पंजाब प्रभारी बनने के बाद राहुल-प्रियंका से मिले पायलट, जानें क्या बनी रणनीति

Jageshwar prasad | Sept 08, 2026, 15:00 IST
पंजाब प्रभारी बनने के बाद दिल्ली में राहुल-प्रियंका से मिले सचिन पायलट
पंजाब का चुनाव प्रभारी नियुक्त होने के बाद सचिन पायलट ने दिल्ली में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से पहली औपचारिक मुलाकात की। इस बैठक में राज्य में संगठन विस्तार और राजनीतिक भावी रणनीति को लेकर चर्चा हुई।

समझें क्या है पूरा मामला

  • पंजाब प्रभारी बनते ही दिल्ली पहुंचे दिग्गज नेता सचिन पायलट।
  • राहुल और प्रियंका संग सचिन पायलट की पहली अहम बैठक।
  • पंजाब में कांग्रेस की वापसी का बनाया गया है नया प्लान।
  • संगठन की मजबूती और नई रणनीति पर देर तक मंथन।

राजस्थान के पूर्व डिप्टी सीएम और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव सचिन पायलट को पार्टी आलाकमान द्वारा पंजाब का नया प्रदेश प्रभारी नियुक्त किए जाने के बाद दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज है।



सचिन पायलट ने पंजाब प्रभारी बनने के बाद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से दिल्ली में मुलाकात की। 10 जनपथ पर हुई इस मुलाकात में 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों की रणनीति पर चर्चा हुई।



पायलट के सामने पंजाब कांग्रेस की गुटबाजी खत्म करने की बड़ी चुनौती है। अगर वे सफल रहे तो राष्ट्रीय राजनीति में उनका कद बढ़ सकता है।



बंद कमरे में क्या हुई बात?

इस मुलाकात को आधिकारिक तौर पर एक 'शिष्टाचार मुलाकात' बताया जा रहा है। लेकिन सूत्रों के मुताबिक, इसमें साल 2027 में होने वाले पंजाब विधानसभा चुनावों के रोडमैप और शुरुआती रणनीति को लेकर विस्तार से बातचीत हुई है।



पायलट ने पंजाब के भावी कार्यक्रमों और संगठन में बदलावों को लेकर राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से प्राथमिक ब्रीफिंग ली।





पायलट के सामने क्या हैं चुनौतियां?

सचिन पायलट को पंजाब का प्रभारी ऐसे समय में बनाया गया है जब वहां पार्टी के भीतर कई गुट आपस में उलझे हुए हैं।



सचिन पायलट का लक्ष्य प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के खेमों के बीच सामंजस्य बिठाना और कार्यकर्ताओं में नया उत्साह फूंकना होगा।



सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (AAP) को घेरना और पार्टी के शीर्ष नेताओं के मतभेदों को सार्वजनिक होने से रोकना भी चुनौती है। सचिन पायलट को नियुक्त करने का कारण युवाओं और जनसामान्य के बीच लोकप्रिय छवि, कुशल मध्यस्थता कौशल और चुनावी प्रबंधन का समृद्ध अनुभव है।



विशेषज्ञों की राय

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पंजाब में सचिन पायलट के पास खोने के लिए कुछ भी नहीं है, लेकिन पाने के लिए पूरा राजनीतिक आसमान मौजूद है।



अगर वे पंजाब में कांग्रेस के लिए हवा का रुख बदलने में कामयाब रहे, तो राष्ट्रीय राजनीति में उनका कद कई गुना बढ़ जाएगा। उनकी संवाद शैली, युवा जोश और सांगठनिक अनुभव पंजाब के सियासी समीकरणों को बदलने में मददगार साबित हो सकते हैं।



आगे क्या होगा

माना जा रहा है कि पायलट जल्द ही चंडीगढ़ का दौरा करेंगे। वहां पहुंचकर वे पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं, विधायकों और कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें शुरू करेंगे। राजस्थान के इस युवा नेता की पंजाब में एंट्री के बाद से ही पंजाब और राजस्थान दोनों ही राज्यों की कांग्रेस राजनीति में नया उत्साह देखने को मिल रहा है।



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