भक्त की अनूठी श्रद्धा, सांवलिया सेठ को अर्पित किया चांदी का साफा

Ashish Bhardwaj | Jul 26, 2026, 20:27 IST
आस्था की अनूठी मिसाल
महाराष्ट्र के अहिल्यानगर निवासी विशाल फुलडाळे ने राजस्थान के सांवलिया सेठ मंदिर में चंडी का साफा चढ़ाया। उन्होंने परिवार के संग चित्तौड़गढ़ पहुंचकर उन्होंने यह साफा भगवान को अर्पित किया।

समझें क्या है पूरा मामला

  • महाराष्ट्र के भक्त ने श्रीसांवलिया सेठ मंदिर को चांदी का साफा चढ़ाया।
  • विशाल फुलडाळे ने गुल्लक में पैसे जोड़कर पूरा किया संकल्प।
  • सवा पाव चांदी के साफे पर चढ़ाया गया सोने का पानी।
  • परिवार के साथ चित्तौड़गढ़ मंदिर पहुंचकर अर्पित की भेंट।
  • भक्त ने मंदिर में दिखाई पारंपरिक साफा बांधने की कला।

राजस्थान के सुप्रसिद्ध कृष्ण धाम श्री सांवलियाजी मंदिर में एक बार फिर भक्ति और श्रद्धा की अनूठी मिसाल सामने आई है। यहां महाराष्ट्र से आए एक भक्त ने अपनी मेहनत की कमाई से जोड़े गए पैसों से भगवान सांवलिया सेठ के प्रति अपनी अटूट आस्था प्रकट की। महाराष्ट्र के अहिल्यानगर निवासी विशाल सुरेशजी फुलडाळे ने रोजाना जोड़े गए पैसों से चांदी का एक भव्य साफा तैयार करवाकर भगवान को अर्पित किया।



वे परिवार और मित्रों के साथ चित्तौड़गढ़ स्थित मंदिर पहुंचे। मंदिर में उन्होंने साफा अर्पित करने के साथ फेटा बांधने की कला भी दिखाई।



गुल्लक में जोड़े पैसे, बनवाया साफा

विशाल सुरेशजी फुलडाळे ने भगवान के प्रति अपनी अनन्य श्रद्धा दिखाते हुए एक खास संकल्प लिया था। उन्होंने अपने घर में "शेठ के" नाम से एक गुल्लक बनाई और उसमें रोजाना नियमित रूप से पैसे जमा करना शुरू किया।



जब गुल्लक में पर्याप्त राशि जमा हो गई, तो उन्होंने उन पैसों से भगवान सांवलिया सेठ के लिए सवा पाव वजन का एक बेहद खूबसूरत चांदी का साफा तैयार करवाया। इस साफे की भव्यता बढ़ाने के लिए इस पर आकर्षक सोने का पानी भी चढ़वाया गया।



परिवार के साथ पहुंचे मंदिर

श्रद्धालु विशाल ने बताया कि उनका मुख्य व्यवसाय पारंपरिक फेटा यानी साफा बांधने का ही है। चूंकि वे इसी काम से जुड़े हैं, इसलिए उनके पूरे परिवार ने मिलकर यह तय किया कि ठाकुर जी को भी चांदी का एक सुंदर साफा भेंट किया जाए।



इसी संकल्प को पूरा करने के लिए विशाल रविवार को अपने परिवार और मित्रों के साथ चित्तौड़गढ़ स्थित सांवलियाजी मंदिर पहुंचे।



सांवरिया सेठ मंदिर




मंदिर में अर्पित किया साफा, दिखाई कला

सांवलियाजी मंदिर पहुंचने के बाद विशाल और उनके साथियों ने मंदिर कार्यालय के भेंट कक्ष में जाकर भगवान के चरणों में यह साफा अर्पित किया।



इस दौरान भेंट कक्ष में एक खास आकर्षण भी देखने को मिला। विशाल ने पारंपरिक फेटा-साफा बांधने की अपनी कला का प्रदर्शन किया। उन्होंने वहां मौजूद भक्तों, मंदिर के कर्मचारियों और मान्यवरों को बेहद खूबसूरत और पारंपरिक तरीके से फेटा और साफा बांधकर सम्मानित किया।



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