था। इसमें कितनी सच्चाई है, इसकी पुष्टि के लिए एसओजी के अधिकारी अब दोनों से आमने-सामने बैठकर पूछताछ भी कर सकते हैं।



पूर्व सदस्य पहले ही गिरफ्तार

जांच एजेंसी इस पूरे मामले में RPSC के पूर्व सदस्य बाबूलाल कटारा सहित कई आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। इन गिरफ्तारियों और जांच के दौरान हुए खुलासों के बाद ही आयोग के बड़े अधिकारियों की भूमिका संदेह के घेरे में आ गई थी। जांच में मिले सुरागों की कड़ी को आगे बढ़ाते हुए अब पूर्व कार्यवाहक अध्यक्ष डॉ. राठौड़ से विस्तृत पूछताछ की जा रही है।



कार्यवाहक अध्यक्ष के कार्यकाल से जुड़ी भर्तियां

डॉ. शिव सिंह राठौड़ को दिसंबर 2021 में RPSC का कार्यवाहक अध्यक्ष बनाया गया था। वे आयोग के सबसे युवा चेयरमैन में गिने जाते हैं। पेपर लीक का कथित दौर भी इसी अवधि के आसपास आयोजित भर्तियों से जुड़ा रहा है। एसओजी सूत्रों के अनुसार, फिलहाल एजेंसी की ओर से केवल पूछताछ की जा रही है। आगे की संभावित कार्रवाई को लेकर कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया गया है।



अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

डॉ. शिव सिंह राठौड़ से SOG पूछताछ क्यों कर रही है?

डॉ. शिव सिंह राठौड़ RPSC के पूर्व सदस्य और कार्यवाहक अध्यक्ष रह चुके हैं। कृषि विज्ञान स्कूल व्याख्याता भर्ती परीक्षा-2022 के पेपर लीक मामले में गिरफ्तार आरोपी शेर सिंह मीणा ने पूछताछ के दौरान उनका नाम लिया था। इसी संबंध में SOG उनसे पूछताछ कर रही है।



कृषि विज्ञान भर्ती परीक्षा 2022 का पेपर लीक कैसे हुआ था?

SOG की जांच के अनुसार, तत्कालीन RPSC सदस्य बाबूलाल कटारा ने गोपनीय शाखा से पेपर लीक किया था। उन्होंने यह प्रश्नपत्र माफिया शेर सिंह मीणा को 60 लाख रुपये में बेचा था। इसके बाद यह पेपर अन्य बिचौलियों के जरिए अभ्यर्थियों तक पहुंचाया गया।



क्या इस मामले में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं?

SOG फिलहाल सबूतों और बयानों की कड़ी जोड़ रही है। पूर्व अध्यक्ष से पूछताछ और मास्टरमाइंड के साथ उनके आमने-सामने के बयानों के बाद, यदि पुख्ता सबूत मिलते हैं, तो जांच एजेंसी आने वाले दिनों में और भी बड़ी गिरफ्तारियां कर सकती है।



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