चित्तौड़गढ़ के सांवलिया सेठ मंदिर में एक महीने में आया ₹41.67 करोड़ का चढ़ावा, टूट गए दान के सभी पुराने रिकॉर्ड

Jageshwar prasad | Apr 25, 2026, 13:28 IST
Photograph: (the sootr)
चित्तौड़गढ़ के श्री सांवलिया सेठ मंदिर में एक महीने में ₹41.67 करोड़ का चढ़ावा आया, जो अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड है। भक्तों ने नकद, सोना और चांदी अर्पित की। मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था में भी बदलाव किए गए हैं।

News In Short

  • सांवलिया सेठ मंदिर में चढ़ावे का नया रिकॉर्ड बना, अप्रैल 2025 का रिकॉर्ड टूटा।
  • सांवलिया सेठ मंदिर ने एक महीने में ₹41.67 करोड़ का चढ़ावा प्राप्त किया।
  • ₹33.21 करोड़ नकद, ₹8.45 करोड़ ऑनलाइन और ₹3 करोड़ का सोना-चांदी मिला।
  • भक्तों की भारी भीड़ के कारण दर्शन की व्यवस्था में भी बदलाव किया गया।
  • श्री सांवलिया सेठ को व्यापारियों द्वारा 'व्यापार का साझीदार' माना जाता है।

News In Detail

Chittorgarh: कहते हैं कि सांवलिया सेठ के दरबार से कोई खाली हाथ नहीं जाता, लेकिन इस बार भक्तों ने भी अपने सांवलिया सरकार को दिल खोलकर दान दिया है। चित्तौड़गढ़ स्थित कृष्ण धाम श्रीसांवलिया सेठ मंदिर के भंडार (दानपात्र) ने इस बार दान प्राप्ति के मामले में अब तक के सारे कीर्तिमानों को पीछे छोड़ दिया है। मात्र एक महीने के भीतर मंदिर को 41.67 करोड़ रुपए से अधिक का चढ़ावा प्राप्त हुआ है।



7 राउंड में पूरे हुए 41 करोड़

एडीएम और मंदिर मंडल की सीईओ प्रभा गौतम ने बताया कि 16 अप्रैल को चतुर्दशी के दिन दान भंडारखुला। हमने पूरी सात राउंड की गिनती की। भंडार से अकेले 33.21 करोड़, भेंटकक्ष और ऑनलाइन से 8.45 करोड़ और करीब 3 करोड़ का सोना-चांदी का कीमती उपहार मिला। यह एक महीने के लिहाज से अब तक का सबसे बड़ा दान है। इससे पहले अप्रैल 2025 में 25 करोड़ का रिकॉर्ड बना था, जिसे इस बार भक्तों ने लगभग दोगुना कर दिया है।



भंडार से नकद: ₹33.21 करोड़ (सिर्फ दानपात्र से निकले)।



ऑनलाइन और भेंटकक्ष: ₹8.45 करोड़ (डिजिटल इंडिया का असर)।



सोना-चांदी: करीब 1 करोड़ का सोना (660 ग्राम) और 2 करोड़ की चांदी (84 किलो) भी भक्तों ने अर्पित की।



अब खाली हाथ होंगे सांवरिया के दर्शन

आस्था की इस भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने एक बड़ा और कड़ा फैसला लिया है। शनिवार, 25 अप्रैल से मंदिर में दर्शन की व्यवस्था पूरी तरह बदल गई है। अब श्रद्धालु मंदिर के भीतर भोग, छप्पन भोग, मोरपंख या गुलाब की डालियां लेकर प्रवेश नहीं कर सकेंगे। यदि कोई भक्त भेंट देना चाहता है, तो वह केवल नकद राशि या सोना-चांदी ही भंडार में डाल सकेगा।



मंदिर मंडल अध्यक्ष हजारीदास वैष्णव के अनुसार, बढ़ती भीड़ के कारण सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए भक्तों को अब खाली हाथ ही गर्भगृह तक जाना होगा।



गिनती का पूरा लेखा-जोखा

दान की राशि इतनी विशाल थी कि पहले ही दिन (16 अप्रैल) ₹11.11 करोड़ की गिनती हुई। इसके बाद लगातार कई दिनों तक बैंक कर्मियों और मंदिर स्टाफ ने नोटों को लगातार गिना। यहाँ तक कि विदेशी मुद्रा और बड़ी संख्या में चेक भी प्राप्त हुए हैं, जिनकी गणना अभी जारी है।



हालांकि नवंबर 2025 में ₹51 करोड़ का दान मिला था, लेकिन वह दो महीने का संयुक्त चढ़ावा था। यदि केवल एक महीने की बात करें, तो यह ₹41.67 करोड़ की राशि अब तक के इतिहास में ऑल टाइम हाई रिकॉर्ड है।



श्रीसांवलिया सेठ हैं व्यापार के साझीदार

श्रीसांवलिया सेठ को 'व्यापार का साझीदार' माना जाता है। मेवाड़ और मालवा क्षेत्र के व्यापारियों के बीच यह परंपरा सदियों से चली आ रही है। कई व्यापारी अपने व्यापार के लाभ का एक निश्चित हिस्सा (जैसे 2%, 5%, या 10%) सांवलिया सेठ के नाम निकालते हैं। इसे "सेठ का हिस्सा" कहा जाता है।



व्यापारियों का मानना है कि जब भगवान स्वयं उनके व्यापार में पार्टनर बन जाते हैं, तो घाटा होने की गुंजाइश नहीं रहती। यही कारण है कि मेवाड़ का यह दरबार अब देश के सबसे अमीर मंदिरों की सूची में अपनी जगह और मजबूत कर रहा है।



ये भी पढ़ें:-

अलवर में स्कूल जा रही छात्रा का अपहरण कर सामूहिक दुष्कर्म, आक्रोशित ग्रामीणों ने फूंकी आरोपियों की गाड़ी



नीमराना औद्योगिक क्षेत्र में बड़ा भीषण अग्नि कांड, 4 लोग जिंदा जले, 2 लापता



IPL मैच के टिकटों को लेकर तोड़फोड़, राजस्थान रॉयल्स के फाड़े पोस्टर, पुलिस ने युवाओं पर चलाई लाठियां



राघव चड्ढा पर बोले गहलोत- पहले भ्रष्टाचार के आरोप लगाओ, फिर भाजपा में आते ही केस खत्म



Tags:
  • सांवलिया सेठ मंदिर
  • चित्तौड़गढ़
  • श्रीसांवलिया सेठ मंदिर
  • दान भंडार
  • चढ़ावे का नया रिकॉर्ड