आईएएस जितेंद्र कुमार सोनी को साहित्य अकादमी पुरस्कार, राजस्थानी कहानी 'भरखमा' का चयन

Ashish Bhardwaj | Mar 16, 2026, 19:45 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान कैडर के आईएएस जितेंद्र कुमार सोनी को साहित्य अकादमी पुरस्कार 2025 मिलेगा। उन्हें यह सम्मान उनकी राजस्थानी कहानी संग्रह के लिए दिया जाएगा।

News In Short

  • आईएएस जितेंद्र कुमार सोनी के कहानी संग्रह को साहित्य अकादमी पुरस्कार 2025।
  • पुरस्कार के लिए चुनी गई जितेंद्र कुमार सोनी को कृति 'भरखमा'।
  • सोनी 2010 बैच के आईएएस अधिकारी, वर्तमान में जयपुर कलेक्टर।
  • दिल्ली में 31 मार्च 2026 को एक समारोह में किया जाएगा सम्मान।
  • साहित्य अकादमी पुरस्कार भारतीय भाषाओं के साहित्य में सबसे प्रतिष्ठित सम्मान।

News In Detail

जागेश्वर प्रसाद @ जयपुर



भारतीय साहित्य की सर्वोच्च संस्था 'साहित्य अकादमी' ने वर्ष 2025 के वार्षिक पुरस्कारों की घोषणा कर दी है। इसमें राजस्थानी भाषा के लिए आईएएस अधिकारी जितेंद्र कुमार सोनी को पुरस्कृत किया जाएगा। इसके लिए उनके राजस्थानी कहानी संग्रह 'भरखमा' को चुना गया है।



क्या है 'भरखमा' की खासियत

कहानी संग्रह 'भरखमा' राजस्थानी माटी की खुशबू, यहां के संघर्षों और सांस्कृतिक मूल्यों से परिचित कराती है। इस कृति में लेखक ने राजस्थानी समाज के बदलते परिवेश, ग्रामीण जीवन की चुनौतियों और मानवीय संवेदनाओं को बहुत ही बारीकी से पिरोया है।



कौन हैं जितेंद्र कुमार सोनी

डॉ. जितेंद्र कुमार सोनी 2010 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। वे वर्तमान में जयपुर के कलेक्टर हैं। सोनी प्रशासनिक गलियारों में नवाचारों के लिए जाने जाते हैं। जालौर, नागौर, झालावाड़ और अलवर में कलेक्टर रहते हुए उन्होंने कई जन-कल्याणकारी योजनाएं शुरू कीं।



जालौर में 'चरण पादुका' अभियान (गरीब बच्चों को जूते उपलब्ध कराना) और नागौर में 'रास्ता खोलो' अभियान जैसी उनकी पहलों की राष्ट्रीय स्तर पर सराहना हुई है। उन्हें 'ई-गवर्नेंस' के लिए नेशनल अवार्ड भी मिल चुका है।



लेखक के रूप में जितेंद्र कुमार सोनी

मूल रूप से हनुमानगढ़ जिले के रहने वाले जितेंद्र कुमार सोनी की दिलचस्पी साहित्य में भी है। वे राजस्थानी भाषा में लिखते हैं। उनकी लेखन शैली की विशेषता यह है कि वे अपनी कहानियों में स्थानीय मुहावरों और ठेट राजस्थानी शब्दों का भरपूर उपयोग करते हैं। इससे पाठक खुद को उसी परिवेश का हिस्सा महसूस करने लगता है। इससे पहले भी उनकी कई कृतियां जैसे 'रणखार' (कविता संग्रह), यादवरी और रेगमाल चर्चा में रही हैं।



क्या मिलेगा पुरस्कार में

साहित्य अकादमी पुरस्कार के तहत विजेताओं को तांबे की उत्कीर्ण पट्टिका (कॉपर प्लाक), एक शॉल और 1 लाख रुपये की नकद पुरस्कार राशि दी जाएगी।



31 मार्च को होगा सम्मान समारोह

साहित्य अकादमी के अनुसार सभी विजेताओं को 31 मार्च 2026 को नई दिल्ली में आयोजित समारोह में सम्मानित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में देशभर के लेखक, साहित्यकार और सांस्कृतिक जगत की प्रमुख हस्तियां मौजूद रहेंगी। साहित्य अकादमी पुरस्कार को भारतीय भाषाओं के साहित्य में उत्कृष्ट योगदान देने वाले लेखकों के लिए देश का एक प्रतिष्ठित सम्मान माना जाता है।



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