पांच होटल बदल लिए, पुलिस पीछे भाग रही, शकुंतला रावत का डोटासरा को मैसेज
समझें क्या है पूरा मामला
- बानसूर में निकाय बोर्ड प्रक्रिया के बीच सियासी हलचल।
- शकुंतला रावत की पीड़ा, डोटासरा को किया मैसेज।
- चेयरमैन बनाने में पुलिस का दबाव का आरोप।
- मैसेज में कहा 5 होटल बदल लिए, पुलिस पीछे पड़ी है।
- कहा - खुद के चुनाव में इतना परेशान नहीं हुए।
राजस्थान में निकाय चुनाव के बाद बोर्ड बनाने की कवायद तेज है। इसी बीच पूर्व मंत्री शकुंतला रावत की पीड़ा सामने आई है। उन्होंने पुलिस दबाव का आरोप लगाया है। पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा को मैसेज भेजा है।
नगरीय निकाय चुनाव में बानसूर से 12 कांग्रेस के पार्षद जीते हैं। शकुंतला रावत वहां चेयरमैन बनाने की कोशिश में जुटी हैं। आरोप है कि पुलिस उनके पार्षदों के पीछे पड़ी है।
शकुंतला रावत ने डोटासरा को मैसेज में लिखा है। पांच तो होटल बदल लिए हैं। पुलिस पीछे-पीछे भाग रही है। खुद के चुनाव में भी इतना परेशान नहीं हुए। जितना अब पालिका चेयरमैन बनाने में हो रहे हैं।
इस मैसेज के बाद सियासी हलचल मच गई है। कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर सत्ता के दुरुपयोग का आरोप लगाया है।
पांच होटल बदलने पड़े
पूर्व मंत्री शकुंतला रावत कांग्रेस के पार्षदों को संभाल रही हैं। बानसूर नगर पालिका में बोर्ड बनाने के लिए बाड़ेबंदी की गई है। आरोप है कि पुलिस बाड़ेबंदी वाली जगहों पर दबिश दे रही है।
रावत ने कहा कि पार्षदों को बचाने के लिए पांच बार होटल बदलना पड़ा। पुलिस लगातार पीछा कर रही है। गाड़ियां लगाई जा रही हैं। पार्षदों को डराया जा रहा है। यह लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है।
खुद के चुनाव से ज्यादा परेशानी
शकुंतला रावत ने अपने मैसेज में दर्द बयां किया है। उन्होंने कहा कि अपने खुद के विधायक चुनाव में भी इतना परेशान नहीं हुए। जितना अब चेयरमैन बनाने में हो रहे हैं। यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
कांग्रेस ने कहा है कि सरकार पुलिस का गलत इस्तेमाल कर रही है। निर्दलीय और कांग्रेस पार्षदों को तोड़ने की कोशिश हो रही है।
पहले भी बोली थीं रावत
कुछ दिन पहले शकुंतला रावत ने एक बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि पूरे राजस्थान में कांग्रेस को बढ़त मिली है। लेकिन भाजपा सरकार सत्ता और प्रशासन का दुरुपयोग कर रही है। यह शर्म की बात है।
उन्होंने कहा था कि कैंडिडेट्स को दबाव में लिया जा रहा है। गाड़ियां लगाई जा रही हैं। ईमानदारी से चुनाव हो तो कांग्रेस के ही ज्यादा चेयरमैन बनेंगे।
तीन दिन प्रचार, 13 दिन कैंपिंग
शकुंतला रावत ने चुनाव प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि प्रचार के लिए सिर्फ तीन दिन मिले। लेकिन चेयरमैन चुनाव के लिए 13 दिन का कैंपिंग टाइम दिया गया। ऐसा इतिहास में कभी नहीं हुआ।
पहले वोटिंग के एक-दो दिन बाद रिजल्ट आता था। एक दिन बाद चेयरमैन बन जाता था। फिर वाइस चेयरमैन बनता था। लेकिन इस बार 21 तारीख तक का समय दिया गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि इतने दिन पार्षद बैठकर क्या करेंगे।
उनका आरोप था कि लंबा समय इसलिए दिया गया है। ताकि सत्ता का दुरुपयोग करके बोर्ड बनाए जा सकें। पार्षदों को उठाकर और दबाव बनाकर बोर्ड अपने पक्ष में किया जाए।
बानसूर में क्या है स्थिति?
बानसूर शकुंतला रावत का गृह क्षेत्र है। यहां निकाय चुनाव में 17 सीटों पर जीत के साथ निर्दलीय सबसे बड़े समूह के रूप में उभरे हैं। कांग्रेस ने भी 12 सीटें हासिल की हैं, जबकि भाजपा केवल 6 सीटों पर सिमट गई है। यहां निर्दलीय पार्षद निर्णायक भूमिका में हैं। इसलिए दोनों पार्टियां पार्षदों को साधने में लगी हैं।
कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा पुलिस और प्रशासन के जरिए निर्दलीयों को अपने पक्ष में कर रही है। भाजपा इन आरोपों को खारिज करती रही है।
सियासी हलचल तेज
शकुंतला रावत के मैसेज के बाद कांग्रेस में हलचल है। PCC चीफ गोविंद डोटासरा को पूरे मामले की जानकारी दी गई है। कांग्रेस ने कहा है कि अगर पार्षदों को परेशान किया गया तो आंदोलन होगा।
इससे पहले पूर्व सीएम अशोक गहलोत भी इसी तरह के आरोप लगा चुके हैं। उन्होंने कहा था कि पार्षदों को 2-2 करोड़ का ऑफर दिया जा रहा है।
ये भी पढ़ें:-
अजमेर मेयर चुनाव: क्या खारिज होगा कांग्रेस प्रत्याशी का नामांकन? जानिए पूरा सच
भीलवाड़ा नगर निगम: भाजपा की जसवंत कंवर निर्विरोध निर्वाचित, बनीं नई महापौर
निकाय चनाव: विधायकों की मनमर्जी पर कांग्रेस का अंकुश, बदला टिकट वितरण पैटर्न
जयपुर निगम चुनाव, कैंडिडेट की सुविधा के लिए 15 केंद्रों पर खुलेंगे नामांकन ऑफिस