गहलोत पर शेखावत का पलटवार, बोले- फकीरी का लबादा ओढ़ भ्रष्ट आचरण करते हैं ये ढोंगी लोग
मनीष गोधा, JaAIPUR. राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत के फकीरी वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि आपने देश दुनिया में कभी किसी फकीर को यह कहते हुए नहीं सुना होगा कि मैं बड़ा फकीर। लेकिन यह ढोंगी लोग, फकीरी का लाबादा ओढ़कर भ्रष्ट आचरण और व्यवहार करते हैं।
' मॉरिशस के रूट से होकर पैसा उनके खातों में आया '
जयपुर में प्रेस से बात करते हुए गजेन्द्र सिंह ने कहा कि जब सीएम ने अपने पास एक इंच जमीन नहीं होने के बात कही थी, उस समय भी मुझे पता था कि वो अपने फ्लैट के बारे में भूल गए हैं। इसके अलावा भूल गए होंगे कि मॉरिशस के रूट से होकर पैसा कैसे आया। कहां निवेश हुआ और फिर वापस उनके और उनके बेटे के खातों में पहुंचा।
जयपुर में मीडिया से चर्चा करते केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत।
सीएम गहलोत ने जोधपुर में यह दिया बयान
सीएम अशोक गहलोत ने कहा था कि जोधपुर वाले गवाह हैं, यहां के लोग बचपन से ही मेरी फकीरी को देख चुके हैं। 40 साल से सर्किट हाउस में रुक रहा हूं। जो फ्लैट एमपी और एमएलए सभी के पास होते हैं वो मेरे पास भी है, जो रहने लायक नहीं है।
टिकट तय करना पार्टी काम- शेखावत
केंद्रीय मंत्री शेखावत ने सरदारपुरा से सीएम गहलोत के सामने चुनाव लड़ने के सवाल पर कहा कि यह तय करना पार्टी का काम है। मैं जिस पार्टी से आता हूं, वहां यह परम्परा नहीं है कि कार्यकर्ता यह तय करें कि उसे कहां से चुनाव लड़ना है। उन्होंने कहा कि मैं जिस परिवार से आता हूं, वहां अगर मेरा संगठन यह तय करता है कि मुझे राजनीति के अलावा किसी अन्य क्षेत्र में काम करना है, तो मैं उसके लिए भी तैयार हूं।
' व्यास के सम्मान में पार्टी ने कोई कमी नहीं छोड़ी '
सूरसागर विधानसभा से सूर्यकांता व्यास का टिकट कटने के सवाल पर शेखावत ने कहा कि पार्टी में उम्र की एक सीमा हैं। सूर्यकांता व्यास के सम्मान में पार्टी ने कोई कमी नहीं रखी हैं और उन्होंने भी देवेन्द्र जोशी को टिकट देने का स्वागत किया हैं। उन्होंने कहा कि सूर्यकांता व्यास ने पार्टी को 45 साल दिए हैं। जोधपुर शहर और सूरसागर विधानसभा क्षेत्र में हम उन्हीं के नेतृत्व में चुनाव लड़ेंगे। दरअसल आज जोधपुर में सीएम अशोक गहलोत ने कहा था कि जिसने भी मेरी तारीफ की। उन्हें बीजेपी ने सजा दी है।
' गहलोत सरकार तुष्टीकरण की नीति अपना रही '
उन्होंने कहा कि बड़े दुखी और द्रवित मन से कहना पड़ रहा है कि बीते पांच साल में गहलोत सरकार की तुष्टीकरण की नीति के चलते एक दर्जन से अधिक पुजारियों और संतों की हत्या हो चुकी है, लेकिन प्रदेश कांग्रेस सरकार ने इन संतों और पुजारियों को कोई मुआवजा और आर्थिक सहायता देने का काम नहीं किया, लेकिन जयपुर में रोडरेज की घटना में एक युवक की मौत के महज एक घंटे में सरकार ने 50 लाख के मुआवजे की घोषणा कर दी। इस सरकार का एजेंडा केवल अपने वोट बैंक को साधने का है, और समाज को बांटकर एक समुदाय विशेष को खुश करने का है।