श्रीविजयनगर में काउंटिंग पर हाई कोर्ट की रोक, 3 पार्षदों के अपहरण का आरोप
समझें क्या है पूरा मामला
- श्रीविजयनगर पालिका चुनाव का परिणाम रुका।
- पार्षदों पर फायरिंग और अपहरण के बाद फैसला।
- हाई कोर्ट ने अवकाश के दिन की सुनवाई।
- परिणाम अंतिम फैसले के अधीन रहेगा।
- अगली सुनवाई 28 सितंबर को होगी।
श्रीगंगानगर। श्रीविजयनगर नगर पालिका अध्यक्ष पद के चुनाव के दौरान सोमवार को उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया, जब कांग्रेस के तीन पार्षदों को बीच रास्ते से कथित तौर पर उठाकर ले जाने और रास्ते में फायरिंग किए जाने की सूचना सामने आई।
मामले ने तूल पकड़ा तो राजस्थान हाई कोर्ट ने विशेष सुनवाई कर मतगणना और परिणाम घोषित करने पर रोक लगा दी।
घटनाक्रम के अनुसार कांग्रेस के पार्षद रायसिंहनगर से श्रीविजयनगर की ओर आ रहे थे। इसी दौरान श्रीविजयनगर-बाजूवाला रोड पर नर्सरी के पास उन्हें रोकने और कुछ पार्षदों को जबरन ले जाने की सूचना सामने आई। परिजनों और कांग्रेस समर्थकों ने तीन पार्षदों को उठाकर ले जाने का आरोप लगाया है।
जिन पार्षदों के लापता होने की शिकायत की गई है, उनमें वार्ड नंबर 13 के निर्दलीय पार्षद विजय कुमार, वार्ड नंबर 20 के कांग्रेस पार्षद मंगतराम और वार्ड नंबर 21 के कांग्रेस पार्षद प्यारेलाल शामिल हैं। परिजन श्रीविजयनगर थाने पहुंचे और मामले में मुकदमा दर्ज करने के लिए पुलिस को प्रार्थना पत्र सौंपा। अभी तक तीनों पार्षदों का पता नहीं चल पाया है।
फायरिंग की सूचना से बढ़ा तनाव
घटना को लेकर फायरिंग की सूचना भी सामने आई। कुछ लोगों ने राजेंद्र लेघा समर्थकों पर फायरिंग का आरोप लगाया है। हालांकि, पुलिस अधिकारियों ने अभी तक फायरिंग की पुष्टि नहीं की है।
घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल होने की बात सामने आई है। पुलिस वीडियो समेत अन्य तथ्यों की जांच कर रही है।
विवाद के बाद बैरिकेडिंग के पास बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। कुछ लोगों ने बैरिकेडिंग तोड़ने का प्रयास किया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने मोर्चा संभाला और हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को पीछे हटाया। इस दौरान एक पुलिसकर्मी के सिर पर चोट लगने की भी सूचना है। मौके पर अतिरिक्त पुलिस जाप्ता तैनात किया गया है।
हाई कोर्ट ने विशेष सुनवाई में रोका परिणाम
कांग्रेस खेमे की ओर से याचिका दायर करने के बाद हाई कोर्ट ने विशेष सुनवाई की और श्रीविजयनगर नगर पालिका अध्यक्ष चुनाव की काउंटिंग और परिणाम घोषित करने पर स्टे लगा दिया। अदालत ने प्रशासन से जवाब तलब किया है कि पार्षद कहां हैं और सुरक्षा व्यवस्था क्या है।
गौरतलब है कि राजस्थान में 273 निकायों में अध्यक्ष चुनाव 21 सितंबर को हुए। 252 नगर पालिकाओं में से 32 पर निर्विरोध निर्वाचन हो चुका था, जिनमें 30 पर भाजपा और 2 पर कांग्रेस जीती थी। शेष पालिकाओं में हंग बोर्ड की स्थिति के चलते बाड़ेबंदी तक करनी पड़ी थी।
ये भी पढ़ें:-
अजमेर मेयर चुनाव: क्या खारिज होगा कांग्रेस प्रत्याशी का नामांकन? जानिए पूरा सच
भीलवाड़ा नगर निगम: भाजपा की जसवंत कंवर निर्विरोध निर्वाचित, बनीं नई महापौर
निकाय चनाव: विधायकों की मनमर्जी पर कांग्रेस का अंकुश, बदला टिकट वितरण पैटर्न
जयपुर निगम चुनाव, कैंडिडेट की सुविधा के लिए 15 केंद्रों पर खुलेंगे नामांकन ऑफिस