रूस ने यूक्रेन में भारतीय कारोबारी की दवा फैक्ट्री पर किया ड्रोन हमला, 400 करोड़ का नुकसान
रूस ने यूक्रेन के सूमी में 4 अक्टूबर को भारतीय कारोबारी की दवा फैक्ट्री पर ड्रोन से हमला कर दिया। भारतीय कारोबारी राजीव गुप्ता भरतपुर के रहने वाले है। इस हमले में एक इंजीनियर की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए हैं। इस फैक्ट्री की मुख्य इमारत का ज्यादातर हिस्सा तबाह हो गया। शुरुआती अनुमान में कंपनी को कम से कम 400 करोड़ रुपए का नुकसान है।
कब हुआ सूमी फैक्ट्री पर ड्रोन हमला
सूमी फैक्ट्री ड्रोन हमला 4 अक्टूबर को सुबह के समय हुआ। हमले के बाद इलाके से धुएं का बड़ा गुबार उठता दिखा। यह फैक्ट्री रूस की सीमा से करीब 23 किलोमीटर दूर है। हमला रविवार के दिन हुआ। इसलिए फैक्ट्री में मजदूर कम थे। हमले में एक इंजीनियर की जान चली गई। कई दूसरे लोग घायल हुए हैं।
400 करोड़ का नुकसान, काम ठप
फैक्ट्री की मुख्य इमारत को भारी नुकसान पहुंचा है। इसका ज्यादातर हिस्सा तबाह हो गया। शुरुआती अनुमान के मुताबिक नुकसान कम से कम 400 करोड़ रुपए का है। कुसुम हेल्थकेयर फैक्ट्री हमला कंपनी के लिए बड़ा झटका है। Kusum Healthcare Sumy attack ने कंपनी के सबसे पुराने प्लांट को चोट पहुंचाई है। Russian drone attack Sumy के बाद फैक्ट्री का मुख्य काम रुक गया है। युद्ध शुरू होने के बाद भी यह फैक्ट्री लगातार चल रही थी। पर अब हालात बदल गए हैं।
कौन हैं भरतपुर के राजीव गुप्ता?
राजीव गुप्ता 57 साल के हैं और राजस्थान के भरतपुर के रहने वाले हैं। उनकी कंपनी का नाम कुसुम हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड है। राजस्थान का कारोबारी यूक्रेन में सालों से दवा बनाने का कारोबार चला रहा था। राजीव के चचेरे भाई राजकुमार गुप्ता ने परिवार की तरफ से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राजीव पूरी तरह सुरक्षित हैं।
चचेरे भाई ने बताया, राजीव ठीक हैं
राजीव की कंपनी कुसुम हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड है। यूक्रेन के सूमी शहर में उनकी एक फैक्ट्री है। इस पर 4 अक्टूबर को सुबह ड्रोन से हमला हुआ। राजीव बिल्कुल ठीक हैं और वे कीव में हैं
इंपोर्ट से शुरू हुआ था सफर
राजकुमार के मुताबिक राजीव पहले भारत से दवाएं इंपोर्ट करते थे। यानी भारत की दवाएं यूक्रेन में बेचते थे। 2009 में उन्होंने यूक्रेन से अपना कारोबार शुरू किया। कंपनी का कारोबार भारत की दवाओं के डिस्ट्रीब्यूशन से शुरू हुआ था। बाद में कंपनी ने यूक्रेन में खुद दवाएं बनाना शुरू किया। कुसुम हेल्थकेयर खुद को भारतीय जड़ों वाली यूक्रेनी कंपनी बताती है।
2009 में सूमी में लगी थी फैक्ट्री
राजीव गुप्ता ने 2009 में सूमी में दवा बनाने की फैक्ट्री शुरू की। इसके बाद भारत में भी दो प्रोडक्शन यूनिट शुरू की गईं। कंपनी 50 से ज्यादा ब्रांड की जेनेरिक दवाएं बनाती है। जेनेरिक दवा यानी ब्रांडेड दवा जैसे ही फॉर्मूले वाली सस्ती दवा। इनमें टैबलेट, कैप्सूल और लिक्विड दवाएं शामिल हैं।
9 से ज्यादा देशों में कारोबार
कंपनी के प्रोडक्ट यूक्रेन के अलावा दूसरे देशों में भी बिकते हैं। इनमें उज्बेकिस्तान, कजाकिस्तान और फिलीपींस शामिल हैं। कंपनी का कारोबार 9 से ज्यादा देशों में फैला है।
भिवाड़ी और पीथमपुर में भी यूनिट
भारत में कंपनी की प्रोडक्शन यूनिट राजस्थान के भिवाड़ी में है। दूसरी यूनिट मध्य प्रदेश के पीथमपुर, इंदौर में है। यानी इस कंपनी का सीधा नाता राजस्थान और मध्य प्रदेश से भी है।
रूस यूक्रेन युद्ध भारतीय कारोबारी पर भारी
युद्ध शुरू होने के बाद भी सूमी की यह फैक्ट्री काम करती रही। यह फैक्ट्री रूस की सीमा के बेहद करीब है। फिर भी यहां उत्पादन नहीं रुका था। अब यूक्रेन में भारतीय फैक्ट्री पर हमला होने से हालात बदल गए हैं। मुख्य इमारत तबाह होने से कंपनी का मुख्य काम रुक गया है। यह हमला बताता है, रूस यूक्रेन युद्ध भारतीय कारोबारी पर कितना भारी है। एक इंजीनियर की जान गई और सालों की मेहनत मलबे में बदल गई।