पूर्व मंत्री का सहयोगी संजय बड़ाया गिरफ्तार, जल जीवन मिशन घोटाले का रहा मुख्य सूत्रधार
News In Short
- जल जीवन मिशन घोटाले में पूर्व मंत्री महेश जोशी का करीबी संजय बड़ाया गिरफ्तार।
- पूर्व मंत्री महेश जोशी पहले से गिरफ्तार, कोर्ट ने 19 मई तक न्यायिक हिरासत में भेजा।
- संजय बड़ाया को थाईलैंड से स्वदेश लौटने पर रात करीब दो बजे दिल्ली एयरपोर्ट से पकड़ा।
- बड़ाया पर टेंडरों में गड़बड़ी, ट्रांसफर-पोस्टिंग और अवैध लेनदेन में संलिप्त होने का आरोप
- 7 लाख सालाना की नौकरी करने वाला संजय जेजेएम घोटाले से बन गया करोड़पति।
News In Detail
Jaipur: राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने 900 करोड़ के चर्चित जल जीवन मिशन घोटाले में पूर्व जलदाय मंत्री महेश जोशी के करीबी संजय बड़ाया को गिरफ्तार कर लिया है। एसीबी ने रविवार रात करीब दो बजे बड़ाया को थाईलैंड से स्वदेश लौटने पर दिल्ली एयरपोर्ट से पकड़ा। बड़ाया थाईलैंड में शादी समारोह में शामिल होने के बाद भारत लौटा था।
एसीबी ने महेश जोशी को रिमांड अवधि समाप्त होने पर और बड़ाया को रिमांड लेने के लिए अदालत में पेश किया। एसीबी ने दोनों का पांच दिन का रिमांड मांगा। लेकिन कोर्ट ने जोशी को 19 मई तक न्यायिक हिरासत में और संजय बड़ाया को 13 मई तक तीन दिन के लिए एसीबी को रिमांड पर सौंपा है।
महेश जोशी को 7 मई को गिरफ्तार किया गया था। इससे पहले 9 अप्रैल को तत्कालीन एसीएस सुबोध अग्रवाल की भी गिरफ्तारी हो चुकी है और फिलहाल वह जेल में हैं।
लुक आउट नोटिस था जारी
संजय बड़ाया थाईलैंड में हुई एक शादी में शामिल होकर भारत लौटा था। दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचते ही ब्यूरो इमीग्रेशन ने तुरंत एसीबी को सूचना दी। इसके बाद रात करीब 2 बजे एसीबी टीम ने उसे हिरासत में ले लिया। उसके खिलाफ पहले से ही 10 मई को लुक आउट नोटिस जारी किया था। मामले में 3 आरोपी अभी भी फरार चल रहे हैं।
पूर्व आईएएस सुबोध अग्रवाल का भी करीबी
एसीबी के अनुसार संजय बड़ाया पूर्व मंत्री महेश जोशी के साथ ही रिटायर्ड आईएएस सुबोध अग्रवाल का भी करीबी है।
एसीबी का कहना है कि बड़ाया ही पैसों के लेन-देन, ट्रांसफर-पोस्टिंग, नए लोगों को जोड़ने और टेंडरों में कथित गड़बड़ियों के काम में सक्रिय भूमिका निभाता था।
ईडी भी कर चुकी है गिरफ्तार
बड़ाया जयपुर के बनीपार्क क्षेत्र का रहने वाला है। ईडी ने उसे 16 जुलाई 2024 को गिरफ्तार किया था। 17 दिसंबर 2024 को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने पर वह बाहर आया था। बड़ाया वर्ष 2022 तक एक इंश्योरेंस कंपनी में करीब सात लाख रुपए सालाना वेतन की नौकरी करता था। लेकिन जेजेएम घोटाले की बदौलत वह कुछ ही समय में करोड़पति बन गया।
बड़ाया की चम्त्कारेवर बिल्डर एंड डवलेपर नाम से कंपनी है। जांच ऐजेंसी के अनुसार उसने कुछ ही समय में जयपुर में जमीनों करोड़ों रुपयों का कारोबार किया और उसने सरकारी जमीन पर भी कब्जे करने की कोशिश भी की।
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