पंजाब चुनाव से पहले क्या CM का चेहरा आगे रखेगी कांग्रेस? सचिन पायलट ने बताया प्लान
समझें क्या है पूरा मामला
- पंजाब में CMफेस नहीं, सामूहिकनेतृत्व में लड़ेगीकांग्रेस
- सचिनपायलट का दावा, 100%बनेगी कांग्रेस सरकार
- AAP सरकार परड्रग्स औरकानून-व्यवस्था कोलेकर हमला
- राहुल-प्रियंका भीउतरेंगे पंजाब केचुनावी मैदान में
- चन्नी करेंगे पूरीताकत से प्रचार, पायलटका खुलासा
जयपुर। पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस मुख्यमंत्री पद का कोई चेहरा आगे रखेगी या सामूहिक नेतृत्व में मैदान में उतरेगी? पंजाब कांग्रेस के नए प्रभारी सचिन पायलट ने इसे लेकर पार्टी की रणनीति साफ कर दी है। शुक्रवार को राजस्थान नगर निकाय चुनाव के अवसर पर जयपुर में मतदान करने पहुंचे पायलट ने वोट डालने के बाद The Sootr से बातचीत में कहा कि कांग्रेस अभी विपक्ष में है, इसलिए सभी नेता मिलकर चुनाव लड़ेंगे। चुनाव परिणाम आने और बहुमत मिलने के बाद ही नेताओं की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
पायलट ने पंजाब में कांग्रेस की सरकार बनने का दावा करते हुए कहा कि पार्टी इस बार पूरी मजबूती से चुनाव मैदान में उतरेगी और उन्हें पूरा विश्वास है कि कांग्रेस सरकार बनाएगी। उन्होंने सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी को कांग्रेस का मुख्य प्रतिद्वंद्वी बताया।
CM फेस पर पायलट बोले- नतीजों के बाद तय होगी जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री पद के चेहरे के सवाल पर पायलट ने कहा कि जब कोई पार्टी सत्ता में होती है तो मौजूदा मुख्यमंत्री स्वाभाविक रूप से चुनाव अभियान का नेतृत्व करता है, लेकिन कांग्रेस पंजाब में अभी विपक्ष में है।
उन्होंने कहा कि पार्टी सामूहिक नेतृत्व के साथ चुनाव लड़ेगी। सभी वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मिलकर कांग्रेस को बहुमत दिलाने के लिए काम करेंगे। इसके बाद किस नेता को क्या जिम्मेदारी दी जाएगी, इसका फैसला पार्टी करेगी।
पायलट का यह बयान इसलिए भी अहम है क्योंकि कांग्रेस ने हाल ही में उन्हें पंजाब का AICC महासचिव और प्रभारी बनाया है। उन्होंने भूपेश बघेल की जगह यह जिम्मेदारी संभाली है। पंजाब में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं और पार्टी के सामने चुनावी तैयारियों के साथ अंदरूनी मतभेदों को दूर करने की भी चुनौती है।
चन्नी पूरी ताकत से करेंगे प्रचार
पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी से हुई बातचीत पर पायलट ने कहा कि चन्नी पार्टी के लिए पूरी ताकत से प्रचार करेंगे और आम आदमी पार्टी सरकार की नाकामियों को जनता के सामने रखेंगे।
पायलट के मुताबिक कांग्रेस में सभी नेताओं को साथ लेकर आगे बढ़ने की रणनीति है। हाल ही में चन्नी और पायलट की मुलाकात भी हुई है। चन्नी ने पायलट को पंजाब की जिम्मेदारी दिए जाने को पार्टी के लिए नई उम्मीद बताया था।
‘मतभेद को गुटबाजी कहना सही नहीं’
पंजाब कांग्रेस में गुटबाजी के सवाल पर पायलट ने कहा कि किसी मुद्दे पर अलग-अलग नेताओं की राय अलग होना स्वाभाविक है। हर असहमति को गुटबाजी के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि संगठन की टीम मजबूत है और चुनाव किसी एक व्यक्ति के भरोसे नहीं, बल्कि सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को साथ लेकर लड़ा जाएगा। पायलट की नियुक्ति भी ऐसे समय हुई है जब पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व को लेकर लंबे समय से अंदरूनी खींचतान चल रही है।
राहुल-प्रियंका भी उतरेंगे पंजाब के मैदान में
पायलट ने बताया कि पंजाब चुनाव को लेकर उनकी राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से बातचीत हुई है। दोनों नेताओं से पंजाब में समय देने का आग्रह किया गया है। राहुल गांधी ने पूरा सहयोग देने का भरोसा दिया है और आने वाले समय में उनके कार्यक्रम तय किए जाएंगे।
पायलट ने कहा कि वे खुद भी जल्द पंजाब जाकर जमीनी स्तर पर संगठन और चुनावी तैयारियों पर काम शुरू करेंगे। दिल्ली में पंजाब कांग्रेस के नेताओं से फीडबैक लिया जा चुका है।
AAP से मुख्य मुकाबला, सरकार पर साधा निशाना
पायलट ने साफ किया कि पंजाब में कांग्रेस का मुख्य मुकाबला आम आदमी पार्टी से होगा। उन्होंने कहा कि अभी राज्य में AAP की सरकार है, इसलिए स्वाभाविक रूप से कांग्रेस की मुख्य राजनीतिक लड़ाई उसी से है।
पायलट ने दावा किया कि कांग्रेस पंजाब में मजबूत विकल्प बनकर सामने आएगी। उन्होंने आम आदमी पार्टी में टूट और शिरोमणि अकाली दल की कमजोर स्थिति का जिक्र करते हुए कांग्रेस को एकजुट और धर्मनिरपेक्ष राजनीतिक विकल्प बताया।
‘पंजाब कांग्रेस का इतिहास जानता है’
पायलट ने पंजाब में कांग्रेस के पुराने इतिहास को भी चुनावी रणनीति से जोड़ा। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की कुर्बानी का जिक्र करते हुए कहा कि पंजाब के कठिन दौर में कांग्रेस की भूमिका को प्रदेश की जनता जानती है।
उन्होंने कहा कि पंजाब में कृषि और विकास से जुड़े बदलावों में भी कांग्रेस सरकारों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है और पार्टी इसी इतिहास के साथ भविष्य का रोडमैप लेकर जनता के बीच जाएगी।
ड्रग्स को बनाया बड़ा मुद्दा, मान सरकार पर हमला
पायलट ने पंजाब में नशे और कानून-व्यवस्था को बड़ा मुद्दा बताते हुए भगवंत मान सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में ड्रग्स, अपराध और गैंगस्टर नेटवर्क पर सरकार प्रभावी तरीके से नियंत्रण नहीं कर पाई है।
पायलट ने आरोप लगाया कि जेलों से गैंग संचालित होने और खुलेआम आपराधिक वारदातों के कारण आम लोगों में असुरक्षा की भावना बढ़ी है। इससे पहले भी पंजाब प्रभारी बनने के बाद पायलट AAP सरकार के कामकाज और राज्य की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठा चुके हैं।
वित्त मंत्री के मुद्दे पर भी उठाए सवाल
ड्रग्स से जुड़े एक मामले का जिक्र करते हुए पायलट ने पंजाब के वित्त मंत्री पर कार्रवाई नहीं होने को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि आत्महत्या करने वाले एक व्यक्ति की ओर से मंत्री का नाम लिए जाने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई और मुख्यमंत्री भगवंत मान अपने मंत्री को बचा रहे हैं।
पायलट के बयान से साफ है कि पंजाब की जिम्मेदारी मिलने के बाद कांग्रेस की चुनावी रणनीति में एक तरफ पार्टी को एकजुट रखने और बिना CM फेस के सामूहिक नेतृत्व में चुनाव लड़ने की तैयारी है, तो दूसरी तरफ AAP सरकार को ड्रग्स, कानून-व्यवस्था और शासन के मुद्दों पर घेरने की योजना है।
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