विधानसभा हार का दर्द फिर छलका, पूनिया महामंत्री बनते ही बोले- हरियाणा ने बदली राह
समझें क्या है पूरा मामला
- सतीश पूनिया को भाजपा ने राष्ट्रीय महामंत्री बनाया है।
- वे राजस्थान के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और वर्तमान में राज्यसभा सांसद हैं।
- उन्होंने 2023 विधानसभा हार पर भी खुलकर बात की।
- 2024 हरियाणा चुनाव को उन्होंने अपने लिए टर्निंग पॉइंट बताया।
- पूनिया ने बतौर राष्ट्रीय महामंत्री अपनी प्राथमिकताएं भी साझा कीं।
राजस्थान के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और वर्तमान में राज्यसभा सांसद सतीश पूनिया को भाजपा में राष्ट्रीय महामंत्री बनाया गया है। नई जिम्मेदारी मिलने के बाद पूनिया ने कहा कि पार्टी ने जब भी जो रोल दिया है, उन्होंने उसे पूरी शिद्दत से निभाने की कोशिश की है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय महामंत्री के तौर पर भी उनका लक्ष्य पार्टी के निर्देशों को पूरा करना और सकारात्मक परिणाम देना रहेगा।
राजस्थान विधानसभा चुनाव हार से पूनिया थे निराश
राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 में मिली हार पर पूनिया ने कहा कि वे भी इंसान हैं, इसलिए कुछ पलों के लिए उन्हें भी निराशा हुई थी। उन्होंने खुद को भावुक व्यक्ति बताया, लेकिन कहा कि राजनीति और पार्टी में संयम का बहुत बड़ी जगह है।
हरियाणा चुनाव के दौरान थे भाजपा प्रभारी
हरियाणा विधानसभा चुनाव पर सतीश पूनिया ने कहा कि वहां काम करने के दौरान उन्हें काफी कुछ सीखने का मौका मिला। उन्होंने कहा कि चुनावी राजनीति में हार-जीत होती रहती है, लेकिन निराशा स्थाई नहीं होती।
उन्होंने बताया कि जब वे हरियाणा गए थे तो उन्हें लगा कि पार्टी वहां सत्ता में वापसी कर सकती है। केंद्रीय नेतृत्व के आशीर्वाद से एक अच्छी टीम बनी और उस टीम के साथ काम करते हुए उन्हें काफी कुछ सीखने को मिला। उन्होंने हरियाणा को अपने लिए टर्निंग पॉइंट बताया।
राजस्थान के लिए क्या रहेगी भूमिका?
पूर्व भाजपा अध्यक्ष पूनिया ने राजस्थान में संगठन मजबूत करने को लेकर कहा कि वे प्रदेश के मुद्दों को राज्यसभा के जरिए केंद्र सरकार तक पहुंचाते रहेंगे। उन्होंने कहा कि वे राजस्थान से हैं और अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत भी यहीं से की है।
उन्होंने कहा कि राज्यसभा सदस्य के तौर पर राजस्थान की जनता के लिए जो बेहतर कर पाएंगे, वह हमेशा करते रहेंगे। साथ ही राष्ट्रीय महामंत्री के तौर पर प्रदेश इकाई की उम्मीदों को भी पूरा करने की कोशिश करेंगे।
छात्र राजनीति से शुरू हुआ सफर
सतीश पूनिया ने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत 1982 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से की थी। इसके बाद वे भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) में सक्रिय रहे और संगठन में कई जिम्मेदारियां संभालीं।
पूनिया प्रदेश अध्यक्ष से राष्ट्रीय महामंत्री के पद तक पहुंचे
सितंबर 2019 में पूनिया को राजस्थान भाजपा की कमान मिली थी। मार्च 2023 तक वे प्रदेश अध्यक्ष रहे। इससे पहले 2018 में वे आमेर सीट से विधायक चुने गए थे और उन्हें उपनेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी भी मिली थी।
जुलाई 2024 में भाजपा ने उन्हें हरियाणा का चुनाव प्रभारी बनाया। इसके बाद 2026 में वे राजस्थान से राज्यसभा सांसद बने। अब भाजपा की नई केंद्रीय टीम में उन्हें राष्ट्रीय महामंत्री बनाया गया है।
FAQ
- सतीश पूनिया को भाजपा में क्या नई जिम्मेदारी मिली है?
उन्हें भाजपा का राष्ट्रीय महामंत्री बनाया गया है। इससे पहले वे राजस्थान भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके। वे फिलहाल राजस्थान से राज्यसभा सांसद भी हैं। - पूनिया ने 2023 में राजस्थान विधानसभा चुनाव की हार पर क्या कहा?
उन्होंने कहा कि कुछ क्षणों के लिए उन्हें निराशा हुई थी क्योंकि वे भावुक व्यक्ति हैं। लेकिन उन्होंने कहा कि राजनीति में संयम का बड़ा स्थान है। - सतीश पूनिया ने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत कब की?
उन्होंने 1982 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से राजनीतिक सफर शुरू किया। इसके बाद वे भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) में सक्रिय रहे। 2018 में वे आमेर सीट से विधायक चुने गए थे।
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