संघ प्रचारक को थाने में बेहोश होने तक पीटा, SHO समेत 6 पुलिसकर्मी सस्पेंड, 6 घंटे घेराव के बाद SMS रेफर
समझें क्या है पूरा मामला
- जयपुर के नरैना थाने में संघ प्रचारक से मारपीट।
- गंभीर हालत में जयपुर के SMS अस्पताल में रेफर।
- कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने 6 घंटे थाना घेरा।
- नरैना थाने के SHO समेत 6 पुलिसकर्मी सस्पेंड।
- मारपीट का केस दर्ज, एसपी करेंगे जांच।
नरैना थाना संघ प्रचारक मारपीट का मामला गरमा गया है। जयपुर जिले के नरैना में शनिवार रात संघ के जिला प्रचारक कृष्ण अवतार के साथ थाने में मारपीट के आरोप लगे हैं। गंभीर हालत में उन्हें जयपुर के SMS अस्पताल रेफर किया गया। घटना से नाराज संघ पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने 6 घंटे तक थाने का घेराव किया। नरैना बाजार भी बंद हो गए। आरोपियों के खिलाफ मारपीट और अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
संघ प्रचारक कृष्ण अवतार नरैना थाने कैसे पहुंचे?
संघ प्रचारक कृष्ण अवतार के पास सांभर जिले का प्रभार है। आरोप है कि शनिवार रात फुलेरा जाते समय नरैना थाने के एक पुलिसकर्मी ने उन्हें जबरन पकड़ा और थाने ले गए। कृष्ण अवतार ने थानाधिकारी उमराव सिंह को अपना परिचय दिया। उन्होंने बताया कि वे संघ के प्रचारक हैं। आरोप है कि इस बात पर थानाधिकारी आक्रोशित हो गए। सोर्स में यह नहीं बताया गया कि उन्हें पकड़ने की वजह क्या थी। यह भी नहीं बताया गया कि पुलिस ने इस बारे में क्या कहा है।सवाल यह है कि थाने के अंदर आखिर क्या हुआ, जिसकी वजह से मामला इतना बढ़ गया?
थाने में क्या हुआ, आरोप क्या हैं?
आरोप के अनुसार थानाधिकारी ने पुलिसकर्मियों से कहा कि इस प्रचारक को सबक सिखाया जाए। आरोप है कि एएसआई ओंकार सिंह, अजय, रमेश, कुलदीप, महिपाल और विनोद ने संघ और प्रचारक के परिवार को लेकर अभद्र टिप्पणियां कीं।
आरोप है कि दो पुलिसकर्मियों ने उनके हाथ-पैर पकड़े और दूसरे दो ने उन पर हमला किया। इसके बाद कपड़े उतरवाकर बेरहमी से मारपीट की गई, जिससे वे बेहोश हो गए।
पुलिसकर्मी उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। आरोप है कि होश आने के बाद उनके साथ फिर मारपीट की गई। हालत गंभीर होने पर उन्हें जयपुर के SMS अस्पताल रेफर किया गया। ये सभी बातें आरोप हैं। सोर्स में इन पर पुलिसकर्मियों का पक्ष नहीं है। मेडिकल रिपोर्ट की जानकारी भी नहीं दी गई।
नरैना थाना घेराव 6 घंटे: कौन-कौन पहुंचा?
घटना से नाराज संघ पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने थाने का घेराव किया। यह घेराव करीब 6 घंटे चला। नरैना बाजार भी बंद हो गए।भाजपा प्रदेश मुख्य प्रवक्ता रामलाल शर्मा, पूर्व विधायक निर्मल कुमावत और भाजपा जयपुर जिला देहात दक्षिण के जिलाध्यक्ष राजेश गुर्जर भी धरने पर बैठे।
जयपुर ग्रामीण SP हनुमान सहाय ने क्या कार्रवाई की?
जयपुर ग्रामीण एसपी हनुमान सहाय मौके पर पहुंचे और लोगों को शांत कराया। उन्होंने थानाधिकारी उमराव सिंह, एएसआई ओंकार, रमेश और 3 अन्य जवानों को सस्पेंड कर दिया। इस तरह कुल 6 पुलिसकर्मी निलंबित हुए। Narena SHO suspended की यह कार्रवाई सोर्स में एसपी के नाम से दर्ज है।
मारपीट और अन्य धाराओं में आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। किन धाराओं में केस हुआ और किन पुलिसकर्मियों के नाम एफआईआर में हैं, यह सोर्स में नहीं बताया गया। एसपी पूरे मामले की जांच कर रहे हैं।
थाने में मारपीट के आरोप जयपुर देहात में अब आगे क्या?
अब नजर इस पर रहेगी कि जांच में क्या सामने आता है और निलंबित पुलिसकर्मियों पर आगे क्या कार्रवाई होती है। यह भी देखना होगा कि कृष्ण अवतार की मेडिकल रिपोर्ट में क्या निकलता है और उन्हें पकड़ने की वजह पुलिस क्या बताती है। यह भी साफ होना बाकी है कि निलंबन के अलावा गिरफ्तारी जैसी कार्रवाई होती है या नहीं।
यह खबर क्यों जरूरी है:
थाना वह जगह है जहां किसी भी व्यक्ति को सुरक्षा और कानून के दायरे में व्यवहार की उम्मीद होती है। हिरासत में मारपीट के आरोप गंभीर माने जाते हैं, चाहे पीड़ित कोई भी हो। इस मामले में पुलिस की कार्रवाई और जांच की निष्पक्षता पर लोगों की नजर है। संघ और भाजपा से जुड़े लोगों के धरने की वजह से यह मामला राजनीतिक रूप से भी संवेदनशील है। इसलिए जरूरी है कि तथ्य और आरोप का फर्क साफ रखा जाए। जांच पूरी होने तक सभी पक्षों का पक्ष सामने आना जरूरी है।